facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

रियल एस्टेट पर लेबर कोड का मामूली असर, DLF और गोदरेज जैसी दिग्गज कंपनियों ने दिखाया मजबूत प्रदर्शन

Advertisement

केंद्र ने 21 नवंबर, 2025 से वेतन संहिता, 2019 सहित चार श्रम संहिताएं लागू कीं, जिसमें 29 श्रम कानूनों को समेकित किया गया

Last Updated- February 15, 2026 | 9:35 PM IST
Real Estate
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

नई श्रम संहिता के कारण बढ़ती अनुपालन लागत के बावजूद भारत के शीर्ष सूचीबद्ध रियल एस्टेट डेवलपरों ने वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में मोटे तौर पर स्थिर से मजबूत आय दर्ज की। सुधारों का वित्तीय प्रभाव काफी हद तक प्रबंध योग्य था। कुछ कंपनियों ने प्रभाव को असाधारण मद के रूप में वर्गीकृत किया और अन्य ने कहा कि यह प्रभाव बहुत ज्यादा नहीं था। 

मिरे ऐसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अक्षय शेट्टी ने कहा, ‘नई श्रम संहिता लागू होने का तीसरी तिमाही में सीमित वित्तीय प्रभाव पड़ा, क्योंकि यह ज्यादातर बार-बार होने वाली लागत बढ़ोतरी के बजाय एक बार के अकाउंटिंग बदलाव के तौर पर दिखा।’

प्रदर्शन को लगातार बुकिंग और मजबूत परियोजना क्रियान्वयन से सहारा मिला, जिससे राजस्व बढ़ाने में मदद मिली। इक्विरस कैपिटल में प्रबंध निदेशक और सेक्टर लीड (इन्फ्रास्ट्रक्चर) विजय अग्रवाल ने कहा कि बड़े डेवलपरों ने मजबूत ब्रांडों और विविध पोर्टफोलियो के समर्थन से लचीला परिचालन प्रदर्शन दिखाना जारी रखा।

केंद्र ने 21 नवंबर, 2025 से वेतन संहिता, 2019 सहित चार श्रम संहिताएं लागू कीं, जिसमें 29 श्रम कानूनों को समेकित किया गया। एक प्रमुख बदलाव ‘वेतन’ की एक समान परिभाषा के तहत कुल वेतन के कम से कम 50 प्रतिशत पर भविष्य निधि और ग्रेच्युटी योगदान को अनिवार्य करता है। 

भारत की सबसे बड़ी सूचीबद्ध रियल एस्टेट कंपनी डीएलएफ ने कहा कि वह श्रम संहिता के अन्य पहलुओं पर केंद्र/राज्य के नियमों को फाइनल करने और सरकार से स्पष्टीकरण आने पर नजर बनाए हुए है और जैसे ही ऐसे स्पष्टीकरण जारी होंगे/नियम नोटिफाई होंगे, वह सही अकाउंटिंग संबं​धित जानकारी मुहैया कराएगी।

डीएलएफ ने असाधारण मद के रूप में 60.15 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रभाव दर्ज किया। गोदरेज प्रॉपर्टीज ने 34.50 करोड़ रुपये की अतिरिक्त कर्मचारी लाभ देनदारी और 21.08 करोड़ रुपये (पूंजीकरण के शुद्ध) का व्यय भी असाधारण के रूप में दर्ज किया। ओबेरॉय रियल्टी ने मूल्यांकन के आधार पर 23.06 करोड़ रुपये की अतिरिक्त देनदारी दर्ज की। लोढ़ा डेवलपर्स और प्रेस्टीज एस्टेट्स प्रोजेक्ट्स ने कहा कि प्रभाव बहुत ज्यादा नहीं था। 

विश्लेषकों ने कहा कि श्रम संहिता (लेबर कोड) लागत का घर खरीदारों पर कोई स्पष्ट प्रभाव नहीं पड़ा। डेवलपरों ने विशेष रूप से प्रतिस्पर्धी बाजारों में कीमतों में तेज वृद्धि से परहेज किया। अग्रवाल ने कहा कि प्रभाव न्यूनतम है और इसे डेवलपरों द्वारा समायोजित किया जा सकता है। शेट्टी ने कहा कि मूल्य निर्धारण मुख्य रूप से मांग, स्थान और परियोजना की गुणवत्ता पर निर्भर करता है। 

अगली दो से तीन तिमाहियों में, श्रम संहिता का लागत और एबिटा मार्जिन पर प्रभाव सीमित रहने की उम्मीद है। आय पर, क्रिसिल इंटेलिजेंस के निदेशक अनिकेत दानी ने कहा कि वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में सुधार दिखाई दिया लेकिन लाभप्रदता पर सालाना आधार पर दबाव बना रहा। 

Advertisement
First Published - February 15, 2026 | 9:35 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement