कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय (एमसीए) के अधिकारियों ने मंत्रालय द्वारा कार्यान्वित विभिन्न अधिनियमों के तहत नियम और विनियम बनाने की स्थिति पर चर्चा करने के लिए लोक सभा की अधीनस्थ विधान समिति से मुलाकात की है। लोक सभा की वेबसाइट पर यह जानकारी दी गई है। मिलिंद देवड़ा की अध्यक्षता में बनी राज्यसभा की एक समिति भी प्रतिस्पर्धा अधिनियम के तहत प्रतिबद्धता नियमों और विनियमों की जांच कर रही है, जो कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय के अधिकार क्षेत्र में आता है।
सांसद बालाशौर्य वल्लभनेनी की अध्यक्षता में बनी लोकसभा की समिति ने 30 मार्च को कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय के अधिकारियों से मुलाकात कर उनके द्वारा तैयार किए गए नियमों और विनियमों पर चर्चा की।
वहीं राज्य सभा की समिति ने मंत्रालय के अधिकारियों और भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग के अधिकारियों से 10 मार्च को मुलाकात की थी। उच्च सदन की समिति का ध्यान प्रतिबद्धता नियमों पर है, जो कंपनियों को अपने आचरण को बदलने की प्रतिबद्धता जताकर प्रभुत्व के दुरुपयोग की जांच से बचने की अनुमति देते हैं।
प्रवर समिति ने 2024 में प्रतिबद्धता नियमों की विस्तृत जांच का फैसला किया था। इस समिति का कार्य यह जांचना है कि क्या सरकार की नियम, विनियम, उप-नियम, योजनाएं या अन्य वैधानिक साधन बनाने की शक्ति का प्रयोग संविधान के सामान्य उद्देश्यों या संबंधित अधिनियम के अनुसार उचित रूप से किया जा रहा है।
कोई भी कंपनी सीसीआई जांच के लिए प्रथम दृष्टया आदेश पारित किए जाने के 45 दिनों के भीतर प्रतिबद्धता योजना की पेशकश कर सकती है। इसे महानिदेशक की रिपोर्ट मिलने से पहले भी प्रस्तुत किया जा सकता है। लोक सभा समिति को अभी एमसीए और उससे संबद्ध विभिन्न नियमों और विनियमों के बीच अपनी जांच का क्षेत्र चुनना बाकी है।