FICCI-KPMG Report-Real Estate: भारतीय रियल एस्टेट मार्केट के तेजी से बढ़ने की संभावना है। यह मार्केट अपने मौजूदा स्तर से 2047 तक 9 गुना से ज्यादा बढ़ सकता है। तकनीक अब रियल एस्टेट के विकास, विपणन और लेनदेन के तरीकों को तेजी से बदल रही है। इस सेक्टर में एआई उपयोग काफी बढ़ गया है।
उद्योग संगठन FICCI और KPMG की 19वें FICCI रियल एस्टेट समिट में जारी ज्वाइंट रिपोर्ट ‘Reimagining India’s Real Estate Landscape’ के अनुसार भारतीय रियल एस्टेट मार्केट 2047 तक बढ़कर 5.8 लाख करोड़ डॉलर (5.8 ट्रिलियन) तक पहुंच सकता है, जो 2025 में 0.65 लाख करोड़ डॉलर (650 अरब अमेरिकी डॉलर) था। रिपोर्ट के अनुसार 2034 तक नए घरों का अनुमानित मूल्य 906 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है, जबकि 2036 तक आवास की मांग 9.3 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि 2028 तक 4.1 करोड़ वर्गफुट नए रिटेल विकास की संभावना है।
रिपोर्ट बताती है कि तकनीक अब रियल एस्टेट के विकास, विपणन और लेनदेन के तरीकों को तेजी से बदल रही है। FICCI शहरी विकास एवं रियल एस्टेट समिति के चेयरमैन राज मेंडा ने कहा कि भारत के कॉर्पोरेट रियल एस्टेट में एआई का उपयोग महज दो वर्षों में 5 प्रतिशत से बढ़कर 91 प्रतिशत तक पहुंच गया है। तकनीक अब अलग पहचान का साधन नहीं, बल्कि पूंजी और भरोसे तक पहुंच की अनिवार्य शर्त बन चुकी है। जो प्लेटफॉर्म इसी सोच के साथ विकसित होंगे, वही भारत के रियल एस्टेट नेतृत्व को परिभाषित करेंगे।
उत्तर प्रदेश रेरा के अध्यक्ष संजय आर भूसरेड्डी कहते हैं कि उत्तर प्रदेश को 1 लाख करोड़ डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य में रियल एस्टेट की बड़ी भूमिका होगी। उन्होंने बताया कि यूपी रेरा इस वर्ष 400 नई परियोजनाओं को स्वीकृति देने की दिशा में अग्रसर है। 2023 तक जहां प्रतिवर्ष लगभग 190 परियोजनाएं स्वीकृत होती थीं, वहीं 2024 में 259 और 2025 में 308 और चालू वर्ष में अब तक 108 परियोजनाएं स्वीकृत की जा चुकी हैं।