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कंपनी जगत के राजस्व पर दबाव लेकिन मुनाफे में रही तेजी

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कच्चे माल और ऊर्जा कीमतों में गिरावट से मुनाफा मार्जिन में वृद्धि, कमजोर बिक्री के बावजूद कंपनियों ने दर्ज की मजबूत आय वृद्धि

Last Updated- June 10, 2024 | 11:11 PM IST
Jobs decreased in corporate sector in FY24, many more facts revealed in Bank of Baroda's report FY24 में कॉर्पोरेट सेक्टर में घटी नौकरियां, Bank of Baroda की रिपोर्ट में सामने आए कई और तथ्य

कोविड महामारी के बाद कंपनियों के राजस्व में आई तेजी 2023-24 में गायब होती दिख रही है। फिर भी कंपनियां ऊंचे मार्जिन की मदद से वित्त वर्ष 2024 में अपने मुनाफे में तेज सुधार दर्ज करने में कामयाब रही हैं।

उनकी संयुक्त शुद्ध बिक्री (ऋणदाताओं के लिए सकल ब्याज आय समेत) वित्त वर्ष 2024 में एक साल पहले के मुकाबले 4.8 प्रतिशत तक बढ़ी। यह वृद्धि दर पिछले तीन साल में सबसे धीमी है और वित्त वर्ष 2023 में दर्ज की गई सालाना 22.5 प्रतिशत की वृद्धि के मुकाबले काफी कम है।

बिजनेस स्टैंडर्ड का यह विश्लेषण बीएसई-500, बीएसई मिडकैप और बीएसई स्मॉलकैप सूचकांकों की 1,057 कंपनियों के नमूने पर आधारित है। इस सैम्पल में अन्य सूचीबद्ध कंपनियों की सहायक इकाइयां शामिल नहीं हैं।

गैर-वित्तीय कंपनियों का प्रदर्शन और ज्यादा खराब रहा। वित्त वर्ष 2024 में 939 कंपनियों (बीएफएसआई और स्टॉ ब्रोकर को छोड़कर) की संयुक्त शुद्ध बिक्री एक साल पहले के मुकाबले महज 1.8 प्रतिशत बढ़ी जो वित्त वर्ष 2023 की 23.4 प्रतिशत सालाना वृद्धि से कम है। इसी तरह 924 कंपनियों (बीएफएसआई और तेल एवं गैस क्षेत्रों को छोड़कर, जिसमें रिलांयस भी शामिल) की संयुक्त शुद्ध बिक्री वित्त वर्ष 2024 में सालाना आधार पर 4.5 प्रतिशत तक बढ़ी जो वित्त वर्ष 2023 की 19.3 प्रतिशत सालाना वृद्धि से कम है।

इस गिरावट के बावजूद बिजनेस स्टैंडर्ड के नमूने में शामिल सभी कंपनियों की संयुक्त शुद्ध बिक्री वित्त वर्ष 2019-24 की अव​धि में 8.9 प्रतिशत की सालाना चक्रवृद्धि दर (सीएजीआर) से बढ़ी। यह वित्त वर्ष 2014-19 की अव​धि में दर्ज 6.1 प्रतिशत सीएजीआर वृद्धि की तुलना में सुधार है लेकिन वित्त वर्ष 2009-14 के दौरान दर्ज की गई 14.7 प्रतिशत सीएजीआर से कम है।

इसी तरह, गैर-बीएफएसआई फर्मों की संयुक्त शुद्ध बिक्री वित्त वष 2019-24 में 8.6 प्रतिशत की सीएजीआर से बढ़ी जो वित्त वर्ष 2014-19 के 5.7 प्रतिशत से
अ​धिक है, लेकिन वित्त वर्ष 2009-14 के दौरान दर्ज 14 प्रतिशत वृद्धि के मुकाबले कम है। सुस्त बिक्री के बाद भी कंपनियों ने वित्त वर्ष 2024 में आय में तेज सुधार दर्ज किया।

कंपनियों को कच्चे माल और ऊर्जा कीमतों में गिरावट का फायदा मिला जिससे उनका मुनाफा मार्जिन बढ़कर 15 वर्ष की ऊंचाई पर पहुंच गया। नमूने में शामिल सभी कंपनियों का संयुक्त शुद्ध लाभ (असाधारण लाभ और नुकसान के समायोजन के साथ) वित्त वर्ष 2024 में एक साल पहले की तुलना में 24.9 प्रतिशत तक बढ़ा जो एक साल पहले आई 9.2 प्रतिशत तेजी के मुकाबले काफी अ​धिक है।

वित्त वर्ष 2024 में गैर-बीएफएसआई कंपनियों का संयुक्त शुद्ध लाभ एक साल पहले की तुलना में 26.2 प्रतिशत तक बढ़ा, जो वित्त वर्ष 2023 में आई 3.6 प्रतिशत गिरावट के मुकाबले बड़ा सुधार है। इसकी तुलना में कंपनियों (बीएफएसआई और तेल एवं गैस को छोड़कर) का संयुक्त शुद्ध लाभ वित्त वर्ष 2024 में सालाना आधार पर 19.4 प्रतिशत तक बढ़ा जबकि वित्त वर्ष 2023 में इसमें 0.4 प्रतिशत गिरावट दर्ज की गई थी।

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First Published - June 10, 2024 | 11:11 PM IST

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