बाजार में लगातार 7वें कारोबारी सेशन में चल रही गिरावट के बीच पेटीएम के शेयर में तेजी देखने को मिली। बुधवार को शेयर 395.05 रुपये के मुकाबले 400.00 रुपये के भाव पर खुला। इसके बाद शेयर 402 रुपये के भाव पर पहुंच गया।
एक नई रिपोर्ट के अनुसार- 600 रुपये के लक्ष्य मूल्य के साथ पेटीएम अपनी आउटपरफॉर्म रेटिंग बनाए रख रहे हैं। बर्नस्टीन की रिपोर्ट के मुताबिक- पेटीएम पर हुए कड़े एक्शन का असर धीमा पड़ता दिख रहा ैह। शेयरों में तेजी देखी जा रही है।
रिपोर्ट की मानें तो आरबीआई की कार्रवाई पेटीएम पेमेंट्स बैंक तक ही सीमित है। इस एक्शन का कंपनी के पूरे कारोबार पर असर होने की संभावना कम या नहीं के बराबर है।
कंपनी के पेटीएम पेमेंट बैंक के वॉलेट और फास्टैग जैसे प्रोडक्ट में गिरावट के साथ, ब्रोकरेज का अनुमान है कि पेमेंट जीएमवी में 5% की गिरावट होगी और मार्जिन पर वर्तमान में 0.09 फीसदी 0.04 फीसदी का सबसे खराब असर होगा।
Paytm के शेयरों में तेजी के पीछे हैं कई वजह
पेटीएम के शेयरों में एक बार फिर से तेजी लौट आई है। इस तेजी के पीछे एक- दो नहीं बल्कि कई वजह है। इसमें RBI द्वारा पेटीएम पेमेंट्स बैंक को 15 दिन की मोहलत देना। पेटीएम के आला अधिकारियों द्वारा हाल में दिए गए पॉजिटिव बयान शामिल है। इसके अलावा पिछले सप्ताह, ED ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक द्वारा किए गए वैश्विक ट्रांजेक्शन की जांच करने की घोषणा की थी। ED द्वारा शुरू की गई संभावित विदेशी मुद्रा उल्लंघन की जांच में किसी तरह की गड़बड़ी का पता नहीं चला है। पेटीएम ने 16 फरवरी को अपना मुख्य खाता (Nodal Account) पेटीएम पेमेंट्स बैंक (Paytm Payments Bank) से हटाकर एक्सिस बैंक (Axis Bank) में ट्रांसफर कर दिया है। हाल ही हुए इन घटनाक्रमों के कारण पेटीएम पर निवेशकों का विश्वास एक बार फिर से लौटता दिख रहा है।
बर्नस्टीन ने बढ़ाई Paytm की रेटिंग
ब्रोकरेज फर्म बर्नस्टीन ने पेटीएम को 600 रुपये प्रति शेयर के टारगेट प्राइस के साथ ‘आउटपरफॉर्म’ रेटिंग दी है। ब्रोकरेज के अनुसार, RBI की कार्रवाई मुख्य रूप से पेटीएम पेमेंट्स बैंक (PPBL) पर लागू होती है, जिसका पेटीएम के अन्य अभिन्न कार्यों को बाधित करने का कोई इरादा नहीं है। कंपनी पर प्रभाव डालने वाले नियामक उपायों के दायरे को समझने में यह अंतर महत्वपूर्ण है। इसमें कहा गया है कि व्यापारियों के परिचालन को गैर-पीपीबीएल बैंक से जोड़ना एक “प्रमुख सकारात्मक” कदम है।