किर्लोस्कर इंडस्ट्रीज समूह विविधता के प्रयास तेज कर रहा है। वह रियल एस्टेट क्षेत्र में अपनी मौजूदगी बढ़ाने पर ध्यान दे रहा है। इसके साथ ही वह उन भारतीय कारोबारी समूहों की बढ़ती सूची में शामिल हो गया है, जो रियल एस्टेट में दीर्घकालिक अवसरों का फायदा उठाने के लिए अपने मुख्य कारोबारों के अलावा भी कदम बढ़ा रहे हैं।
अतुल किर्लोस्कर का यह समूह अवांटे स्पेसेज के जरिये कार्यालयों, मिश्रित-उपयोग और आवासीय विकास पर ध्यान केंद्रित करते हुए अपने रियल एस्टेट प्लेटफॉर्म का विस्तार कर रहा है। इसकी शुरुआत पुणे से हो रही है, जो देश के प्रमुख रियल एस्टेट बाजारों में से एक है।
अवांटे स्पेसेज के मुख्य कार्य अधिकारी दीपक पोरायथ ने कहा, ‘समूह ने हाल में रियल एस्टेट क्षेत्र में कदम रखा है। हमारा मकसद अपने पोर्टफोलियो को बढ़ाना तथा अलग-अलग परिसंपत्ति वर्गों में मजबूत और टिकाऊ कारोबार तैयार करना है। हम समूह के मालिकाना हक वाले लैंड बैंक में अवसरों को देखेंगे। साथ ही बाहर भी नए मौकों की तलाश करेंगे।’
अवांटे स्पेसेज ने हाल में पुणे में अपनी वाणिज्यिक विकास परियोजना के वित्त के लिए लगभग 1,150 करोड़ रुपये जुटाए हैं। इसके पोर्टफोलियो में पुणे के कोथरुड में अवॉन्त बिजनेस पार्क भी शामिल है। इसमें लगभग 20 वर्ग फुट के विकास की संभावना है। कंपनी लगभग 17 लाख वर्ग फुट का पट्टा दिए जाने लायक क्षेत्र वाला निकट का टावर भी विकसित कर रही है और साथ ही सहायक खुदरा क्षेत्र भी।
यह कदम ऐसे समय उठाया जा रहा है, जब कई बड़े कारोबारी घराने इस क्षेत्र में बढ़ती संस्थागत पैठ और समेकन के बीच रियल एस्टेट को रणनीतिक विकास कारोबार के रूप में देख रहे हैं।
दमदार बैलेंस शीट, स्थापित ब्रांडों और दीर्घकालिक पूंजी तक पहुंच की मदद से दिग्गज कारोबारी घराने अपने विविधता वाले पोर्टफोलियो के भीतर रियल एस्टेट को रणनीतिक आधार के रूप में स्थापित कर रहे हैं। इनमें आदित्य बिड़ला समूह, टाटा समूह, गोदरेज इंडस्ट्रीज समूह, एलऐंडटी समूह, रेमंड समूह, वाडिया समूह, शापूरजी पल्लोनजी समूह, महिंद्रा समूह और अदाणी समूह शामिल हैं।