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देश के बड़े शहरों में मकानों की बिक्री 7% घटी, युद्ध और अनिश्चितता ने रियल एस्टेट पर लगाया ब्रेक

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पश्चिम एशिया में युद्ध और अनिश्चितता के कारण देश के सात बड़े शहरों में मकानों की बिक्री 7% घट गई है, जिससे बिना बिके घरों का स्टॉक बढ़ गया है

Last Updated- March 27, 2026 | 10:25 PM IST
Real Estate
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

vरियल एस्टेट कंसल्टेंसी फर्म एनारॉक के अनुसार पश्चिम एशिया में जारी लड़ाई के बीच देश के सात प्रमुख शहरों में 2026 की पहली तिमाही में दिसंबर तिमाही के मुकाबले मकानों की बिक्री 7 फीसदी घटी है। लेकिन सालाना आधार पर पहली तिमाही में घरों की बिक्री निचले आधार के कारण 7 प्रतिशत बढ़ी है।

2026 की पहली तिमाही में लगभग 1,01,675 आवासों की बिक्री हुई, जिनकी कीमत 1.51 लाख करोड़ रुपये से अधिक थी, जबकि 2025 की चौथी तिमाही में 1,08,970 आवासों की बिक्री हुई जिनके दाम 1.60 लाख करोड़ रुपये थे। 2025 की पहली तिमाही में 93,280 यूनिट बिकीं जिनकी  कीमत 1.42 लाख करोड़ रुपये थी।

एनारॉक ग्रुप के चेयरमैन अनुज पुरी ने कहा, ‘जहां भारत के आवासीय खंड का दीर्घावधि आधार मजबूत बना हुआ है, वहीं पहली तिमाही में ईरान युद्ध के अल्पावधि झटके स्पष्ट रूप से दिखे हैं। बिक्री में 7 प्रतिशत की गिरावट युद्ध-से जुड़ी अनिश्चितता दर्शाती है। युद्ध के कारण तेल और निर्माण संबंधित कीमतों में बढ़ोतरी से जिसमें धारणा और बिक्री पर असर पड़ा है। यह गिरावट पश्चिम एशिया के संभावित खरीदारों की बड़ी संख्या के साथ भी मेल खाती है, जो भारत में रियल एस्टेट में बड़ा निवेश करते हैं। लेकिन युद्ध के कारण अब पैसा लगाने से परहेज कर रहे हैं।’

शहर-वार देखें तो मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (एमएमआर) और बेंगलूरु ने इस तिमाही में कुल बिक्री का 48 प्रतिशत हिस्सा हासिल किया। चेन्नई में आवासीय बिक्री में सबसे बड़ी तिमाही गिरावट (18 प्रतिशत) दर्ज की गई, लेकिन सालाना आधार पर सबसे बड़ी वृद्धि (31 प्रतिशत) भी वहीं हुई।

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इस बीच, शीर्ष सात शहरों में नई पेशकशों में 2026 की पहली तिमाही में 2 प्रतिशत की सीमित तिमाही वृद्धि देखी गई और 26 प्रतिशत की सालाना बढ़ोतरी हुई, जो 2025 की चौथी तिमाही में 1,23,835 यूनिट से बढ़कर 2026 की पहली तिमाही में लगभग 1,26,265 यूनिट और 2025 की पहली तिमाही में 1 लाख यूनिट से अधिक हो गई।

 2026 की पहली तिमाही में एमएमआर और बेंगलूरु में सबसे अधिक नई आपूर्ति आई, जो सात बड़े शहरों की कुल नई पेशकशों का 51 प्रतिशत थी। एमएमआर, हैदराबाद, बेंगलूरु, पुणे और एनसीआर (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र) ने मिलकर इस तिमाही में आपूर्ति वृद्धि में 92 प्रतिशत का योगदान दिया।

तिमाही में नई पेशकशों में हुई बढ़ोतरी के बाद शीर्ष सात शहरों में उपलब्ध इन्वेंट्री (बिना बिकी संपत्तियां) में तिमाही आधार पर 4 प्रतिशत और सालाना आधार पर 7 प्रतिशत का इजाफा हुआ। यह 2025 की चौथी तिमाही के अंत के लगभग 5,76,620 यूनिट से बढ़कर 2026 की पहली तिमाही के अंत में लगभग 6,01,210 यूनिट हो गई। शीर्ष शहरों में, बेंगलूरु में बिना बिके आवासों में 12 प्रतिशत की सबसे बड़ी तिमाही वृद्धि देखी गई। इसके बाद हैदराबाद (7 प्रतिशत की वृद्धि) का स्थान रहा।

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पुरी ने कहा, ‘इस तिमाही का एक और महत्त्वपूर्ण रुझान यह है कि नई पेशकशों की रफ्तार बिक्री से आगे निकलने लगी है, जो महामारी के बाद के पैटर्न को उलट रही है क्योंकि तब बिक्री आम तौर पर अधिक होती थी। नतीजतन, बिना बिके आवासों में तिमाही आधार पर 4 प्रतिशत और सालाना आधार पर 7 प्रतिशत वृद्धि हुई है, जिसमें शीर्ष सात शहरों में कुल स्टॉक अब 6 लाख यूनिट से ऊपर है।’

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First Published - March 27, 2026 | 10:21 PM IST

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