facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

पश्चिम एशिया में तनाव के बीच भी L&T का कारोबार सामान्य, 95% परियोजनाएं चल रही सक्रिय रूप से

Advertisement

मध्य पूर्व में तनाव के बावजूद एलऐंडटी ने अपने 100+ परियोजना स्थलों पर सामान्य संचालन बनाए रखा, कर्मचारियों और ऑर्डर प्रक्रिया सुरक्षित।

Last Updated- March 23, 2026 | 7:08 AM IST
Larsen & Toubro (L&T stock)
Representative Image

पश्चिम एशिया में बनी तनाव की स्थिति के बावजूद लार्सन ऐंड टुब्रो (एलऐंडटी) का कामकाज सामान्य रूप से चल रहा है, हालांकि इस क्षेत्र में संघर्ष के कारण कंपनी के शेयर में 27 फरवरी से अब तक 20 प्रतिशत की गिरावट देखी गई है। भारत की प्रमुख इंजीनियरिंग और निर्माण कंपनी अपनी कुल आमदनी का लगभग एक-तिहाई हिस्सा इस क्षेत्र से हासिल करती है। बावजूद इसके, वहां की अधिकांश ऊर्जा और बुनियादी ढांचा परियोजनाएं प्रभावित नहीं हुई हैं। यदि युद्ध तीन-चार महीने से अधिक लंबा चला तब लॉजिस्टिक्स और कारोबार में कठिनाइयां आ सकती हैं लेकिन युद्ध के समाप्त होने के बाद और अवसर भी तैयार हो सकते हैं।

कंपनी के उप प्रबंध निदेशक और अध्यक्ष सुब्रमण्यन सरमा ने सप्ताहांत में एक विशेष मीडिया बैठक में कहा, ‘क्षेत्र में दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं के बावजूद, एलऐंडटी के 100 से अधिक परियोजना स्थलों पर लगभग 95 प्रतिशत सामान्य रूप से काम चल रहा है।’

उन्होंने बताया, ‘केवल 5 प्रतिशत परियोजनाएं जो अधिकांशतः संघर्ष क्षेत्र के पास मौजूद हैं, उन्हें सुरक्षा कारणों या ग्राहकों के अनुरोध पर अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया गया है जबकि मुख्य परियोजनाएं अप्रभावित हैं।’इनमें से किसी भी स्थल पर कोई हमला नहीं हुआ है और चालान एवं संग्रह से जुड़े काम समयानुसार जारी हैं। उन्होंने यह भी कहा कि परियोजनाओं के लिए बोली और उसके अवॉर्ड प्रक्रिया में कोई कमी नहीं आई है। एलऐंडटी का पश्चिम एशिया में विस्तार सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), कतर, कुवैत और ओमान तक फैला हुआ है। अप्रैल-दिसंबर 2025 के दौरान लगभग 3.46 लाख करोड़ रुपये के ऑर्डर में से एक-तिहाई मध्य पूर्व से आया। दिसंबर 2025 तक कंपनी का ऑर्डर बैकलॉग लगभग 7.33 लाख करोड़ रुपये था जिसमें से 37 प्रतिशत हिस्सा इस क्षेत्र का था।

पश्चिम एशिया, एलऐंडटी के लिए केवल एक बाजार नहीं है बल्कि तीन दशकों के योजनाबद्ध विस्तार के बाद यह कंपनी का ‘दूसरा घर’ बन गया है। इस क्षेत्र में लगभग 10,000 स्थायी कर्मचारी (जिनमें 2,000 परिवार के सदस्य शामिल हैं) और 20,000 अनुबंधित कर्मचारी काम कर रहे हैं। सुब्रमण्यन सरमा ने बताया कि अब तक किसी भी कर्मचारियों को निकालने की आवश्यकता नहीं पड़ी है लेकिन नए कर्मचारियों को भेजने पर फिलहाल रोक लगा दी गई है।

लॉजिस्टिक्स और आपूर्ति श्रृंखला की स्थिति जटिल है। हालांकि स्थानीय सड़क परिवहन, खासकर खाड़ी देशों में सामान्य रूप से काम कर रहा है लेकिन चीन और यूरोप से अंतरराष्ट्रीय शिपमेंट में बाधाएं आई हैं। कंपनी ने कहा कि निकट भविष्य में आपूर्ति में कोई बड़ी समस्या नहीं दिखती, क्योंकि एलऐंडटी तीन-चार महीने के स्टॉक का भंडार बनाए रखती है। यह एक महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच प्रदान करता है और कंपनी को वैकल्पिक समुद्री मार्ग तलाशने का समय देता है। फिर भी, यदि आने वाले महीनों में लॉजिस्टिक्स की स्थिति सामान्य नहीं हुई तब इसका संचालन और राजस्व पर असर पड़ सकता है।

इनपुट और लॉजिस्टिक लागतों में वृद्धि पर सरमा ने कहा कि कोविड महामारी के दौरान की तरह, उन्हें उम्मीद है कि इन लागतों का बोझ ग्राहक भी उठाएंगे। एलऐंडटी के पास स्थिर मूल्य और मूल्य बदलाव दोनों तरह की परियोजनाओं का मिश्रण है। कंपनी की असामान्य वैश्विक परिस्थितियों में भी सामान्य रहने की क्षमता के पीछे एक विशेष आंतरिक समूह का योगदान है, जो मौजूदा दौर जैसी असामान्य स्थितियों में सक्रिय होता है। इस उच्च-स्तरीय समिति में कंपनी के सीईओ, मुख्य वित्तीय अधिकारी और जोखिम तथा सूचना प्रौद्योगिकी के प्रमुख शामिल हैं और यह समिति रोजाना घटनाओं की निगरानी करती है और भारतीय दूतावासों, स्थानीय सरकारों और उद्योग साझेदारों के साथ लगातार संवाद बनाए रखती है।

Advertisement
First Published - March 23, 2026 | 7:08 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement