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शेयर फिसला, लेकिन ब्रोकरेज का भरोसा: बुकिंग में झटके के बावजूद पटरी पर DLF की ग्रोथ

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वित्त वर्ष 2026 के नौ महीनों में कंपनी की बुकिंग 16,176 करोड़ रुपये रही। यह पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 16 फीसदी कम है

Last Updated- January 25, 2026 | 10:32 PM IST
DLF
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

देश की सूचीबद्ध रियल एस्टेट कंपनी डीएलएफ के शेयर शुक्रवार को करीब 4 फीसदी फिसल गए। इसका कारण दिसंबर तिमाही के लिए कंपनी का बुकिंग में गिरावट की जानकारी देना रहा। इस गिरावट के साथ ही शेयर साल की शुरुआत से अब तक 14 फीसदी से ज्यादा नीचे आ चुका है। हालांकि कुछ ब्रोकरेज फर्मों ने तीसरी तिमाही में चूक को देखते हुए अपने आय अनुमानों में कटौती की है। लेकिन वे लॉन्चिंग की योजनाओं, एन्युटी के स्थिर पोर्टफोलियो और गिरे हुए मूल्यांकन को देखते हुए मध्यम अवधि के लिहाज से सकारात्मक हैं। यह शेयर वित्त वर्ष 2027 की कमाई के 32 गुना पर कारोबार कर रहा है।

दिसंबर तिमाही में कंपनी की बुकिंग मात्र 419 करोड़ रुपये रही। नए प्रोजेक्ट लॉन्च न होने, सुपर-लक्जरी प्रोजेक्ट ‘द डाहलिया’ के दोबारा डिजायन और पहले से ही उच्च आधार के कारण बुकिंग पिछले साल की इसी तिमाही की तुलना में 97 फीसदी कम रही जबकि तिमाही आधार पर इसमें 90 फीसदी की गिरावट आई। सितंबर तिमाही में कंपनी की बुकिंग 4,300 करोड़ रुपये रही, जो उम्मीद से बेहतर थी। इसे मुंबई (2,300 करोड़ रुपये) में लॉन्च और द डाहलिया (1,600 करोड़ रुपये) के योगदान से मदद मिली। 

वित्त वर्ष 2026 के नौ महीनों में कंपनी की बुकिंग 16,176 करोड़ रुपये रही। यह पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 16 फीसदी कम है। वित्त वर्ष 2026 के लिए बुकिंग का लक्ष्य 20,000 करोड़ रुपये से 22,000 करोड़ रुपये के बीच है। कंपनी ने अब तक अपने लक्ष्य का लगभग 80 फीसदी हासिल किया है। उम्मीद है कि कंपनी वित्त वर्ष 2026 के लिए बिक्री का अनुमानित लक्ष्य पूरा कर लेगी। 

आगे चलकर परियोजनाएं लॉन्च करने की मजबूत योजनाएं हैं। चौथी तिमाही में लॉन्च होने वाली परियोजनाओं में गुरुग्राम में 2,000 करोड़ रुपये की डेवलपमेंट वैल्यू वाली आर्बर 2 परियोजना शामिल है। इसके अतिरिक्त, वित्त वर्ष 2027 में गोवा, पंचकूला, मुंबई परियोजना का दूसरा चरण, डाहलिया का अगला चरण और डीएलएफ सिटी परियोजना लॉन्च होने की उम्मीद है।

नई योजनाओं के लॉन्च के अलावा ब्रोकरेज फर्मों ने ग्राहकों से प्राप्त मजबूत संग्रह का भी जिक्र किया है। कंपनी ने तीसरी तिमाही में 5,100 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड सकल तिमाही संग्रह दर्ज किया। वित्त वर्ष 2026 के दिसंबर में समाप्त नौ महीनों के लिए संग्रह 10,216 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो एक साल पहले की इसी अवधि की तुलना में पांचवां हिस्सा अधिक है। मजबूत संग्रह को देखते हुए परिचालन नकदी प्रवाह में सालाना आधार पर 2.2 गुना और तिमाही आधार पर 2.9 गुना वृद्धि हुई और यह 4,000 करोड़ रुपये से अधिक हो गया।

नकदी प्रवाह पर टिप्पणी करते हुए जेफरीज रिसर्च का कहना है कि ग्राहक संग्रह में 66 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है, जिससे परिचालन नकदी प्रवाह में भारी अधिशेष मिला है। ब्रोकरेज फर्म के अनुसार इससे कंपनी को सकल स्तर पर ऋण खत्म करने में मदद मिली, जो आईपीओ के बाद पहली बार हुआ है। कंपनी ने आगे चलकर संग्रह में सालाना आधार पर 10-15 फीसदी की वृद्धि का अनुमान लगाया है। ब्रोकरेज फर्म ने 1,000 रुपये के लक्ष्य के साथ शेयर को खरीद रेटिंग दी है।

एन्युटी कारोबार की बात करें तो कंपनी के पास 4.9 करोड़ वर्ग फुट के किराये की परिसंपत्तियों का ऑपरेशनल पोर्टफोलियो है, जो 94 फीसदी भरा हुआ है। एसईजेड पोर्टफोलियो में ऑक्युपेंसी 88 फीसदी है, रिटेल में 97 फीसदी और गैर-एसईजेड हिस्से में 88 फीसदी है। तिमाही में लीज से मिलने वाली आय में सालाना आधार पर 18 फीसदी की वृद्धि हुई और यह 1,400 करोड़ रुपये से अधिक रही, जो ब्रोकरेज के अनुमानों से अधिक है। ऑफिस कारोबार में शुद्ध कर्ज में 400 करोड़ रुपये की कमी आई और कर्ज की लागत में 10 आधार अंक की कमी हुई। वित्त वर्ष 2027 में किराये से होने वाली आय अनुमानित 6,400 करोड़ रुपये से बढ़कर करीब 7,500 करोड़ रुपये रहने की उम्मीद है।

मोतीलाल ओसवाल रिसर्च ने वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में नए प्रोजेक्ट लॉन्च न होने और ‘द डाहलिया’ की बिक्री में कोई वृद्धि न होने के कारण डीएलएफ के अनुमानों में कटौती की है। ब्रोकरेज फर्म ने डीएलएफ के बाकी 15 करोड़ वर्गफुट भूमि बैंक से कमाई के लिए 12-13 साल की समयसीमा मानी है, जो इसकी विकास संभावनाओं को पर्याप्त रूप से दर्शाती है। फर्म ने डीएलएफ को खरीद की रेटिंग दी है और लक्षित कीमत 974 रुपये तय की है।

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First Published - January 25, 2026 | 10:32 PM IST

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