facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

Insolvency and Bankruptcy Code: दिवाला कानून में कुछ बदलाव की तैयारी कर रही है सरकार

Advertisement
Last Updated- January 18, 2023 | 7:49 PM IST
PC jewller insolvency

केंद्र सरकार दिवाला कानून में कई बदलाव लाने की तैयारी कर रही है। इसके तहत सरकार का उद्देश्य प्रक्रिया को तेज करना और इसके पहले से निर्धारित ढांचे का दायरा बढ़ाना है।

वर्ष 2016 में अस्तित्व में आई दिवाला एवं ऋणशोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी) दबाव वाली परिसंपत्तियों का बाजार आधारित और तय समय में समाधान करना है। इस संहिता में पहले की कई संशोधन हो चुके हैं।

मंत्रालय ने बयान में कहा, ‘‘आईबीसी के कामकाज को मजबूत करने के लिए कॉरपोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया (सीआईआरपी) आवेदन दाखिल करने को लेकर संहिता में बदलाव पर विचार किया जा रहा है।

इसके अलावा संहिता में दिवाला समाधान प्रक्रिया को सुसंगत करने, समापन की प्रक्रिया को नए सिरे से बनाने और सेवाप्रदाताओं की भूमिका में बदलाव पर विचार किया जा रहा है।

अन्य बदलावों के साथ कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय ने अत्याधुनिकि इलेक्ट्रॉनिक मंच बनाने का सुझाव दिया है, जिसमें मानवीय दखल सीमित हो।

Advertisement
First Published - January 18, 2023 | 7:49 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement