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Oracle Layoffs: भारत में 12,000 कर्मचारियों की छुट्टी, अब किसकी बारी

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Oracle ने भारत समेत वैश्विक स्तर पर बड़े पैमाने पर छंटनी की, कर्मचारियों को सेवरेंस पैकेज की पेशकश की गई।

Last Updated- April 01, 2026 | 10:55 AM IST
Orcale
Representative image

अमेरिका की आईटी कंपनी Oracle ने भारत में बड़े स्तर पर कर्मचारियों की छंटनी की है। प्रभावित कर्मचारियों के अनुसार, कंपनी ने देश में करीब 12,000 लोगों को नौकरी से निकाल दिया है।

जानकारी के मुताबिक, यह छंटनी यहीं तक सीमित नहीं रह सकती। कर्मचारियों का कहना है कि अगले एक महीने के भीतर एक और दौर की छंटनी की संभावना है।

बताया जा रहा है कि वैश्विक स्तर पर भी कंपनी ने लगभग 30,000 कर्मचारियों को बाहर किया है। भारत में कंपनी के कुल कर्मचारियों की संख्या करीब 30,000 बताई जाती है, जिसमें अब निकाले गए कर्मचारी भी शामिल हैं।

इस मामले पर कंपनी की ओर से आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है।

कंपनी ने कर्मचारियों को भेजे ईमेल में कहा है कि संगठन में कुछ बदलाव किए जा रहे हैं। इन बदलावों के चलते कामकाज को सरल बनाने का फैसला लिया गया है। इसी कारण कुछ पद अब जरूरी नहीं रह गए हैं और उन पदों पर काम कर रहे कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त की जा रही हैं।

आईटी कंपनी Oracle ने अपने कर्मचारियों के लिए सेवरेंस पैकेज की घोषणा की है। कंपनी ने बताया है कि एक साल की सेवा पूरी करने वाले हर कर्मचारी को 15 दिनों का वेतन दिया जाएगा। इसके अलावा, नौकरी समाप्ति की तारीख तक का एक महीने का बकाया वेतन, अवकाश नकदीकरण, पात्रता के अनुसार ग्रेच्युटी और एक महीने के नोटिस पीरियड का वेतन भी दिया जाएगा।

कंपनी ने इस पैकेज में अतिरिक्त राहत के तौर पर दो महीने की सैलरी का टॉप-अप भी देने की बात कही है। हालांकि, यह सेवरेंस पैकेज केवल उन कर्मचारियों के लिए उपलब्ध होगा जो स्वेच्छा से और आपसी सहमति के साथ कंपनी छोड़ते हैं।

इस बीच, कंपनी के पूर्व कर्मचारी Merugu Sridhar ने दावा किया है कि उन्हें सितंबर में नौकरी से निकाल दिया गया था। उनका कहना है कि उन्होंने भारत में 16 घंटे की शिफ्ट का विरोध किया था, जिसके बाद उन्हें हटाया गया।

श्रीधर ने यह भी कहा कि उनके संपर्क में आए लोगों और मानव संसाधन विभाग से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, कंपनी में काम करने वाले कई भारतीय कर्मचारी, जो अमेरिका में तैनात हैं, इस प्रक्रिया से प्रभावित हुए हैं। उनका कहना है कि अमेरिका में कर्मचारियों की छंटनी को लेकर कानून काफी सख्त हैं, जिसका असर इस फैसले में देखा जा रहा है।

रिपोर्ट के मुताबिक, यह कदम ऐसे समय पर उठाया गया है जब कंपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा सेंटर पर निवेश बढ़ा रही है। इसके तहत संसाधनों का पुनर्गठन किया जा रहा है।

टेक सेक्टर में इस तरह के कदम पहले भी देखने को मिले हैं। इससे पहले Amazon जैसी कंपनियां भी एआई पर फोकस बढ़ाने के लिए हजारों कर्मचारियों की छंटनी कर चुकी हैं।

-पीटीआई इनपुट के साथ

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First Published - April 1, 2026 | 10:48 AM IST

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