facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

Amazon, Flipkart समेत 20 ऑनलाइन विक्रेताओं को बिना लाइसेंस दवा बेचने पर नोटिस

Advertisement
Last Updated- February 13, 2023 | 11:30 AM IST
Flipkart and Amazon

भारत के औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) ने दवाओं की अवैध ऑनलाइन बिक्री के लिए एमेजॉन और फ्लिपकार्ट हेल्थ प्लस समेत 20 ऑनलाइन खुदरा विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

डीसीजीआई वी.जी. सोमानी ने आठ फरवरी को जारी कारण बताओ नोटिस में 12 दिसंबर, 2018 को दिल्ली उच्च न्यायालय के एक आदेश का हवाला दिया। यह बिना लाइसेंस के दवाओं की ऑनलाइन बिक्री पर रोक लगाता है।

नोटिस के अनुसार, डीसीजीआई ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को आवश्यक कार्रवाई और अनुपालन के लिए मई और नवंबर, 2019 में आदेश भेजा था। तीन फरवरी को एक बार फिर यह आदेश जारी किया गया। ऑनलाइन दवा विक्रेताओं को नोटिस में कहा गया है, ”आदेश के बावजूद यह कंपनियां बिना लाइसेंस के इस तरह की गतिविधियों में संलिप्त पाई गईं।”

नोटिस में कहा गया है, ”आपको इस नोटिस के जारी होने की तारीख से दो दिनों के अंदर कारण बताने के लिए कहा जाता है कि ‘ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट 1940’ के प्रावधानों और बनाए गए नियमों के उल्लंघन में दवाओं की बिक्री, स्टॉक, प्रदर्शन या वितरण की पेशकश के लिए आपके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जानी चाहिए।”

इसमें कहा गया है कि किसी भी दवा की बिक्री या स्टॉक या प्रदर्शन या बिक्री या वितरण की पेशकश के लिए संबंधित राज्य लाइसेंसिंग प्राधिकरण से लाइसेंस की आवश्यकता होती है और लाइसेंस धारकों द्वारा लाइसेंस की शर्तों का अनुपालन करना आवश्यक होता है। डीसीजीआई ने कहा है कि जवाब नहीं देने की स्थिति में यह माना जाएगा कि कंपनियों के पास इस मामले में कोई जवाब नहीं है और फिर बिना किसी नोटिस के उनके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई शुरू की जाएगी।

Advertisement
First Published - February 13, 2023 | 11:21 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement