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Sanofi: उपभोक्ता स्वास्थ्य देखभाल कारोबार में हिस्सा बिक्री की योजना नहीं

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Last Updated- May 14, 2023 | 9:45 PM IST
Sanofi India turns ex-date for healthcare biz demerger; hits 5% upper limit Sanofi India Demerger: सेनोफी इंडिया ने हेल्थकेयर बिजनेस के डीमर्जर की तारीख बदली, शेयरों में लगा 5 फीसदी का अपर सर्किट
BS

सनोफी (Sanofi) अपना उपभोक्ता स्वास्थ्य कारोबार (consumer health business) अलग करने पर विचार कर रही है। सनोफी इंडिया के प्रबंध निदेशक रोडोल्फो रोश (Rodolfo Hrosz) ने ई-मेल के जरिये साक्षात्कार में सोहिनी दास को फार्मा कारोबार को आगे बढ़ाने की योजना के बारे बताया। संपादित अंश:

उम्मीद है कि सनोफी कंज्यूमर हेल्थ इंडिया (SCHIL) वर्ष 2024 की दूसरी छमाही तक पूरी तरह से चालू हो जाएगी। अगले साल उस कंपनी के लिए धन जुटाने की कोई योजना है?

उपभोक्ता स्वास्थ्य देखभाल कंपनी (SCHIL), जो शेयरधारकों और नियामकों की मंजूरी पर निर्भर करती है, की पूंजी संरचना आज की तरह ही है, जिसमें सनोफी समूह की 60.4 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी। कंपनी का अपनी हिस्सेदारी बेचने का कोई इरादा नहीं है।

सनोफी इंडिया का मौजूदा उपभोक्ता स्वास्थ्य देखभाल कारोबार लाभ में है और उसका अच्छा कार्यशील पूंजी चक्र है जैसा कि शुक्रवार को निवेशक बैठक के दौरान हमारे संदेश में बताया गया है।

आपके कुछ फार्मा ब्रांडों की तुलना में उपभोक्ता ब्रांडों में ज्यादा पकड़ रही है। क्या कारोबार अलग करने के पीछे यही वजह है?

कारोबार अलग करने की यह प्रस्तावित कवायद भारतीय कारोबार और कर्मचारियों के लिए स्पष्ट रूप से मूल्य आधारित कदम है। फार्मास्युटिकल और उपभोक्ता स्वास्थ्य देखभाल के अलग-अलग कारोबारी प्रारूप हैं और कारोबार अलग करने से विकास के अवसर खुलेंगे तथा सही संसाधन और उनके संबंधित विकास संचालकों पर ध्यान केंद्रित करने की क्षमता उपलब्ध होगी।

दुनिया के बाकी हिस्सों की तरह भारत में सनोफी की उपभोक्ता स्वास्थ्य देखभाल कंपनी पोर्टफोलियो, विशिष्ट वैश्विक कौशल और उपभोक्ता केंद्रित मानसिकता से सुसज्जित होगी। साथ ही सामान्य दवाओं का कारोबार अपने दीर्घकालिक सफलता कारकों पर ध्यान केंद्रित करेगा, जो भारत में उपलब्ध अपने उपचार पोर्टफोलियो का विस्तार करेगा, विश्व स्तरीय वैज्ञानिक जुड़ाव को बढ़ावा देगा और डिजिटल की दिशा में जाने को गति प्रदान करेगा।

Also Read: Sanofi के उपभोक्ता ब्रांड में दिख रही बेहतर संभावना

आप अपने मुख्य फार्मा ब्रांडों – मिसाल के तौर पर मधुमेह चिकित्सा पर नए सिरे से ध्यान केंद्रित करने की क्या योजना बना रहे हैं?

वर्ष 2022 की तीसरी तिमाही में हमने अपनी नई योजना (भारत में भारत के लिए) लागू की थी, जिसने हमारी अ​धिक क्षमता वाली चिकित्सीय श्रेणियों पर अधिक ध्यान केंद्रित किया। हमने आठ से तीन कारोबारी इकाइयों को सुव्यवस्थित किया। इसके परिणामस्वरूप पहले ही कारोबार में तेजी आई है।

वर्ष 2023 की पहली तिमाही हाल के दिनों में हमारी सबसे अच्छे तिमाहियों में से एक रही है। आगे चलकर हम अपनी प्रमुख श्रेणियों पर नवाचार संचालन, पोर्टफोलियो के स्थानीयकरण और अपने गो-टु-मार्केट (जीटीएम) दायरे के विस्तार पर और अधिक ध्यान केंद्रित करते हुए फार्मा कारोबार में तेजी जारी रखने की योजना बना रहे हैं।

आज हमारा इंसुलिन पोर्टफोलिया मधुमेह के बेहतर प्रबंधन के लिए सर्वश्रेष्ठ इंसुलिन प्रदान करता है। एनालॉग श्रेणी में हमारा प्रमुख ब्रांड लैंटस सर्वा​धिक सिफारिश किया जाने वाला इंसुलिन ब्रांड है और भारतीय दवा उद्योग में तीसरे स्थान पर आता है।

इसके अलावा टूजियो अपने कार्ट्रिज की शुरुआत के पहले साल – 2022 में अपनी बिक्री वृद्धि दोगुना कर चुकी है। जहां लैंटस अप्रैल 2023 से प्रभावी आवश्यक दवाओं की राष्ट्रीय सूची का हिस्सा है, वहीं सनोफी के लिए यह ऐसा अवसर है कि वह कई और रोगियों को इसका लाभ पहुंचाए।

मधुमेह प्रबंधन गोली और इंजेक्शन से परे है और सनोफी के पास ऐसा भलीभांति स्थापित रोगी सहायता कार्यक्रम (साथ7) है, जो मधुमेह रोगियों को उनकी इंसुलिन की राहत में मदद करता है।

क्या आप भारत में टीका कारोबार के मामले में अपनी योजनाओं को साझा कर सकते हैं?

हमारा टीका कारोबार कंपनी की 100 प्रतिशत स​ब्सिडी का हिस्सा है, सनोफी इंडिया का नहीं। निजी बाजार में इसके लिए अच्छी रफ्तार है। इसका संचालन स्वास्थ्य देखभाल के पेशेवर और उपभोक्ता शिक्षा निर्माण पर अपना ध्यान केंद्रित करते हुए तथा टीके के प्रति भरोसे और उसके दायरे की दर कोविड से पहले वाले स्तर पर बहाल करते हुए किया जा रहा है। हमें अपने सभी बाल चिकित्सा और व्यस्क टीकों के लिए लगातार दमदार सकारात्मक रुझान दिख रहा है।

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First Published - May 14, 2023 | 8:39 PM IST

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