पेप्सिको इंडिया साल 2030 तक अपनी क्षमता बढ़ाने के लिए 5,700 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। वह भारत को खान-पान और पेय दोनों श्रेणियों में काफी संभावनाओं वाला बाजार मान रही है और यहां खपत बढ़ाने की भी काफी गुंजाइश है।
पेप्सिको के मुख्य कार्य अधिकारी (भारत और दक्षिण एशिया) जागृत कोटेचा ने संवाददाता सम्मेलन में बताया कि यह निवेश मध्य प्रदेश में कॉन्सेंट्रेट संयंत्र, असम में उसके पूर्वोत्तर के संयंत्र और तमिलनाडु में खरीदी जमीन में किया जाएगा। इससे एफएमसीजी क्षेत्र की यह दिग्गज कंपनी दक्षिण भारत में अपने स्नैक्स कारोबार की मौजूदगी बढ़ा सकेगी।
कोटेचा ने कहा, ‘हमें लगातार दूसरे वर्ष अच्छी और दो अंक में दमदार वृद्धि मिली है। पेप्सिको इंडिया पेप्सिको के शीर्ष 13 बाजारों का हिस्सा होने के नाते हम प्रतिबद्ध हैं और पेप्सिको भारत को संभावनाशील बाजार के रूप में देख रही है।’ साल 2025 में पेप्सिको इंडिया का कुल राजस्व 9,798 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की तुलना में 8 प्रतिशत अधिक है और उसका शुद्ध लाभ 905 करोड़ रुपये रहा। इसे कंपनी अपने खान-पान पोर्टफोलियो में मजबूत वृद्धि का परिणाम बताती है।
पेप्सिको की मुख्य वित्तीय अधिकारी (भारत और दक्षिण एशिया) सविता बालाचंद्रन ने कहा, ‘जहां तक साल 2025 का सवाल है, तो कारोबार की खाद्य श्रेणी में जोरदार वृद्धि हुई है, जहां हमने राजस्व में लगभग 11 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी। यह इजाफा हमारे पोर्टफोलियो में काफी व्यापक और बहुत जोरदार रहा है।’
उन्होंने बताया, ‘हमने लगभग 1,580 करोड़ रुपये का एबिटा दर्ज किया, जो लगभग 16.4 प्रतिशत का मार्जिन है और लगभग 905 करोड़ रुपये का कर बाद लाभ दर्ज किया, जो मार्जिन के लिहाज से लगभग 9.4 प्रतिशत है। लेकिन खास बात यह है कि इसमें पिछले साल लागू हुई श्रम संहिता का असाधारण प्रभाव भी शामिल था। इसलिए अगर आप उस असर को हटा दें, तो आप देखेंगे कि मार्जिन वास्तव में राजस्व वृद्धि के अनुरूप ही है।’
पेय श्रेणी के प्रदर्शन के बारे में उन्होंने कहा कि कंपनी को मौसम के कारण कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ा और प्रतिस्पर्धा में भी वृद्धि देखी गई।
कोटेचा ने कहा कि कंपनी पिछले दो वर्षों में अपनी क्षमताओं का विकास और विस्तार कर रही है, जिससे भारत में पेप्सिको और भी ज्यादा सटीक और बारीकी से काम करने में सक्षम हो गई है।