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MobiKwik का गेमचेंजर मूव! NBFC लाइसेंस मिला, अब 2026 में लोन बिजनेस से मचाएगी धमाल

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MobiKwik को NBFC लाइसेंस मिलने से अब कंपनी कर्ज कारोबार शुरू कर डिजिटल लेंडिंग और फिनटेक सेवाओं का विस्तार करेगी।

Last Updated- April 28, 2026 | 7:55 AM IST
Mobikwik NBFC LIcense
Representative image

डिजिटल पेमेंट और फिनटेक कंपनी One MobiKwik Systems को बैंकिंग रेगुलेटर से नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) का लाइसेंस मिल गया है। इस मंजूरी के साथ कंपनी अब अपना लेंडिंग यानी कर्ज देने का कारोबार शुरू करने की तैयारी कर रही है।

कंपनी की सहायक इकाई MobiKwik Financial Services Private Limited (MFSPL) इस नए कारोबार को संभालेगी। यह पूरी तरह से MobiKwik की स्वामित्व वाली कंपनी है।

कंपनी की को-फाउंडर और CFO उपासना टाकू ने बताया कि सभी जरूरी मंजूरियां मिलने के बाद NBFC ऑपरेशन की शुरुआत कैलेंडर ईयर 2026 के अंत तक की जा सकती है। हालांकि, इसके लिए भारतीय रिजर्व बैंक से अंतिम सर्टिफिकेट ऑफ रजिस्ट्रेशन (CoR) मिलना जरूरी होगा।

उन्होंने यह भी कहा कि कंपनी पहले चरण में जल्द ही कुछ कर्ज वितरण शुरू करने की कोशिश करेगी। इस लेंडिंग मॉडल में सुरक्षित (secured) और असुरक्षित (unsecured) दोनों तरह के लोन दिए जाएंगे। इसके साथ ही मौजूदा लेंडिंग पार्टनर्स के साथ काम जारी रहेगा।

इस खबर के बाद बाजार में कंपनी के शेयरों में तेजी देखी गई। BSE पर कंपनी का शेयर करीब 10.98 प्रतिशत बढ़कर ₹224.80 पर बंद हुआ।

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MobiKwik ने अपने लेंडिंग कारोबार को और मजबूत करने के लिए 12 लोन देने वाले पार्टनर्स के साथ समझौता किया है। कंपनी का कहना है कि अब नए एनबीएफसी फ्रेमवर्क के तहत उसे अपनी तकनीकी क्षमता, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग मॉडल का बेहतर इस्तेमाल करने का मौका मिलेगा। इसके साथ ही वह अपने 18.6 करोड़ से ज्यादा यूजर्स को उनकी जरूरत के हिसाब से फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स उपलब्ध करा सकेगी।

कंपनी के अनुसार, पिछले साल उसे पेमेंट एग्रीगेटर लाइसेंस और ब्रोकिंग लाइसेंस मिल चुका है। अब एनबीएफसी लाइसेंस जुड़ने के बाद उसका फिनटेक इकोसिस्टम पूरा होता दिख रहा है, जिससे वह एक पूरा डिजिटल फाइनेंशियल प्लेटफॉर्म बन सकेगी।

मोबिक्विक के सह-संस्थापक ने कहा कि कंपनी धीरे-धीरे सभी जरूरी लाइसेंस हासिल कर रही है ताकि ग्राहकों को एक ही प्लेटफॉर्म पर कई तरह की वित्तीय सेवाएं दी जा सकें।

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कंपनी ने कहा है कि उसके नए NBFC (नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी) को शुरू करने से पहले पूंजी निवेश और नई विशेषज्ञ टीम की जरूरत होगी। कंपनी का लक्ष्य है कि इस साल के भीतर इसके संचालन की शुरुआत की जाए।

कंपनी के मुताबिक, जब एक NBFC तैयार हो जाता है तो उसके जरिए बड़े बैंकों के साथ मिलकर को-लेंडिंग यानी संयुक्त रूप से कर्ज देने की सुविधा मिलती है। इससे सरकारी और निजी दोनों तरह के बैंकों के साथ काम करने के मौके बढ़ जाते हैं। साथ ही फंड जुटाने के नए रास्ते खुलते हैं और उधार लेने की लागत को कम करने में भी मदद मिलती है।

कंपनी ने यह भी बताया कि इन-हाउस NBFC के जरिए नए क्रेडिट प्रोडक्ट्स तेजी से बाजार में लाए जा सकेंगे। इससे किसी भी नए वित्तीय प्रोडक्ट को लॉन्च करने की प्रक्रिया तेज हो जाएगी और ग्राहकों तक सेवाएं जल्दी पहुंच सकेंगी।

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First Published - April 28, 2026 | 7:55 AM IST

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