लोढ़ा डेवलपर्स मुंबई के पास पालावा में लगभग 100 एकड़ क्षेत्र में 1 गीगावॉट की बिल्ड-टु-सूट (विशेष उद्देश्य के अनुरूप डेवलपमेंट) डेटा सेंटर पावर शेल क्षमता विकसित करने की योजना बना रही है। इस परियोजना पर 10,000 करोड़ से 11,000 करोड़ रुपये तक का अतिरिक्त खर्च आएगा। यह कदम नियमित आय सृजित करने वाली डिजिटल अवसरंचना में कंपनी की पैठ मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा है।
कंपनी ने सोमवार को वित्त वर्ष 26 की चौथी तिमाही के अपने आय परिणाम की बातचीत के दौरान बताया कि यह निवेश उसके 400 एकड़ वाले डेटा सेंटर पार्क में लगभग 100 एकड़ क्षेत्र किया जाएगा। इस रकम का इंतजाम मुख्य रूप से शेष भू-खंडों की बिक्री के जरिये खुद ही किया जाएगा।
कंपनी ने पालावा में डेटा सेंटर पार्क के लिए 400 एकड़ की शॉवेल-रेडी (डेवलपमेंट कार्य के लिए पूरी तरह से तैयार) भूमि तय की है। इसके लिए अब तक वह एमेजॉन वेब सर्विसेज और एसटीटी ग्लोबल डेटा सेंटर जैसी दो प्रमुख परिचालकों को पक्का कर चुकी है।
लोढ़ा डेवलपर्स के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्य अधिकारी अभिषेक लोढ़ा ने कहा, ‘अब हम लगभग 100 एकड़ जमीन पर बिल्ड-टु-सूट आधार पर लगभग 1 गीगावॉट की पावर शेल क्षमता विकसित करने की योजना बना रहे हैं। साल 2026 के हिसाब से इसकी अनुमानित अतिरिक्त लागत लगभग 10,000 करोड़ रुपये से 11,000 करोड़ रुपये होगी। इस लागत का ज्यादातर हिस्सा पार्क में चल रही जमीन की बिक्री से खुद ही जुटाया जाएगा। हमें उम्मीद है कि अगले कुछ सालों में जमीन की कीमत बढ़कर 70 करोड़ रुपये प्रति एकड़ तक पहुंच जाएगी और वित्त वर्ष 27 से आगे जमीन की बिक्री से कुल मिलाकर 12,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई होगी।’
जनवरी 2026 में लोढ़ा ने महाराष्ट्र सरकार के साथ सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए थे। इसमें राज्य में 2.5 गीगावॉट का डेटा सेंटर पार्क विकसित करने के लिए 1 लाख करोड़ रुपये के निवेश की प्रतिबद्धता जताई गई थी। यह पहले के 30,000 करोड़ रुपये के निवेश के अतिरिक्त है।