facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

Mitsui भारत में घरेलू जहाज निर्माण से बेड़े को बढ़ाने की तैयारी में, शिपयार्ड्स से बातचीत जारी

Advertisement

मित्सुई ओएसके लाइंस भारत में बने जहाजों से अपने बेड़े का विस्तार करने के लिए भारतीय शिपयार्ड्स से बातचीत कर रही है और घरेलू शिपबिल्डिंग सेक्टर में निवेश की योजना बना रही है

Last Updated- September 02, 2025 | 9:28 PM IST
Trade
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

विश्व की दूसरी सबसे बड़ी शिपिंग कंपनी मित्सुई ओएसके लाइंस (एमओएल) अपने भारतीय बेड़े में घरेलू स्तर पर निर्मित जहाजों को शामिल करने पर विचार कर रही है। केंद्रीय बजट में समुद्र से संबंधित मामलों के सुधार घोषित होने से जापान की कंपनी एमओएल उत्साहित है। यह कंपनी भारत के शिपयार्ड को ऑर्डर देने के लिए बातचीत कर रही है।  

नई दिल्ली में दक्षिण एशिया के मध्य क्षेत्र के कार्यकारी अधिकारी आनंद जयरामन ने बताया, ‘हम दुनिया में दूसरी सबसे बड़ी शिपिंग कंपनी हैं। हमने भारत के लिए लक्ष्य तय किया है : भारत में दूसरी सबसे बड़ी कंपनी बनना।’

कंपनी के वैश्विक स्तर पर 935 पानी के जहाज हैं और इनका वैश्विक ऊर्जा की आवाजाही में महत्त्वपूर्ण हिस्सेदारी है। भारत के बेड़े में मुख्य तौर पर कच्चे तेल और वाहन लेकर जाने वाले कैरियर हैं। जयरामन ने बताया, ‘हम भारत में अपने पानी के जहाज बनाने के लिए बातचीत कर रहे हैं – भारत निकट भविष्य में शिपबिल्डिंग (पानी के जहाज बनाने वाला) देश होगा। सबसे बड़े पानी के जहाज के मालिक होने के नाते हमारे पास भारत में जहाज होंगे।’

उन्होंने बताया कि पानी के जहाज बनाने में तीन देशों चीन, दक्षिण कोरिया और जापान का दबदबा है। कंपनी पानी के जहाज बनाने के क्षेत्र में अधिक विकल्प चाहती है। एमओएल सरकार, निजी कंपनियों और सार्वजनिक क्षेत्र के शिपयार्ड जैसे कोचिन शिपयार्ड से लेकर मध्य आकार के टैंकर बनाने वालों से बातचीत कर रही है।

Advertisement
First Published - September 2, 2025 | 9:28 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement