दवा बनाने वाली बड़ी कंपनी ल्यूपिन ने शुक्रवार को बताया कि उसकी अमेरिका स्थित सहायक कंपनी ने वहां चल रहे एक एंटीट्रस्ट मुकदमे में एक वादी के साथ समझौता किया है, जिसके तहत दावों को निपटाने के लिए 3 करोड़ डॉलर का भुगतान करने पर सहमति बनी है। स्टॉक एक्सचेंजों को दी गई एक नियामकीय जानकारी में कंपनी ने बताया कि ल्यूपिन फार्मास्युटिकल्स इंक (एलपीआई) कई दीवानी मामलों में शामिल रही है, जिनमें कुछ खास दवा उत्पादों के संबंध में प्रतिस्पर्धा-विरोधी आचरण और संघीय तथा राज्य एंटीट्रस्ट कानूनों के उल्लंघन के आरोप लगाए गए थे।
इन मामलों को ‘इन री जेनेरिक फार्मास्युटिकल्स एंटीट्रस्ट लिटिगेशन’ नामक एक कार्यवाही के तहत एक साथ मिला दिया गया था, जिसकी सुनवाई फिलाडेल्फिया, पेंसिल्वेनिया में हो रही है। एलपीआई ने अब इस मुकदमे में वादियों में से एक, हुमाना इंक के साथ एक समझौता कर लिया है। इस समझौते के तौर पर यह सहायक कंपनी हुमाना द्वारा एलपीआई और उसके मौजूदा तथा पूर्व सहयोगियों, निदेशकों, अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ किए गए सभी दावों से पूर्ण और निर्णायक रूप से छुटकारे के बदले में 3 करोड़ डॉलर का भुगतान करेगी।
कंपनी ने जोर देकर कहा कि एलपीआई ने मुकदमों में लगाए गए सभी आरोपों से इनकार किया है। उसने यह भी कहा कि यह समझौता किसी भी तरह की जिम्मेदारी या गैर-कानूनी कार्य को स्वीकार करना नहीं है। ल्यूपिन ने कहा कि समझौते का फैसला इस मामले में दूसरे प्रतिवादियों द्वारा उठाए गए ऐसे ही कदमों से प्रभावित था, साथ ही लंबे समय तक चलने वाले मुकदमों, उनसे जुड़े खर्चों और अनिश्चितताओं से बचने की जरूरत भी इसकी एक वजह थी।
ल्यूपिन ने यह भी बताया कि समझौते की रकम को उसके पिछले समेकित वित्तीय नतीजों में पहले ही शामिल कर लिया गया था, जिसका मतलब है कि इस समझौते से कोई अतिरिक्त वित्तीय असर नहीं पड़ेगा। कंपनी ने कहा कि इस तरह की कानूनी कार्रवाई फार्मास्युटिकल उद्योग में कारोबार के सामान्य कामकाज का ही एक हिस्सा होती है और अक्सर बातचीत के जरिये हुए समझौतों से ही सुलझ जाती है।