facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

Powergrid ने बिजली आपूर्ति मजबूत करने के लिए 705 करोड़ रुपये के दो बड़े प्रोजेक्ट को दी मंजूरी

Advertisement

पावरग्रिड ने 705 करोड़ के दो बड़े प्रोजेक्ट मंजूर किए, जिससे VOIP सिस्टम और ERS टावर से नेशनल ग्रिड मजबूत होगा

Last Updated- September 27, 2025 | 9:25 PM IST
power sector
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

पावरग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड ने देश की बिजली व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए दो बड़े प्रोजेक्ट को हरी झंडी दिखाई है। इनकी कुल लागत 705.51 करोड़ रुपये है। कंपनी की निवेश समिति ने 26 सितंबर को हुई बैठक में इन योजनाओं को मंजूरी दी। ये प्रोजेक्ट नेशनल ग्रिड को बेहतर बनाने और प्राकृतिक आपदाओं से निपटने में मदद करेंगे।

VOIP सिस्टम से बेहतर होगी ग्रिड की निगरानी

पहला प्रोजेक्ट 209.68 करोड़ रुपये का है। इसके तहत देश के पांचों क्षेत्रीय ग्रिड्स—उत्तरी, पूर्वी, पश्चिमी, दक्षिणी और उत्तर-पूर्वी—में वॉयस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल (VOIP) सिस्टम लगाया जाएगा। यह सिस्टम बिजली ट्रांसमिशन नेटवर्क को चलाने में बेहतर तालमेल और दक्षता लाएगा। इस प्रोजेक्ट का काम 23 अगस्त, 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है। VOIP सिस्टम से ग्रिड ऑपरेटर्स के बीच बातचीत आसान होगी। इससे बिजली आपूर्ति की निगरानी और प्रबंधन में सुधार होगा।

आपदा में बिजली बहाली के लिए ERS प्रोजेक्ट

दूसरा प्रोजेक्ट 495.83 करोड़ रुपये का है। इसके तहत मेक इन इंडिया पहल के तहत 20 सेट (300 टावर) इमरजेंसी रिस्टोरेशन सिस्टम (ERS) खरीदे जाएंगे। यह सिस्टम प्राकृतिक आपदाओं या बुनियादी ढांचे में खराबी के दौरान बिजली लाइनों को जल्दी ठीक करने में मदद करेगा। इस प्रोजेक्ट का काम 19 अप्रैल, 2027 तक पूरा होगा। ERS सिस्टम देश की बिजली आपूर्ति को और भरोसेमंद बनाएगा। खासकर तूफान, बाढ़ या भूकंप जैसी आपदाओं में यह सिस्टम तेजी से काम आएगा।

पावरग्रिड का कहना है कि ये दोनों प्रोजेक्ट देश की बिजली व्यवस्था को आधुनिक बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे। ये निवेश भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने और स्थानीय विनिर्माण को बढ़ावा देने की दिशा में भी बड़ा कदम हैं। कंपनी का फोकस नेशनल ग्रिड को और मजबूत करने पर है ताकि बिजली आपूर्ति में किसी तरह की रुकावट न आए। ये प्रोजेक्ट पावरग्रिड की दूरदर्शी सोच को दिखाते हैं, जो बदलते हालात और चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार है।

Advertisement
First Published - September 27, 2025 | 9:25 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement