facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

स्टील के संयुक्त उद्यम में JSW स्टील व पोस्को का होगा समान हिस्सा

Advertisement

जेएसडब्ल्यू-पोस्को के संयुक्त उद्यम में ओडिशा के क्योंझर में लगेगा अत्याधुनिक स्टील प्लांट

Last Updated- November 01, 2024 | 10:15 PM IST
JSW Steel Bhushan Power Acquisition Deal

स्टील के प्रस्तावित उद्यम में सज्जन जिंदल समूह की प्रमुख कंपनी जेएसडब्ल्यू स्टील और दक्षिण कोरिया की कंपनी पोस्को की समान साझेदारी होगी। जेएसडब्ल्यू समूह और पोस्को ने मंगलवार को भारत में स्टील, बैटरी सामग्री और अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग करने के लिए साझेदारी का ऐलान किया था। यह अक्षय ऊर्जा इस स्टील प्लांट के निजी उपयोग के लिए होगा।

जेएसडब्ल्यू स्टील के संयुक्त प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्य अधिकारी जयंत आचार्य ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया कि यह सहयोग दो प्रमुख स्टील उत्पादकों को एक साथ कर देगा। उन्होंने कहा, ‘जेएसडब्ल्यू स्टील और पोस्को के बीच 50:50 अनुपात वाला संयुक्त उद्यम भारत में सालाना 50 लाख टन क्षमता के स्टील प्लांट की स्थापना करेगा, जो पोस्को की तकनीकी उत्कृष्टता और हमारी परियोजना क्रियान्वयन तथा प्रबंधन क्षमताओं को एकजुट करेगा।’ आचार्य ने कहा कि स्टील उत्पादन की धुरी पूर्व की ओर स्थानांतरित हो गई है और जापान, कोरिया, भारत तथा चीन विश्व स्टील उत्पादन में 70 प्रतिशत से अधिक की हिस्सेदारी कर रहे हैं।

निवेश के बारे में आचार्य ने कहा कि रकम के संबंध में चर्चा करना अभी जल्दबाजी होगी। उन्होंने कहा, ‘अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किसी नए स्टील प्लांट के मामले में सामान्य तौर पर 10 लाख टन के लिए एक अरब डॉलर की रकम होती है। हालांकि जेएसडब्ल्यू स्टील प्रति 10 टन क्षमता पर पूंजीगत निवेश की अपनी विशिष्ट प्रतिस्पर्धी लागत के लिए जानी जाती है और यह विशेषज्ञता लागत कम करने के लिए मूल्य प्रदान करेगी।’ उन्होंने कहा कि यह बात उत्पाद-मिश्रण और प्रौद्योगिकी पर भी निर्भर करेगी।

इस स्टील उद्यम की प्रक्रिया में अगला कदम स्थान, प्रौद्योगिकी की पहचान करना और कंपनी बनाना होगा। आचार्य ने बताया, ‘अभी तक भारत के भीतर स्थान की बात निश्चित नहीं है। यह परियोजना ओडिशा या आपसी रजामंदी से तय किसी अन्य राज्य में स्थापित की जा सकती है। यह बात लौह अयस्क की निकटता, भूमि की उपलब्धता और राज्य द्वारा निवेश समर्थन जैसे कारकों द्वारा निर्धारित की जाएगी।’

जेएसडब्ल्यू स्टील ओडिशा में सालाना 1.32 करोड़ टन क्षमता वाला स्टील प्लांट लगाने की योजना पर काम कर रही, जो साल 2015 में पोस्को द्वारा अपनी विशाल परियोजना निलंबित करने से पहले उसे आवंटित किए गए भू-खंड पर है। हालांकि पोस्को के साथ स्टील प्लांट जेएसडब्ल्यू की ओडिशा वाली नई इकाई से अलग होगा, जिस पर पहले से ही काम चल रहा है।

अगर जेएसडब्ल्यू-पोस्को की स्टील परियोजना ओडिशा में आती है, तो यह दक्षिण कोरिया की स्टील क्षेत्र की इस दिग्गज कंपनी के लिए यह दूसरा मौका होगा।

ओडिशा के क्योंझर में होगा अत्याधुनिक स्टील प्लांट

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने शुक्रवार को कहा कि जेएसडब्ल्यू समूह और दक्षिण कोरियाई स्टील कंपनी पोस्को का संयुक्त उद्यम उनके गृह जिले क्योंझर में एक अत्याधुनिक स्टील प्लांट स्थापित करेगा। जेएसडब्ल्यू-पोस्को संयुक्त उद्यम के संयंत्र के लिए स्थान के चुनाव को लेकर देश भर में चल रही अटकलों के बीच माझी ने यह जानकारी दी।

Advertisement
First Published - November 1, 2024 | 10:15 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement