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JSW Energy ₹1,728 करोड़ में टिडोंग पावर प्रोजक्ट को खरीदेगी, 150 मेगावॉट बिजली का होगा उत्पादन

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कंपनी ने नॉर्वे की Statkraft IH Holding से टिडोंग पावर जनरेशन प्राइवेट लिमिटेड को 1,728 करोड़ रुपये में खरीदने का समझौता किया है

Last Updated- September 19, 2025 | 4:46 PM IST
hydro project
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

सज्जन जिंदल की कंपनी JSW एनर्जी लिमिटेड की रिन्यूएबल यूनिट ने बड़ा अधिग्रहण करने जा रही है। कंपनी ने नॉर्वे की Statkraft IH Holding से टिडोंग पावर जनरेशन प्राइवेट लिमिटेड को 1,728 करोड़ रुपये में खरीदने का समझौता किया है। इस सौदे के साथ कंपनी हिमाचल प्रदेश में 150 मेगावॉट का नया हाइड्रो प्रोजेक्ट बनाने जा रही है। यह कदम JSW एनर्जी के क्लीन एनर्जी पोर्टफोलियो को और मजबूत करेगा।

टिडोंग वैली में बनेगा प्रोजेक्ट

यह प्रोजेक्ट किन्नौर जिले की टिडोंग वैली में बनाया जा रहा है। यह रन-ऑफ-रिवर टाइप हाइड्रो प्लांट होगा। कंपनी का अनुमान है कि यह प्रोजेक्ट अक्टूबर 2026 से बिजली उत्पादन शुरू कर देगा। इस प्रोजेक्ट की 75 मेगावॉट बिजली उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) को बेची जाएगी। इसके लिए 22 साल का कॉन्ट्रैक्ट किया गया है। गर्मी और मॉनसून के समय यह बिजली 5.57 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से दी जाएगी। बाकी 75 मेगावॉट बिजली खुले बाजार में बेची जाएगी।

Also Read: Interview: JSW के जयंत आचार्य बोले- 12% सुरक्षा शुल्क जरूरी, रूस और ASEAN से बदला व्यापार रुख

कंपनी की हाइड्रो क्षमता में इजाफा

इस अधिग्रहण के बाद JSW एनर्जी की कुल हाइड्रो पावर क्षमता 1.8 गीगावॉट तक पहुंच जाएगी। कंपनी पहले से ही देश की सबसे बड़ी प्राइवेट हाइड्रो पावर ऑपरेटर है। अभी JSW एनर्जी के पास 13.1 गीगावॉट की ऑपरेशनल क्षमता है। 12.8 गीगावॉट के प्रोजेक्ट अभी निर्माणाधीन हैं। इस तरह कंपनी के पास कुल 30.5 गीगावॉट की पक्की पावर क्षमता और 29.4 गीगावॉट ऑवर एनर्जी स्टोरेज क्षमता है।

JSW एनर्जी के जॉइंट एमडी और सीईओ शरद महेंद्र ने कहा, “यह अधिग्रहण हमें देश का सबसे बड़ा प्राइवेट हाइड्रो पावर प्लेयर बनाता है। साथ ही यह भारत की एनर्जी ट्रांजिशन की दिशा में हमारी प्रतिबद्धता को भी दिखाता है।”

उन्होंने बताया कि कंपनी को पहले से 240 मेगावॉट के कुटेहर हाइड्रो प्रोजेक्ट का अनुभव है और इसका फायदा नए प्रोजेक्ट में भी मिलेगा।

2030 तक 30 गीगावॉट तक पहुंचने का लक्ष्य

कंपनी का लक्ष्य है कि 2030 तक कुल पावर जनरेशन क्षमता को 30 गीगावॉट तक पहुंचाया जाए। इसके साथ ही 40 गीगावॉट ऑवर तक एनर्जी स्टोरेज का भी लक्ष्य रखा गया है। इसमें 70% क्षमता रिन्यूएबल सोर्स से आएगी। कंपनी ने 2050 तक कार्बन न्यूट्रल बनने का लक्ष्य तय किया है।

कंपनी ने बताया कि यह डील पूरी तरह कैश बेस्ड है। इसे 15 जनवरी 2026 तक पूरा करने की योजना है। हालांकि इसके लिए रेगुलेटरी और लेंडर की मंजूरी जरूरी होगी। शुक्रवार को JSW एनर्जी के शेयर 1.4% चढ़कर 545 रुपये प्रति शेयर पर बंद हुए।

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First Published - September 19, 2025 | 4:46 PM IST

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