facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

₹1,300 करोड़ की बड़ी डील! Infosys खरीदेगी इस ऑस्ट्रेलियाई टेलीकॉम कंपनी में 75% हिस्सेदारी

Advertisement

Infosys acquisition: टेल्स्ट्रा की सहायक कंपनी वर्सेंट ग्रुप में बहुमत हिस्सेदारी खरीदकर इन्फोसिस एआई, क्लाउड और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन सेवाओं को करेगी और मजबूत

Last Updated- August 14, 2025 | 8:56 AM IST
Infosys

देश की दूसरी सबसे बड़ी आईटी सर्विसेज कंपनी इंफोसिस ने ऑस्ट्रेलिया की टेलीकॉम और टेक्नोलॉजी कंपनी टेल्स्ट्रा के साथ एक जॉइंट वेंचर का ऐलान किया है, जिसका मकसद एडवांस्ड AI क्षमताओं को मजबूत करना है। इस साझेदारी के तहत, इंफोसिस टेल्स्ट्रा की 100% सब्सिडियरी वर्सेंट ग्रुप में 75% हिस्सेदारी 153 मिलियन डॉलर (करीब ₹1,300 करोड़) में खरीदेगी। डील के बाद टेल्स्ट्रा के पास सिर्फ 25% हिस्सेदारी बचेगी और इंफोसिस को वर्सेंट ग्रुप का पूरा ऑपरेशनल कंट्रोल मिल जाएगा।

कंपनी ने कहा, “13 अगस्त 2025 को हुई बोर्ड मीटिंग में फैसला लिया गया कि वर्सेंट ग्रुप में 75% हिस्सेदारी खरीदी जाएगी। यह ऑस्ट्रेलिया की बड़ी डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन सेवाएं देने वाली कंपनी है और अभी पूरी तरह टेल्स्ट्रा की है।”

इस सौदे से वर्सेंट ग्रुप की क्लाउड और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन की विशेषज्ञता, इंफोसिस की एआई, क्लाउड, डेटा और डिजिटल कंसल्टिंग सेवाओं को और बेहतर बनाएगी। कंपनी ने कहा कि इस साझेदारी में इंफोसिस टोपाज़, इंफोसिस कोबाल्ट और द मिसिंग लिंक की साइबरसिक्योरिटी तकनीक का इस्तेमाल होगा, ताकि ऑस्ट्रेलिया की कंपनियों और सरकारी संस्थानों का डिजिटल बदलाव तेज़ी से किया जा सके।

टेल्स्ट्रा के साथ इंफोसिस का पुराना रिश्ता

2024 में इंफोसिस और टेल्स्ट्रा ने कई सालों की पार्टनरशिप की थी, जिसका उद्देश्य सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट और आईटी सिस्टम को तेज़ करना और ग्राहकों का अनुभव बेहतर बनाना था। 2025 में इस पार्टनरशिप को और आगे बढ़ाया गया, ताकि नई तकनीक, लीडरशिप और टेल्स्ट्रा की “कनेक्टेड फ्यूचर 30” योजना को और मजबूती मिल सके।

इंफोसिस के Q1 नतीजे

Q1 में इंफोसिस का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 8.7% बढ़कर ₹6,921 करोड़ हो गया, जो पिछले साल इसी तिमाही में ₹6,368 करोड़ था। हालांकि तिमाही दर तिमाही आधार पर मुनाफा 1.5% घटा, जबकि राजस्व 3.3% बढ़ा। कंपनी की ऑपरेशनल आय 7.53% बढ़कर ₹42,279 करोड़ हो गई।

13 अगस्त को इंफोसिस का शेयर NSE पर 0.16% या ₹2.30 बढ़कर ₹1,426.40 पर बंद हुआ।

Advertisement
First Published - August 14, 2025 | 8:56 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement