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Mankind Pharma फिर करने जा रही करोड़ों का खेला, अब दवाओं के नए बाजार पर कब्जे की तैयारी

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मैनकाइंड स्पेशियलिटी के वरिष्ठ अध्यक्ष (सेल्स ऐंड मार्केटिंग) आतिश मजूमदार ने कहा कि उन्हें अगले साल जेनेरिक सेमाग्लूटाइड पेश होने की उम्मीद है।

Last Updated- February 26, 2025 | 10:24 PM IST
Mankind Pharma made a strong entry; The stock jumped 32 percent on the very first day, trading at a premium

बाजार हिस्सेदारी के लिहाज से भारत की चौथी सबसे बड़ी दवा कंपनी मैनकाइंड फार्मा अब इम्यूनोथेरेपी, ऐंटीबॉडी ड्रग कंजुगेट्स, जीन थेरेपी दवाओं के अलावा ग्लूकैगॉन जैसे पेप्टाइड-1 (जीएलपी) जैसी पेप्टाइड और गंभीर उपचारों पर अपना ध्यान केंद्रित कर रही है। प्रमुख फार्मा कंपनी अब नोवो नॉर्डिस्क की दमदार दवा सेमाग्लूटाइड के अपने जेनरिक वेरिएंट के साथ भी आने की तैयारी कर रही है, जिसे अगले साल पेटेंट से मुक्त कर दिया जाएगा।

मैनकाइंड स्पेशियलिटी के वरिष्ठ अध्यक्ष (सेल्स ऐंड मार्केटिंग) आतिश मजूमदार ने कहा कि उन्हें अगले साल जेनेरिक सेमाग्लूटाइड पेश होने की उम्मीद है और वे जल्द ही अपना वेरिएंट पेश करने की कोशिश करेंगे। मजूमदार का मानना है कि इससे इस श्रेणी की दवाइयों की कीमतों में काफी कमी आएगी। अभी पूरे महीने के कोर्स के लिए जीएलपी-1 श्रेणी की दवाओं की कीमत 40 से 50 हजार रुपये के बीच है।

आमतौर पर देखा जाता है कि पेटेंट खत्म होने के बाद इनोवेटर दवा की कीमतों में करीब 30 से 40 फीसदी की शुरुआती गिरावट आती है और फिर कीमतें धीरे-धीरे कम होने लगती हैं और अंततः यह मूल कीमत के करीब 75 से 80 फीसदी तक कम हो जाती है। मजूमदार ने कहा कि मोटापा अब दुनिया भर में चर्चा का केंद्र बन गया है और पेटेंट खत्म होने के बाद जेनरिक दवाइयां तेजी से बनने लगेंगी।

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First Published - February 26, 2025 | 10:21 PM IST

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