कैलेंडर वर्ष 2026 की पहली तिमाही के दौरान देश के आवासीय रियल एस्टेट बाजार में नरमी के संकेत दिखे। इस दौरान बिक्री में पिछले साल की तुलना में 4 प्रतिशत की गिरावट आई। लेकिन इसी अवधि में ऑफिस लीजिंग तिमाही आधार पर अधिकतम स्तर पर पहुंच गई। नाइट फ्रैंक इंडिया के अनुसार तिमाही के दौरान आवासीय बिक्री 84,827 रही, जो साल 2025 की पहली तिमाही की 88,361 आवासीय बिक्री से कम है। मगर ऑफिस लीजिंग पिछले वर्ष की तुलना में 6 प्रतिशत बढ़कर 2.99 करोड़ वर्ग फुट हो गई।
नाइट फ्रैंक के अनुसार मुंबई (7 प्रतिशत की गिरावट), राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र यानी एनसीआर (11 प्रतिशत की कमी) और पुणे (11 प्रतिशत नीचे) जैसे बड़े बाजारों में बिक्री में पिछले वर्ष की तुलना में गिरावट दर्ज की गई। लेकिन मांग के बुनियादी कारक बरकरार रहे। बिक्री की रफ्तार में मौजूदा नरमी जोरदार बढ़ोतरी की लंबी अवधि के बाद पुनर्संयोजन के शुरुआती चरण का संकेत दे सकती है।
नाइट फ्रैंक इंडिया के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक (अंतरराष्ट्रीय साझेदार) शिशिर बैजल ने कहा कि यह नरमी जोरदार बढ़त के बाद आंशिक रूप से सामान्य मजबूती दर्शाती है। लेकिन बढ़ती कीमतों और घटती बिक्री से खर्च उठाने की क्षमता और खपत पर दबाव का संकेत मिलता है।
उन्होंने यह भी बताया कि अस्थिर भू-राजनीतिक माहौल और शेयर बाजार में लगातार गिरावट ने आवासीय मांग को घटाया है। बाजार की गतिविधियों का झुकाव महंगे मकानों की ओर रहा, जबकि 1 करोड़ रुपये से कम वाली श्रेणी की बिक्री में गिरावट आई। 1 करोड़ से अधिक वाले मकानों के दाम 2026 की पहली तिमाही में पिछले साल के मुकाबले 11 प्रतिशत बढ़े, जबकि 50 लाख से कम और 50 लाख से 1 करोड़ रुपये वाली श्रेणी में क्रमशः 23 प्रतिशत और 12 प्रतिशत की गिरावट आई।