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बिल्डरों और ग्राहकों के लिए कर्ज हो जाएगा महंगा, RBI और न बढ़ाए रीपो रेट : Credai

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Last Updated- March 30, 2023 | 6:26 PM IST
34% of Delhi-NCR homes listed for sale currently are priced over Rs 10 cr luxury housing sales surge

रियल्टी कंपनियों के शीर्ष निकाय कन्फेडेरेशन ऑफ रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (Credai) ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से आगामी मौद्रिक नीति समीक्षा में रीपो रेट में बढ़ोतरी नहीं करने का अनुरोध किया है।

उसने कहा कि इससे बिल्डरों और ग्राहकों के लिए कर्ज महंगा हो जाएगा जिससे घरों की बिक्री प्रभावित होगी।

अमेरिका समेत ज्यादातर देशों के केंद्रीय बैंक दरों में बढ़ोतरी कर रहे हैं, इसके अलावा घरेलू स्तर पर खुदरा मुद्रास्फीति (retail inflation) केंद्रीय बैंक के संतोषजनक स्तर छह फीसदी से ऊपर बनी हुई है, ऐसे में उद्योग के विशेषज्ञों का मानना है कि RBI छह अप्रैल को मौद्रिक नीति की समीक्षा में रीपो रेट में 0.25 प्रतिशत की वृद्धि करने का फैसला ले सकता है।

Credai ने RBI से अनुरोध किया कि रीपो रेट में और वृद्धि नहीं की जाए क्योंकि इससे दाम बढ़ेंगे और आवास ऋण की दरों में वृद्धि से बिक्री प्रभावित होगी। उसने कहा कि बीते एक साल में रीपो रेट चार से बढ़कर 6.5 फीसदी पर पहुंच गई है और इसमें एक और वृद्धि से कर्ज और भी महंगा हो जाएगा।

Credai के राष्ट्रीय अध्यक्ष हर्ष वर्धन पटौदिया ने कहा, ‘बीते एक साल में, RBI द्वारा रीपो दरों में वृद्धि करने से निर्माण लागत बहुत तेजी से बढ़ी है, इससे वित्तीय संकट से पार पाने के लिए संघर्ष कर रहे डेवलपर की परेशानी बढ़ गई है। रीपो दरों में और वृद्धि करने से कुछ परियोजनाएं पूरी करना वित्तीय रूप से कठिन हो जाएगा और आवास की ऋण दरें सर्वकालिक उच्चस्तर पर पहुंचने से घर खरीदार भी पीछे हट जाएंगे।’

निकाय ने कहा कि इससे रियल एस्टेट बाजार में नरमी आ जाएगी। यह कोविड के बाद के रूझान के उलट होगा जब घरों की खरीद में तेजी आई थी। हाउसिंग डॉट कॉम के मुख्य कार्याधिकारी (CEO) ध्रुव अग्रवाल ने कहा कि RBI रीपो रेट में मामूली बढ़ोतरी कर सकता है और 2023 के अंत तक दरों में वृद्धि बंद भी हो सकती है।

उन्होंने कहा कि इस कदम का रियल एस्टेट की मांग पर सीमित असर होगा क्योंकि घर खरीदने का फैसला सिर्फ आवास ऋण की दरों पर निर्भर नहीं करता, इसके पीछे कई अन्य कारक भी होते हैं।

रियल्टी कंपनी सिग्नेचर ग्लोबल के चेयरमैन प्रदीप अग्रवाल कहते हैं कि दरों में वृद्धि से आवास ऋण की ब्याज रेट 10 फीसदी के पार चली जाएगी जो खरीदारों की भावनाओं को प्रभावित करेगा।

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First Published - March 30, 2023 | 6:26 PM IST

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