facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

Metropolis Healthcare के शेयर में गिरावट, लेकिन ब्रोकरेज को भविष्य में सुधार की उम्मीद

Advertisement

डॉक्टर आहूजाज पैथोलॉजी का अधिग्रहण बना सकारात्मक संकेत, कमजोर तिमाही प्रदर्शन और एकमुश्त लागत से फिलहाल दबाव

Last Updated- April 11, 2025 | 10:55 PM IST
Healthcare

स्वास्थ्य जांच सेवा प्रदाता मेट्रोपोलिस हेल्थकेयर के शेयर में पिछले तीन महीनों में 21 प्रतिशत की गिरावट आई है। वित्त वर्ष 2025 की दिसंबर तिमाही में कमजोर प्रदर्शन, आय में कमी, कम वॉल्यूम/मार्जिन की उम्मीद और नियामकीय चिंताओं ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया है। हालांकि शेयर पर कई कारणों से दबाव बढ़ा है लेकिन कुछ ब्रोकरों का मानना है कि इन चिंताओं का असर गिरावट में पूरी तरह दिख चुका है।

इस शेयर के लिए अल्पावधि कारक मार्च तिमाही का प्रदर्शन और सप्ताह के शुरू में डॉ. आहूजाज पैथोलॉजी ऐंड इमेजिंग सेंटर (डीएपीआईसी) का अधिग्रहण है। चौथी तिमाही में कंपनी के प्रदर्शन से बाजार को निराशा हो सकती है और उसकी राजस्व वृद्धि ब्रोकरेज अनुमानों से कम रहने की आशंका है। चौथी तिमाही के अपडेट में कंपनी ने बताया कि राजस्व में सालाना आधार पर 10 प्रतिशत का इजाफा हुआ है और यह मरीजों की संख्या में वृद्धि, टेस्ट की संख्या में वृद्धि और जांच मिश्रण में बदलाव के कारण हुआ है। बिजनेस-टु-कंज्यूमर (बी2सी) राजस्व में एक साल पहले के मुकाबले 14 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई।

कंपनी के अनुसार ऊंची मैटेरियल लागत और कमजोर राजस्व वृद्धि से परिचालन मुनाफे में बढ़ोतरी प्रभावित हुई है। परिचालन लाभ एकमुश्त लागत की वजह से भी कम रहा। एकमुश्त लागत में कोर डायग्नॉस्टिक्स और साइंटिफिक पैथोलॉजी का अधिग्रहण शामिल है।

जेएम फाइनैंशियल के अमेय चलके और राघव वेदनारायणन का कहना है 14 प्रतिशत की बी2सी वृद्धि भी पिछली तिमाहियों की तुलना में कम है। उन्होंने कहा कि कम राजस्व, नेटवर्क विस्तार से बढ़ी लागत और मुख्य अधिग्रहण से एकमुश्त खर्च की वजह से मार्जिन कम रहने की आशंका है।

सप्ताह के शुरू में कंपनी ने घोषणा की थी कि उसने उत्तर भारत में अपना नेटवर्क बढ़ाने के लिए देहरादून की डीएपीआईसी का अधिग्रहण किया है। 35 करोड़ रुपये का यह सौदा (जो वित्त वर्ष 2024 की बिक्री से तीन गुना अधिक है) उचित मूल्य पर किया गया है। मेट्रोपोलिस अब उत्तराखंड में दूसरी सबसे बड़ी डायग्नोस्टिक चेन बन जाएगी।

तीन नए अधिग्रहणों- कोर डायग्नोस्टिक्स, साइंटिफिक पैथोलॉजी और डीएपीआईसी के जरिये कंपनी की उत्तर भारत में राजस्व भागीदारी वित्त वर्ष 2024 के 8 प्रतिशत से बढ़कर वित्त वर्ष 2026 में 14-15 फीसदी के आसपास हो जाएगी। ये ताजा अधिग्रहण उत्तर भारतीय शहरों में अधिग्रहण और मजबूत बी2सी ब्रांडों को बढ़ाने की कंपनी की रणनीति के अनुरूप हैं।

इनक्रेड रिसर्च का मानना है कि डीएपीआईसी अधिग्रहण से पूरे उत्तराखंड में कंपनी को विस्तार करने में मदद मिलेगी। कंपनी ने अतीत में 20 से ज्यादा बड़े अधिग्रहणों को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। प्रमुख शहरों में अग्रणी बी2सी प्रयोगशालाओं को शामिल किया है और उन्हें विस्तार के लिए मजबूत क्षेत्रीय केंद्रों में तब्दील किया है। ब्रोकरेज ने मेट्रोपोलिस के लिए 2,250 रुपये के कीमत लक्ष्य के साथ ‘जोड़ें’ रेटिंग बनाए रखी है। यह शेयर वित्त वर्ष 2027 के पीई अनुमानों के 30 गुना पर कारोबार कर रहा है और डॉ. लाल पैथलैब्स के पीई के मुकाबले 10 प्रतिशत कम तथा विजया डायग्नोस्टिक्स सेंटर की तुलना में 30 फीसदी कम है।

Advertisement
First Published - April 11, 2025 | 10:55 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement