ड्यूल चेकबुक निवेश मॉडल वाली इम्पैक्ट इन्वेस्टमेंट फर्म ओमिडयार नेटवर्क इंडिया (Omidyar Network India) एक दशक के लंबे ऑपरेशन के बाद भारतीय बाजार से बाहर निकल रही है। टेकक्रंच की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।
ओमिडयार नेटवर्क इंडिया ने एक बयान में कहा, ‘’पिछले एक दशक में, ओमिडयार नेटवर्क इंडिया ने इम्पैक्ट इन्वेस्टमेंट सेक्टर के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, विशेष रूप से नेक्स्ट हाफ बिलियन (Next Half Billion) पर ध्यान केंद्रित किया है। हमें इस क्षेत्र में अपने काम पर गर्व है, जो अब पहले से कहीं अधिक घरेलू उद्यम पूंजी (local venture capital) या इम्पैक्ट इन्वेस्टर्स (impact investors) और घरेलू निवेशकों से समाज की भलाई के लिए पूंजी के बड़े हिस्से को आकर्षित कर रहा है।’’
बता दें कि फाइनैंशियल रिटर्न के साथ-साथ पॉजिटिव, मापने योग्य सामाजिक और पर्यावरणीय प्रभाव उत्पन्न करने के इरादे से किए गए निवेश को इम्पैक्ट इन्वेस्टमेंट कहा जाता है।
Also read: Fortnite मेकर Epic Games ने Google के खिलाफ जीता केस, इस गलती के चलते होगा 200 अरब डॉलर का नुकसान
ओमिडयार ग्रुप ने एक इंटरनल ब्लॉग पोस्ट में कहा, ‘’कई महीनों के विचार-विमर्श के बाद, यह निणर्य लिया गया है कि ओमिडयार नेटवर्क इंडिया नए निवेश करना बंद कर देगा और वर्ष 2024 के अंत तक बाजार से पूरी तरह से बाहर हो जाएगा। अगले दो महीनों में, बोर्ड और नेतृत्व टीम आकलन करेगी कि ओमिडयार नेटवर्क इंडिया टीम द्वारा बनाई गई लंबी और भरोसेमंद साझेदारियों को पहचानते हुए संगठन के पोर्टफोलियो का प्रबंधन सबसे अच्छा कैसे किया जाए।’’
ब्लॉग पोस्ट में आगे कहा गया है, “यह निर्णय संदर्भ में महत्वपूर्ण बदलाव और आर्थिक परिदृश्य में वृद्धि से प्रेरित था, जिसे भारत स्थित टीम ने 2010 में पहली बार वहां निवेश करने के बाद से अनुभव किया है। आज, वहां पहले से ज्यादा भारतीय नेतृत्व वाले परोपकारी उद्यमी और वैंचर कैपिटल (venture capital) हैं। देश में एक वाइब्रेंट स्टार्टअप सेक्टर है, और कई फंड अब अपनी निवेश रणनीति के हिस्से के रूप में मध्यम और निम्न-मध्यम आय पर ध्यान केंद्रित करते हैं।”
Also read: नियामक जांच के बीच अदाणी के वित्तीय लेन-देन पर फिर उठे सवाल
eBay के संस्थापक पियरे ओमिडयार (Pierre Omidyar) द्वारा समर्थित, घरेलू यूनिट ने भारत में स्थित स्टार्टअप पर ध्यान केंद्रित किया। इसने Tata 1mg, Bounce, Centa, CloudSek, DealShare, Kiwi, Otipy, Doubtnut, आदि जैसे कई प्रसिद्ध स्टार्टअप्स में निवेश किया है। इसने हाल ही में डेयरी उद्योग की सेवा करने वाले फिनटेक स्टार्ट-अप डिजिवृद्धि टेक्नोलॉजीज में 60 लाख डॉलर का निवेश किया है।
टेकक्रंच की रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि निवेशक के पास भारत में लगभग 67.3 करोड़ डॉलर की संचयी संपत्ति थी। यह भी ध्यान देने योग्य है कि ओमिडयार ग्रुप कथित अनधिकृत विदेशी फंडिंग को लेकर भारत सरकार की जांच के दायरे में आ गया है। 2021 में, ओमिडयार नेटवर्क इंटरनेशनल उन 10 अमेरिकी, ऑस्ट्रेलियाई और यूरोपीय एनजीओ के समूह में शामिल था, जिन्हें फंडिंग से रोक दिया गया था।