facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

PhonePe: वित्तीय सेवाओं में भी UPI वाली सफलता दोहराने का इरादा

Advertisement

PhonePe का बड़ा दांव: यूपीआई की सफलता से ऋण, बीमा और वेल्थ मैनेजमेंट में बढ़ाए कदम

Last Updated- December 03, 2024 | 10:47 PM IST
PhonePe IPO

वित्तीय प्रौद्योगिकी (फिनटेक) क्षेत्र की दिग्गज कंपनी फोनपे अब भुगतान, ऋण, बीमा और वेल्थ मैनेजमेंट श्रेणी में अपनी उपस्थिति मजबूत कर रही है। कंपनी का लक्ष्य दूसरे कारोबारों में भी अपनी यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) वाली सफलता दोहराने का है। फिलहाल फोनपे का कुल उपयोगकर्ता आधार 50 करोड़ से अधिक है। इनमें से इसका कारोबारी आधार 4 करोड़ से ज्यादा है।

वॉलमार्ट के निवेश वाली फोनपे बिक्री के विभिन्न मौकों को भुनाने के लिए यूपीआई के विशाल आधार का लाभ उठाने की योजना बनाई है। यह रणनीति उपभोक्ता आधारित फिनटेक कंपनियां अपनाती हैं। मगर फोनपे अपने विशाल उपयोगकर्ता आधार के कारण इन सबसे अलग है।

फोनपे में भुगतान प्रमुख दीप अग्रवाल ने कहा, ‘यूपीआई में अपनी ताकत को देखते हुए हमारे लिए दो चीजें लागू करना आसान है। पहला, ग्राहकों को ऋण तक पहुंच प्रदान करना और दूसरा कारोबारियों को ऋण योजनाओं के जरिये अधिक खर्च करने की क्षमता के साथ सशक्त बनाना।’

बिज़नेस स्टैंडर्ड से बात करने वाले कंपनी के अधिकारियों ने कहा कि यूपीआई के तौर पर डिजिटल भुगतान के साथ-साथ भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) के रुपे क्रेडिट कार्ड, यूपीआई और यूपीआई लाइट पर क्रेडिट लाइन जैसे नवोन्मेष ने कंपनी को ग्राहकों और कारोबारियों दोनों तक अपनी पेशकश का विस्तार करने में सक्षम बनाया है।

अग्रवाल ने कहा, ‘ऋण और बीमा जैसी वित्तीय सेवाओं के लिए ये कारोबारी क्षेत्र यूपीआई को अपनी अन्य श्रेणियों में वृद्धि बढ़ाने वाले भुगतान के तरीके के तौर पर देखेंगे। यूपीआई से ही कई लोग पहली बार डिजिटल लेनदेन में सक्षम हुए और इसलिए यूपीआई वाले अनुभव ही तैयार करना मायने रखता है।’

इस साल अक्टूबर तक पूरे यूपीआई परिदृश्य में फोनपे की 47.7 फीसदी हिस्सेदारी थी और कंपनी 70 से अधिक थर्ड पार्टी ऐप्लिकेशन प्रोवाइडर (टीपीएपी) और भुगतान सेवा प्रदाताओं (पीएसपी) की सूची में शीर्ष स्थान पर है। यूपीआई पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) नहीं रहने से असुरक्षित और रेहन वाली ऋण योजनाओं पर बेहतर दरों के कारण फिनटेक के लिए कर्ज देना पसंदीदा विकल्प बन गया है।

Advertisement
First Published - December 3, 2024 | 10:47 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement