Indian Office Market: भारत के ऑफिस रियल एस्टेट बाजार में इस साल भी मजबूत वृद्धि जारी रहने की संभावना है। भारत का ऑफिस बाजार एक नए “फ्यूचर-रेडी” ग्रोथ फेज में प्रवेश कर रहा है, जहां टेक्नोलॉजी, सस्टेनेबिलिटी और फ्लेक्सिबिलिटी प्रमुख भूमिका निभाएंगे। GCC, फ्लेक्स स्पेस और REIT जैसे कारक आने वाले वर्षों में इस सेक्टर की दिशा तय करेंगे।
Office Market में 2026 में कितनी रहेगी मांग?
कॉलियर्स की ताजा रिपोर्ट “2026 India Office: Unlocking Agility, Vitality and Flight-to-Quality” के मुताबिक 2026 में ग्रेड-ए ऑफिस स्पेस की मांग 700 से 750 लाख वर्ग फुट रहने का अनुमान है, जबकि नई आपूर्ति 600-650 लाख वर्ग फुट के बीच रह सकती है। यह वृद्धि विविध और मजबूत उपभोक्ता आधार, बदलती प्राथमिकताओं और इस एसेट क्लास में बढ़ती संस्थागत भागीदारी के चलते संभव होगी।
कोलियर्स इंडिया के ऑफिस सर्विसेज के प्रबंध निदेशक अर्पित मेहरोत्रा का कहना है कि भारत के ऑफिस बाजार में लगातार बदलाव हो रहा है। हाल के वर्षों में इसकी रफ्तार भी बढ़ी है। 2024 और 2025 के विस्तार चरण के बाद, जिसमें लगातार कई वर्षों तक रिकॉर्ड तोड़ मांग दर्ज की गई। इस वृद्धि का मुख्य कारण जीसीसी का बढ़ता विस्तार, फ्लेक्स स्पेस की बढ़ती उपलब्धता, प्रतिभा गलियारों का विस्तार और किराएदारों के बढ़ते आधार का होना है। इन सहायक कारकों से आने वाले वर्षों (2030 तक) में 1000 लाख वर्ग फुट की वार्षिक मांग का संभावित रोडमैप तैयार होगा। भारत के प्रमुख शहरों वैकेंसी घटकर करीब 15% तक आ सकता है और किराये में भी मजबूती बनी रहेगी।
India office market trend and outlook
| Year |
2021 |
2022 |
2023 |
2024 |
2025 |
Near-term outlook (2026F) |
Outlook (2030F) |
| Stock (in msf) |
643.5 |
686.5 |
736.8 |
790.4 |
847.1 |
900-920 |
1,100-1,200 |
| Demand (in msf) |
33.5 |
51.0 |
59.2 |
67.2 |
71.5 |
70-75 |
90-100 |
| Supply (in msf) |
34.9 |
43.0 |
50.3 |
53.7 |
56.5 |
60-65 |
75-85 |
| Vacancy |
18.5% |
16.4% |
17.4% |
16.7% |
16.2% |
~15% |
13-14% |
| Rentals (INR/sq ft/month) |
94.8 |
94.9 |
96.8 |
100.3 |
108.8 |
110-115 |
120-130 |
Source: Colliers
2026 में Office Market में शहरों का प्रदर्शन
2026 में भी बेंगलूरु देश का सबसे बड़ा ऑफिस मार्केट बना रहेगा और कुल लीजिंग व नई सप्लाई में लगभग एक-तिहाई हिस्सेदारी रखेगा। वहीं हैदराबाद और दिल्ली-एनसीआर में 100 लाख वर्ग फुट से अधिक की मांग और नई सप्लाई दर्ज होने की संभावना है।
City wise demand and new supply trends
| |
Demand 2025 (msf) |
Demand 2026F (msf) |
New supply 2025 (msf) |
New supply 2026F (msf) |
| Bengaluru |
22.1 |
20-25 |
↑
|
17.5 |
17-20 |
↑
|
| Chennai |
9.6 |
8-10 |
↔
|
4.5 |
4-5 |
↔
|
| Delhi NCR |
11.3 |
10-12 |
↔
|
7.4 |
10-12 |
↑
|
| Hyderabad |
10.1 |
10-12 |
↑
|
10.8 |
10-12 |
↔
|
| Kolkata |
1.1 |
1-2 |
↑
|
0.1 |
1-2 |
↑
|
| Mumbai |
9.5 |
9-10 |
↔
|
5.2 |
5-7 |
↑
|
| Pune |
7.8 |
7-9 |
↔
|
11.0 |
10-12 |
↔
|
| Total |
71.5 |
70-75 |
↑
|
56.5 |
60-65 |
↑
|
Source: Colliers
GCC बनेंगे ग्रोथ इंजन
