देश में ऑफिस स्पेस की डिमांड लगातार बढ़ रही है और इसका सीधा फायदा अब REIT कंपनियों को मिल रहा है। बड़ी कंपनियां तेजी से नए ऑफिस किराए पर ले रही हैं, जिसकी वजह से किराया भी बढ़ रहा है और REIT कंपनियों की कमाई भी मजबूत हो रही है। खासकर GCC यानी विदेशी कंपनियों के बैक-ऑफिस सेंटर, बैंकिंग और फ्लेक्स ऑफिस कंपनियां जमकर ऑफिस स्पेस ले रही हैं। यही वजह है कि देश के लगभग सभी बड़े REITs में ऑक्यूपेंसी 90 प्रतिशत से ऊपर पहुंच चुकी है। अब कंपनियों के पास खाली ऑफिस स्पेस भी कम बचा है।
इसी मजबूत डिमांड को देखते हुए REIT कंपनियां अब तेजी से नए प्रोजेक्ट खरीद रही हैं और अपने पोर्टफोलियो का विस्तार कर रही हैं। नुवामा की रिपोर्ट के मुताबिक Q4FY26 में REIT सेक्टर का प्रदर्शन काफी मजबूत रहा। किराया बढ़ने और ऑफिस तेजी से लीज पर जाने की वजह से कंपनियों की कमाई में भी अच्छा उछाल देखने को मिला।
रिपोर्ट के मुताबिक अभी ऑफिस मार्केट में सबसे ज्यादा डिमांड GCC कंपनियों की तरफ से आ रही है। कुल डिमांड में इनकी हिस्सेदारी करीब 40 प्रतिशत है। इसके अलावा बैंकिंग, फाइनेंस और फ्लेक्स स्पेस कंपनियां भी तेजी से ऑफिस ले रही हैं। कंपनियों का कहना है कि आने वाले समय में भी डिमांड मजबूत बनी रह सकती है। इसी वजह से अब REIT कंपनियां तेजी से नए ऑफिस प्रोजेक्ट्स जोड़ रही हैं।
ऑफिस की मांग बढ़ने का असर अब किराए पर भी दिख रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक अलग-अलग REITs के किराए में सालाना आधार पर 3 प्रतिशत से 13 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है। इसका फायदा कंपनियों की कमाई पर भी दिखा। REIT कंपनियों का DPU यानी निवेशकों को मिलने वाला वितरण 5 प्रतिशत से 14 प्रतिशत तक बढ़ा है।
मजबूत डिमांड को देखते हुए कंपनियां अब बड़े स्तर पर नए प्रोजेक्ट खरीद रही हैं। कम ब्याज दरों की वजह से कंपनियों को फंड जुटाने में भी आसानी हो रही है। Embassy REIT FY30 तक करीब 6.2 मिलियन स्क्वायर फीट का नया डेवलपमेंट करने की तैयारी में है। वहीं Mindspace REIT ने चेन्नई में बड़े ऑफिस एसेट खरीदे हैं। Brookfield REIT ने बेंगलुरु में नया बड़ा प्रोजेक्ट खरीदा है। Nexus REIT भी अब नए मॉल प्रोजेक्ट्स में निवेश कर रही है। यानी लगभग सभी बड़े REITs इस समय तेजी से विस्तार करने में जुटे हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि REIT कंपनियों की बैलेंस शीट अभी काफी मजबूत है। कंपनियों का कर्ज रेगुलेटरी सीमा से काफी नीचे है। साथ ही उन्हें कम ब्याज दर पर लोन मिल रहा है, जिससे नए प्रोजेक्ट्स खरीदने में मदद मिल रही है।
नुवामा का मानना है कि आने वाले समय में भी ऑफिस स्पेस की मांग मजबूत बनी रह सकती है। खासकर विदेशी कंपनियों के भारत में लगातार विस्तार से REIT सेक्टर को फायदा मिल सकता है। हालांकि ग्लोबल तनाव और बढ़ती बॉन्ड यील्ड जैसे कुछ जोखिम बने हुए हैं, लेकिन फिलहाल सेक्टर का आउटलुक मजबूत नजर आ रहा है। ब्रोकरेज ने सभी REITs पर BUY रेटिंग बरकरार रखी है और Embassy REIT को सबसे पसंदीदा विकल्प बताया है।
(डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।)