सीमेंट क्षेत्र की दिग्गज कंपनी एसीसी का समेकित शुद्ध लाभ वित्त वर्ष 26 की चौथी तिमाही में सालाना आधार पर 68.27 प्रतिशत गिरकर 238.25 करोड़ रुपये रह गया। लागत के दबाव, पश्चिम एशिया संघर्ष के बाद रुपये में गिरावट और वित्त वर्ष 25 की चौथी तिमाही के एकमुश्त असर की वजह से यह गिरावट आई। एसीसी ने कहा कि ईंधन, डीजल, पैकेजिंग बैग की आपूर्ति में बाधाओं और रुपये में गिरावट के कारण लागत के दबाव ने चौथी तिमाही के प्रदर्शन को प्रभावित किया है और इसका असर वित्त वर्ष 27 की पहली छमाही में भी जारी रहने की आशंका है।
वित्त वर्ष 26 की चौथी तिमाही के दौरान कंपनी का कुल खर्च पिछले साल के मुकाबले 22.71 प्रतिशत बढ़कर 6,826.24 करोड़ रुपये हो गया। इस्तेमाल हुए सामान की लागत में 21.53 प्रतिशत की बढ़ोतरी तथा तैयार सामान और चल रहे काम के स्टॉक में बदलाव (88.58 प्रतिशत की बढ़ोतरी) की वजह से खर्च में बढ़ोतरी हुई। एसीसी का परिचालनगत एबिटडा चौथी तिमाही में 627 करोड़ रुपये रहा। इसमें पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 24.45 प्रतिशत की गिरावट आई। इस अवधि में एबिटा मार्जिन 8.8 प्रतिश्ता रहा, जो वित्त वर्ष 25 की चौथी तिमाही में दर्ज 13.6 प्रतिशत से काफी कम है।
डायग्नोस्टिक क्षेत्र की प्रमुख कंपनी डॉ लाल पैथलैब्स (डीएलपीएल) ने वित्त वर्ष 26 की चौथी तिमाही के दौरान समेकित शुद्ध लाभ में सालाना आधार पर 15.2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की और यह घटकर 154.8 करोड़ रुपये रह गया। कंपनी ने इस गिरावट के कारणों का खुलासा नहीं किया है।
अलबत्ता वित्त वर्ष 26 की चौथी तिमाही में कंपनी के परिचालन राजस्व में सालाना आधार पर 16.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह पिछले वर्ष की इसी अवधि में दर्ज 659.8 करोड़ रुपये की तुलना में बढ़कर 702 करोड़ रुपये हो गया। इस इजाफे को मुख्य रूप से नमूनों की मात्रा बढ़ने से मदद मिली, जो पिछले साल की तुलना में 12 प्रतिशत बढ़ी। परिचालन आधार पर डायग्नोस्टिक कंपनी का एबिटा मार्च तिमाही में 10.5 प्रतिशत बढ़कर 187 करोड़ रुपये हो गया।
अदाणी पोर्ट्स ऐंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (एपीएसईजेड) का एकीकृत शुद्ध लाभ साल 2025-26 की चौथी तिमाही में 9.43 प्रतिशत बढ़कर 3,308.30 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी ने 2024-25 की चौथी (जनवरी-मार्च) तिमाही में 3,023.10 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था।
एपीएसईजेड ने गुरुवार को शेयर बाजार को दी सूचना में बताया कि समीक्षाधीन तिमाही में कंपनी की कुल आय बढ़कर 11,489.45 करोड़ रुपये हो गई, जो गत वर्ष की समान तिमाही में 8,769.63 करोड़ रुपये थी। वहीं खर्च बढ़कर 7,937.66 करोड़ रुपये रहा जो एक साल पहले 5,382.13 करोड़ रुपये था। समूचे वित्त वर्ष 2025-26 में अदाणी पोर्ट्स ऐंड स्पेशल इकनॉमिक जोन लिमिटेड का शुद्ध लाभ बढ़कर 12,782.03 करोड़ रुपये हो गया। यह 2024-25 में 11,061.26 करोड़ रुपये रहा था।
सार्वजनिक क्षेत्र की नैशनल एल्युमीनियम कंपनी लिमिटेड (नालको) का एकीकृत शुद्ध लाभ वित्त वर्ष 26 की जनवरी-मार्च तिमाही में 16.6 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,722.44 करोड़ रुपये रहा। वित्त वर्ष 25 की समान तिमाही में यह 2,067.23 करोड़ रुपये था। कंपनी ने गुरुवार को शेयर बाजार को दी सूचना में बताया कि समीक्षाधीन तिमाही के दौरान उसकी आय भी घटकर 5,012.82 करोड़ रुपये रह गई, जो 2024-25 की समान तिमाही में 5,267.83 करोड़ रुपये थी।
चौथी तिमाही में नालको का कुल खर्च बढ़कर 2,898.30 करोड़ रुपये हो गया, जो वित्त वर्ष 25 की समान तिमाही में 2,633.80 करोड़ रुपये था। कंपनी के निदेशक मंडल ने वित्त वर्ष 26 के लिए प्रति शेयर दो रुपये का तीसरा अंतरिम लाभांश घोषित किया है, जिसकी कुल राशि 367.33 करोड़ रुपये है।
वित्तीय सेवा कंपनी बजाज फिनसर्व लिमिटेड का एकीकृत शुद्ध लाभ साल 2025-26 की चौथी तिमाही में पांच प्रतिशत बढ़कर 2,539 करोड़ रुपये हो गया। साल 2024-25 की चौथी (जनवरी-मार्च) तिमाही में कंपनी का मुनाफा 2,417 करोड़ रुपये रहा था। समीक्षाधीन तिमाही में कुल आय 5.7 प्रतिशत बढ़कर 38,508 करोड़ रुपये हो गई जो 2024-25 की समान तिमाही में 36,434 करोड़ रुपये थी।
कंपनी के निदेशक मंडल ने 31 मार्च 2026 को समाप्त वित्त वर्ष के लिए 1.50 रुपये प्रति शेयर लाभांश की सिफारिश की है। इसमें बजाज समूह के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 0.20 रुपये का विशेष लाभांश भी शामिल है। कुल लाभांश भुगतान 240 करोड़ रुपये बैठता है जो पिछले वर्ष के 160 करोड़ रुपये से काफी अधिक है।
वारी एनर्जीज का एकीकृत शुद्ध लाभ साल 2025-26 की चौथी तिमाही में करीब 75 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,126 करोड़ रुपये रहा। कंपनी का 2024-25 की चौथी (जनवरी-मार्च) तिमाही में मुनाफा 644.47 करोड़ रुपये रहा था। वारी एनर्जीज ने शेयर बाजार को दी सूचना में बताया कि जनवरी-मार्च तिमाही के दौरान कंपनी की कुल आय दोगुनी से अधिक होकर 8,659.98 करोड़ रुपये रही जो 2024-25 की समान तिमाही में 4,140.92 करोड़ रुपये थी।
समूचे वित्त वर्ष 2025-26 में वारी एनर्जीज लिमिटेड का शुद्ध लाभ बढ़कर 3,884.15 करोड़ रुपये हो गया जो 2024-25 में 1,928.13 करोड़ रुपये था। कंपनी के निदेशक मंडल ने 31 मार्च 2026 को समाप्त वर्ष के लिए 10 रुपये अंकित मूल्य वाले प्रति शेयर पर दो रुपये (20 प्रतिशत) का अंतिम लाभांश देने की सिफारिश की है।