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दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से घटेगी दूरी, रियल एस्टेट भी पकड़ेगा रफ्तार

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देहरादून, एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के रियल एस्टेट बाजारों में प्रोपर्टी की कीमतों और मांग में इजाफा होने की उम्मीद

Last Updated- April 14, 2026 | 6:41 PM IST
Real Estate

Delhi-Dehradun Expressway-Real estate: दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से न केवल दिल्ली से देवभूमि की दूरी कम होगी, बल्कि इससे रियल एस्टेट क्षेत्र को भी बढ़ावा मिलेगा। इस एक्सप्रेसवे के कारण देहरादून, एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के रियल एस्टेट बाजारों में निवेशकों की रुचि बढ़ेगी और मकानों की मांग में इजाफा होगा। इस एक्सप्रेसवे के कारण यात्रा समय में लगभग 50 फीसदी तक कमी आने की उम्मीद है।

10 से 20 लाख वर्ग फुट नई सप्लाई जुड़ेगी

कॉलियर्स इंडिया में नेशनल डायरेक्टर और रिसर्च हेड विमल नादर ने कहा कि दिल्ली-सहारनपुर-देहरादून एक्सप्रेसवे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बदलने और पूरे कॉरिडोर में रियल एस्टेट गतिविधियों को प्रोत्साहित करने की क्षमता रखता है। इससे विशेषकर दिल्ली एनसीआर के प्रमुख माइक्रो मार्केट में इंडस्ट्रियल और वेयरहाउसिंग मांग को प्रोत्साहन मिलने की संभावना है। यह एक्सप्रेसवे दिल्ली एनसीआर के प्रमुख औद्योगिक और वेयरहाउसिंग केंद्रों जैसे गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और मेरठ को अन्य महत्वपूर्ण औद्योगिक हब और शहरों जैसे मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और देहरादून से जोड़ता है।

एक्सप्रेसवे से बेहतर कनेक्टिविटी के कारण आने वाले कुछ वर्षों में दिल्ली एनसीआर के इन माइक्रो मार्केट में ग्रेड-A सप्लाई के रूप में 10 से 20 लाख वर्गफुट तक नई आपूर्ति जुड़ने का अनुमान है। वार्षिक लीजिंग 10 से 15 लाख वर्गफुट तक पहुंच सकती है।

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संपत्ति की कीमतें 25% तक बढ़ने की संभावना

स्क्वायर यार्ड्स के को-फाउंडर अनुपम रस्तोगी ने कहा कि दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे रियल एस्टेट में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। देहरादून में सेकंड-होम की मांग, प्लॉटेड डेवलपमेंट और विला कम्युनिटी में तेजी देखने को मिलेगी। दूसरी ओर एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के माइक्रो मार्केट में एंड-यूजर और निवेशकों दोनों की रुचि बढ़ेगी। साथ ही प्रमुख हिस्सों में संपत्ति कीमतों में 15 से 25% तक बढ़ोतरी की संभावना है।
इसके अतिरिक्त कनेक्टिविटी में सुधार से हरिद्वार, ऋषिकेश और देहरादून के आसपास हॉस्पिटैलिटी और सेकंड होम बाजार को भी समर्थन मिलने की संभावना है।

लोहिया वर्ल्डस्पेस के प्रबंध निदेशक पीयूष लोहिया के मुताबिक भी एनसीआर के भीतर लोनी, मंडोली, नरेला, बवाना, गाजियाबाद का साहिबाबाद क्षेत्र और पूर्वी दिल्ली के प्रमुख इलाके जैसे शाहदरा, सीमापुरी, करावल नगर, सोनिया विहार और यमुना विहार, साथ ही ट्रोनिका सिटी जैसे सूक्ष्म बाजारों में अगले 18 से 24 महीनों में संपत्ति की कीमतें 25% तक बढ़ने की संभावना है।

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First Published - April 14, 2026 | 6:41 PM IST

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