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बॉम्बे हाउस में हुई टाटा संस की मैराथन बैठक, नोएल टाटा ने नए जमाने के कारोबार पर पूछे सवाल

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टाटा संस की विशेष बोर्ड बैठक में नोएल टाटा ने एयर इंडिया और टाटा डिजिटल जैसे नए जमाने के घाटे वाले कारोबारों और रणनीतियों की गहन समीक्षा की

Last Updated- May 26, 2026 | 10:04 PM IST
bombay house
टाटा समूह का वैश्विक मुख्यालय बॉम्बे हाउस | फोटो: Commons

बॉम्बे हाउस में आज दिन भर चली मैराथन बोर्ड बैठक भले ही टाटा समूह की कंपनियों के राजस्व, मुनाफा, प्रति शेयर आय (ईपीएस) एवं अन्य तमाम आंकड़ों की प्रस्तुति वाले किसी रोड शो जैसी लगी हो लेकिन इस समीक्षा सत्र को टाटा ट्रस्ट्स के साथ जुड़ने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम के तौर पर देखा जा रहा है। नमक से लेकर सॉफ्टवेयर तक का कारोबार करने वाले इस समूह की मूल कंपनी में टाटा ट्रस्ट्स सबसे बड़ा शेयरधारक है।

लोगों को इस बैठक का बेसब्री से इंतजार था, लेकिन इसमें न तो हो​ल्डिंग कंपनी को स्टॉक एक्सचेंज पर सूचीबद्ध कराने पर और न ही चेयरमैन एन चंद्रशेखरन के तीसरे कार्यकाल पर कोई चर्चा हुई। सूत्रों के मुताबिक इन दोनों मुद्दों पर 12 जून को होने वाली अगली बोर्ड बैठक में चर्चा होने की संभावना है।

एक अनोखे घटनाक्रम के तहत टाटा संस की एक विशेष बोर्ड बैठक 26 मई को बुलाई गई थी जहां घाटे में चल रही समूह की कुछ कंपनियों के वित्तीय नतीजों, अनुमानों और रणनीतिक योजनाओं पर चर्चा की गई। इसमें कई मुख्य कार्या​धिकारी (सीईओ) अपनी पावर पॉइंट प्रस्तुतियों के साथ शामिल हुए। वास्तव में यह बैठक 24 फरवरी को हुई टाटा संस की बोर्ड बैठक में टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन और नामित निदेशक नोएल टाटा द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब थी।

उन्होंने एयर इंडिया, टाटा डिजिटल और टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स जैसी कंपनियों के मुनाफे पर सवाल उठाया था। साथ ही उन्होंने इसे टाटा संस के कार्यकारी चेयरमैन के तौर पर चंद्रशेखरन को फरवरी 2027 से दिए जाने वाले तीसरे कार्यकाल से जोड़ा था। मगर यह बात जुलाई 2025 में टाटा ट्रस्ट्स द्वारा चंद्रशेखरन को 5 साल के तीसरे कार्यकाल के लिए समर्थन देने वाले प्रस्ताव के 7 महीने बाद कही गई थी।

आज की बैठक सुबह 10 बजे से शाम 4.30 बजे तक चली और बीच में लंच ब्रेक भी दिया गया। सूत्रों ने इसे एक गहन चर्चा बताया जहां कई सीईओ से सवाल पूछे गए। उनमें एयर इंडिया के कैंपबेल विल्सन, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के रणधीर ठाकुर और टाटा डिजिटल के सजित शिवनंदन भी शामिल थे। यह पूछे जाने पर कि क्या बैठक सौहार्दपूर्ण रही बोर्ड के एक सदस्य ने कहा, ‘यह सामान्य थी।’

समझा जाता है कि नोएल टाटा इस बैठक के नतीजों से संतुष्ट हैं। उन्होंने बैठक में अपनी राय दी और नए जमाने के कारोबार के कुछ पहलुओं पर सवाल पूछे। इन कारोबार में आम तौर पर अ​धिक पूंजी निवेश करना पड़ता है। सूत्रों ने बताया कि टाटा समूह की कंपनियों के साथ आगे भी बैठक हो सकती हैं।

इस बोर्ड बैठक के बारे में न तो टाटा संस और न ही टाटा ट्रस्ट्स ने कोई टिप्पणी की है।

हालांकि टाटा ट्रस्ट्स की एक बैठक 8 जून को निर्धारित थी लेकिन महाराष्ट्र चैरिटी कमिश्नर के हालिया निर्देश के कारण उस पर अनिश्चितता बनी हुई है। निर्देश में सर रतन टाटा ट्रस्ट (जो टाटा ट्रस्ट्स का एक प्रमुख शेयरधारक है) को बैठक करने से रोक दिया गया है। उम्मीद है कि टाटा संस के बोर्ड द्वारा इस मुद्दे पर विचार किए जाने से पहले टाटा ट्रस्ट्स 62 वर्षीय चंदशेखरन के तीसरे कार्यकाल पर चर्चा करेगा।

भारतीय रिजर्व बैंक टाटा संस को सूचीबद्ध कराए जाने से संबं​धित कदमों पर कोई फैसला ले सकता है। आरबीआई ने सितंबर 2022 में टाटा संस को अपर लेयर सीआईसी (कोर इन्वेस्टमेंट कंपनी) की श्रेणी में रखा था और उसे 3 साल के भीतर सूचीबद्ध कराना अनिवार्य कर दिया था। हालांकि टाटा संस ने अपने सभी कर्ज चुका दिए और 2024 में सीआईसी के तौर पर अपना पंजीकरण रद्द करवाने के लिए आवेदन किया लेकिन आरबीआई ने इस मामले में अब तक अपना निर्णय नहीं सुनाया है।

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First Published - May 26, 2026 | 10:03 PM IST

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