Q4 Results: इंडियन ओवरसीज बैंक (आईओबी)ने वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में अपने शुद्ध लाभ में पिछले वर्ष की इस तिमाही की तुलना में 43.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है। इस सरकारी बैंक का शुद्ध लाभ चौथी तिमाही में बढ़कर 1,505 करोड़ रुपये हो गया जबकि यह बीते साल की इसी तिमाही में 1,051 करोड़ रुपये था। शुद्ध ब्याज आय (एनआईआई) में वृद्धि और प्रावधानों में कमी के कारण यह वृद्धि हुई है।
तिमाही के लिए शुद्ध ब्याज आय (एनआईआई) 3,470 करोड़ रुपये रही, जो पिछले वर्ष की तुलना में 11.1 प्रतिशत और पिछली तिमाही की तुलना में 5.2 प्रतिशत अधिक है। प्रावधान और आकस्मिकताएं पिछले वर्ष की तुलना में 5.4 प्रतिशत घटकर 1,006 करोड़ रुपये रह गईं, जो वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही में 1,063 करोड़ रुपये थीं। प्रावधानों और आकस्मिकताओं से पहले परिचालन लाभ पिछले वर्ष की तुलना में 1.8 प्रतिशत बढ़कर 2,665 करोड़ रुपये हो गया।
फेडरल बैंक को 1259 करोड़ लाभ
फेडरल बैंक ने वित्त वर्ष 26 की जनवरी-मार्च तिमाही (चौथी तिमाही) में अभी तक का सर्वाधिक लाभ 1,259 करोड़ रुपये दर्ज किया है। यह बीते साल की इसी अवधि की तुलना में 22.23 प्रतिशत अधिक है। यह वृद्धि शुद्ध ब्याज आय (एनआईआई) और अन्य आय में जबरदस्त वृद्धि हुई जबकि प्रावधानों में भी वृद्धि हुई। बैंक के लाभ को आयकर रिफंड 456 करोड़ रुपये और आय कर के प्रावधान के रिवर्सल से 115 करोड़ रुपये के लाभ से भी मदद मिली। एकमुश्त लाभ को छोड़कर बैंक का शुद्ध लाभ 1145 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 11.16 प्रतिशत अधिक है। इस तिमाही के लिए एनआईआई 3,173 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में लगभग 34 प्रतिशत अधिक है।
बजाज फाइनैंस का पीएटी बढ़ा
देश की सबसे बड़ी निजी क्षेत्र की गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) बजाज फाइनैंस ने वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में अपना एकल कर के बाद लाभ (पीएटी) में 23 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर्ज की है और यह बढ़कर 4,840 करोड़ रुपये हो गया है। यह वृद्धि शुद्ध ब्याज आय (एनआईआई) में मजबूत वृद्धि और ऋण हानि प्रावधानों में कमी के कारण हुई है। समेकित आधार पर तिमाही के दौरान शुद्ध लाभ में 22 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई और यह 5,553 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। एकमुश्त मदों को छोड़कर—जिसमें 147 करोड़ रुपये का अतिरिक्त अपेक्षित ऋण हानि (ईसीएल) प्रावधान शामिल है—मूल एकल पीएटी में पिछले वर्ष की समान अवधि के 3,896 करोड़ रुपये की तुलना में 27 प्रतिशत की अधिक तीव्र वृद्धि दर्ज की गई और यह 4,950 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
फिनो पेमेंट्स बैंक का मुनाफा घटा
फिनो पेमेंट्स बैंक का वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में शुद्ध लाभ 70 प्रतिशत घटकर 7.1 करोड़ रुपये रह गया जबकि वित्त वर्ष 25 की चौथी तिमाही में यह 24 करोड़ रुपये था। बैंक का तिमाही आधार पर शुद्ध वित्त वर्ष 26 के 12.2 करोड़ रुपये से 41.8 प्रतिशत घटकर 7.1 करोड़ रुपये रह गया। इसका राजस्व वार्षिक आधार पर 31 प्रतिशत घट गया। इसका राजस्व वित्त वर्ष 26 की चौथी तिमाही में घटकर 340 करोड़ रुपये हो गया जबकि यह वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में 493.5 करोड़ रुपये था।