टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने आज एयर इंडिया के कर्मचारियों से कहा कि विमानन कंपनी चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रही है। लेकिन इसके साथ ही कंपनी का दीर्घकालिक बदलाव भी लगातार आगे बढ़ रहा है। इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विमान में पहली पंक्ति से लेकर आखिरी पंक्ति तक बैठे सभी यात्रियों को समान गरिमा मिले।
कर्मचारियों को यह संबोधन ऐसे समय आया है, जब एयर इंडिया नेतृत्व में बदलाव का सामना कर रही है। उसके मुख्य कार्य अधिकारी कैंपबेल विल्सन ने अप्रैल की शुरुआत में इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने काम के लगातार दबाव, रखरखाव से जुड़ी चूकों के बाद बढ़ी हुई नियामकीय जांच के बीच इस्तीफा दिया था। जांच के कारण कंपनी को जुर्माने और सुधार के कदम उठाने पड़े। उनका इस्तीफा 28 फरवरी से शुरू हुए पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण कामकाज में आई रुकावट के बीच आया था।
इस संघर्ष के कारण बड़े स्तर पर उड़ान मार्ग बदलने और रद्द करने पड़े हैं। इसमें इसे क्षेत्र के लिए लगभग 2,500 उड़ानें भी शामिल हैं। एयर इंडिया पश्चिम एशिया की अपनी सामान्य समय-सारणी का लगभग 30 प्रतिशत ही परिचालन कर पा रही है और यूरोप जाने वाली कई उड़ानों को अफ्रीका के जरिये लंबे दक्षिणी मार्गों पर डाल रही है, जिससे उड़ान का समय और ईंधन की खपत बढ़ रही है। एयर इंडिया समूह के मुख्यालय में कर्मचारियों के संबोधन और व्यापक नेतृत्व टीम से मुलाकात करते हुए चंद्रशेखरन ने कहा कि कर्मचारी कठिन परिस्थितियों में पहले ही दमखम दिखा चुके हैं।
उन्होंने कहा, ‘एयर इंडिया के कर्मचारियों ने एक समूचे तूफान से निपटने में बड़ी दृढ़ता दिखाई है और जो दृढ़ता दिखाई गई है, हमें उसी भावना के साथ आगे बढ़ना चाहिए।’
उन्होंने प्रवर्तक समूह के जोरदार समर्थन को दोहराया और कहा, ‘टाटा समूह एयर इंडिया समूह के प्रति वचनबद्ध है। निदेशक मंडल पूरी तरह से समर्थन कर रहा है और प्रबंधन टीम के साथ मिलकर काम करता रहेगा।’
चंद्रशेखरन ने कहा कि विमानन कंपनी अपनी बदलाव की यात्रा में अहम पड़ाव पर पहुंच गई है। उन्होंने पिछले चार सालों में हुए ढांचागत और परिचालनगत बदलावों पर रोशनी डाली।
उन्होंने कहा, ‘ये चार साल जबरदस्त रहे हैं और एयर इंडिया समूह अपने बदलाव की यात्रा के अहम पड़ाव पर पहुंच चुका है। 17,000 से ज्यादा कर्मचारियों को नौकरी पर रखा गया है और उन्हें काम पर लगाया गया है, 4 विमानन कंपनियों को मिलाकर 2 बनाई गई हैं, मुख्य प्रणाली को आधुनिक बनाया जा रहा है। बेड़ा बढ़ रहा है। विमानों का बड़े स्तर पर नवीकरण किया जा रहा है। नेटवर्क और परिचालनगत पैमाना लगातार बेहतर हो रहा है जिसके परिणामस्वरूप ग्राहकों के अनुभव और नेट प्रमोटर स्कोर में साफ तौर पर सुधार हुआ है।’