भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) ने वित्त वर्ष 2025-26 की जनवरी-मार्च तिमाही (वित्त वर्ष 26 की चौथी तिमाह) में 23.18 प्रतिशत की सालाना वृद्धि के साथ 23,420.43 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया। शुद्ध लाभ को प्रीमियम आय और निवेश आय में स्वस्थ वृद्धि से समर्थन मिला। सरकारी स्वामित्व वाले इस जीवन बीमाकर्ता का वित्त वर्ष 26 में शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 19.25 प्रतिशत बढ़कर 57,419 करोड़ रुपये हो गया जबकि यह वित्त वर्ष 25 में 48,151 करोड़ रुपये था।
बीमाकर्ता की शुद्ध प्रीमियम आय तिमाही के दौरान 12 प्रतिशत सालाना वृद्धि के साथ 1.65 लाख करोड़ रुपये रही जबकि शुद्ध निवेश आय सालाना आधार पर 17 प्रतिशत बढ़कर 1.09 लाख करोड़ रुपये हो गई। वित्त वर्ष 26 के लिए निवेश आय सालाना आधार पर 10 प्रतिशत बढ़कर 4.32 लाख करोड़ रुपये हो गई। बीमाकर्ता ने वर्ष के दौरान वित्त वर्ष 2025-26 से प्रभावी अपने एकल वित्तीय विवरणों के लिए प्रमुख लेखांकन नीति में संशोधन किया। यह परिवर्तन निवेश आय को परिपक्वता तक शेष अवधि में प्रीमियम या छूट फैलाकर मान्यता देने के तरीके से संबंधित है।
वार्षिक प्रीमियम समतुल्य (एपीई) चौथी तिमाही में पिछले वर्ष की अवधि के 18,853 करोड़ रुपये से लगभग 22 प्रतिशत बढ़कर 22,954 करोड़ रुपये हो गया जबकि नए व्यवसाय प्रीमियम (वीएनबी) का मूल्य सालाना आधार 66.7 प्रतिशत बढ़कर 5,891 करोड़ रुपये हो गया।
एलआईसी के प्रबंध निदेशक व मुख्य कार्यकारी अधिकारी आर. दोरईस्वामी ने परिणाम घोषित किए जाने के बाद मीडिया को बताया, ‘हमने वह वृद्धि हासिल की है जो हमने सार्वजनिक होने के समय अपने लक्ष्य के रूप में घोषित की थी। मुझे (नॉन पार) उत्पादों के शेयर में 35 प्रतिशत से अधिक की बहुत अधिक वृद्धि की उम्मीद नहीं है, जिसे हमने पहले ही हासिल कर लिया है।