रिपोर्ट के अनुसार, 2026 में GCC द्वारा 300-350 लाख वर्ग फुट ऑफिस स्पेस लीज पर लिया जा सकता है, जो कुल मांग का 40-50% होगा। ये सेंटर अब केवल बैक-ऑफिस नहीं रहकर टेक्नोलॉजी, BFSI, इंजीनियरिंग और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में इनोवेशन हब बन चुके हैं।
Trends in India GCC leasing
| Year |
2021 |
2022 |
2023 |
2024 |
2025 |
2026F |
| GCC leasing (msf) |
13.3 |
14.8 |
18.3 |
25.7 |
29.2 |
30-35 |
| Overall Leasing (msf) |
33.5 |
51.0 |
59.2 |
67.2 |
71.5 |
70-75 |
| GCC leasing share (%) |
40% |
29% |
31% |
38% |
41% |
40-50% |
Source: Colliers
फ्लेक्स स्पेस का बढ़ता दबदबा
इस साल ऑफिस मार्केट में फ्लेक्स स्पेस का दबदबा रहने की संभावना है। कॉलियर्स के मुताबिक फ्लेक्स स्पेस ऑपरेटर 2026 में 150-180 लाख वर्ग फुट स्पेस लीज पर ले सकते हैं, जो कुल लीजिंग का 20-25% हिस्सा होगा। हाइब्रिड वर्क मॉडल, लागत बचत और स्केलेबिलिटी इसके प्रमुख कारण हैं।
REIT का बढ़ता प्रभाव
कॉलियर्स के अनुसार भारत में करीब 52.5 करोड़ वर्ग फुट ग्रेड-ए ऑफिस स्टॉक REIT के लिए उपयुक्त है, जिसमें से 14.1 करोड़ वर्ग फुट पहले ही लिस्टेड है। शेष 38.4 करोड़ वर्ग फुट आने वाले समय में REIT में शामिल हो सकता है, जिससे इस सेक्टर में निवेश के अवसर और बढ़ेंगे।
ग्रीन और टेक-सक्षम ऑफिस का भविष्य
कॉलियर्स के मुताबिक 2026 में 80% से अधिक नई सप्लाई ग्रीन सर्टिफाइड होने की संभावना है और कुल ऑफिस स्टॉक में ग्रीन बिल्डिंग्स की हिस्सेदारी 70-75% तक पहुंच सकती है। ESG (पर्यावरण, सामाजिक और गवर्नेंस) मानकों, रिन्यूएबल एनर्जी और टेक्नोलॉजी के बढ़ते उपयोग के चलते अब सस्टेनेबल और स्मार्ट ऑफिस स्पेस निवेशकों और कंपनियों दोनों के लिए प्राथमिकता बनते जा रहे हैं। कॉलियर्स इंडिया के नेशनल डायरेक्टर एवं रिसर्च हेड विमल नादर ने कहा कि भारत का ऑफिस रियल एस्टेट बाजार एक निर्णायक बदलाव के दौर से गुजर रहा है, जहां ESG अब केवल अनुपालन का विषय नहीं रह गया है, बल्कि यह निवेश निर्णयों और परिसंपत्ति मूल्यांकन का एक प्रमुख निर्धारक बन चुका है। वैश्विक निवेशक और कॉरपोरेट किरायेदार तेजी से उन संपत्तियों को प्राथमिकता दे रहे हैं जो जलवायु-अनुकूल, ऊर्जा दक्ष और तकनीकी रूप से उन्नत हों।
पुराने ऑफिस के रेनोवेशन व अपग्रेडेशन में 500 रुपये अरब निवेश की संभावना
देश में 10 वर्ष से अधिक पुराने लगभग 42 करोड़ वर्ग फुट कार्यालय स्टॉक के साथ बड़े पैमाने पर रिनोवेशन और अपग्रेड की आवश्यकता है। यह न केवल परिसंपत्तियों के जीवनचक्र को बढ़ाने का अवसर प्रदान करता है, बल्कि करीब ₹500 अरब से अधिक के निवेश की संभावनाएं भी खोलता है। ऐसे में, मौजूदा स्टॉक को ESG मानकों के अनुरूप ढालना डेवलपर्स और निवेशकों दोनों के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हो गया है। आने वाले समय में डेटा-संचालित बेंचमार्किंग और ESG प्रदर्शन मेट्रिक्स, परिसंपत्तियों की प्रतिस्पर्धात्मकता तय करने में केंद्रीय भूमिका निभाएंगे। जिन डेवलपर्स ने डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर, ग्रीन बिल्डिंग स्टैंडर्ड और ऑपरेशनल एफिशिएंसी को अपने प्रोजेक्ट्स में निरंतर शामिल किया है, वे लंबी अवधि में बेहतर किरायेदार आकर्षित करने और उन्हें बनाए रखने में सक्षम होंगे।
First Published - March 17, 2026 | 1:41 PM IST
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