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2025 में अरबपतियों का ठिकाना बनी मुंबई, 7,186 करोड़ रुपये में 51 महलनुमा घर धनकुबेरों ने खरीदे

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रियल एस्टेट डेटा एनालिटिक्स कंपनी जैपकी के विश्लेषण के मुताबिक अत्यधिक महंगे आवास बाजार पर लगातार मुंबई का दबदबा कायम है

Last Updated- January 02, 2026 | 9:54 PM IST
Real Estate
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

भारत के धन कुबेरों ने साल 2025 में 51 आलीशान घर खरीदने पर 7,186 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए। खास यह कि रिहायश के लिए अधिकांश पैसे वालों का मुंबई सबसे पसंदीदा शहर रहा, जहां अत्यधिक महंगी आवास श्रेणी में 5,128.12 करोड़ रुपये में 35 घर खरीदे गए। ये सौदे देश में अल्ट्रा लक्जरी बाजार के बढ़ते आकार और मजबूत वृद्धि की झलक पेश करते हैं।

रियल एस्टेट डेटा एनालिटिक्स कंपनी जैपकी के विश्लेषण के मुताबिक अत्यधिक महंगे आवास बाजार पर लगातार मुंबई का दबदबा कायम है। इस बीच, दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (दिल्ली-एनसीआर) ने ऊंची कीमत वाले 12 लेनदेन (मुख्य रूप से लुटियंस जोन में) के साथ अपनी ठोस स्थिति बनाए रखी।

मुंबई में जहां ऊंची इमारतों में अपार्टमेंट पर ग्राहकों ने दांव लगाया, वहीं दिल्ली में ज्यादातर लोगों ने एपीजे अब्दुल कलाम रोड और गोल्फ लिंक्स जैसे क्षेत्रों में स्वतंत्र बंगलों पर पैसा खर्च किया। यहां धन कुबेरों ने बीते वर्ष 12 बंगले खरीदे, जिनके लिए उन्होंने कुल 1,594.11 करोड़ करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए।

अल्ट्रा लक्जरी श्रेणी में गुरुग्राम में 1 सौदा जहां 114 करोड़ रुपये तो बेंगलूरु में 3 घर 350 करोड़ रुपये में खरीदे गए। मुंबई में वर्ली अरबपतियों की पसंदीदा रिहायश के रूप में अपनी प्रतिष्ठा बनाए हुए है। देश भर में पिछले साल हुए कुल 51 में से 21 आलीशान घर अकेले वर्ली में खरीदे गए।

डेटा एनालिटिक्स कंपनी जैपकी के विश्लेषण के अनुसार 2025 में 9 लेनदेन 200 करोड़ रुपये के आंकड़े पार कर गए। कुल 30 आवासीय सौदे 100 करोड़ रुपये से अधिक में हुए। इस तरह ये सौदे प्रमुख स्थानों में बड़े, उच्च-गुणवत्ता वाले घरों के प्रति धनाढ्य लोगों के आकर्षण को दर्शाते हैं।

परियोजनाओं के स्तर पर बात करें तो वर्ली के ओबेरॉय 360 वेस्ट में इन आलीशान घरों के लिए सबसे अधिक सौदे हुए। इनमें 8 सौदे जैपकी की सूची में शामिल रहे। यह 2025 में किसी भी एक आवासीय परियोजना के लिए सर्वाधिक हैं।

जैपकी के अनुसार साल 2023 में 79 अल्ट्रा लक्जरी घर 7,178.78 करोड़ रुपये में खरीदे गए थे। जबकि 2024 में इस श्रेणी में 4,056.76 करोड़ रुपये में 31 सौदे हुए थे। देश में संपत्ति में वृद्धि के साथ बेहतर जीवन शैली के लिए खरीदारों की प्राथमिकताएं बदल रही हैं। खासकर कोविड महामारी के बाद रिहायशी जरूरतमंदों के साथ-साथ निवेशकों के बढ़ते आत्मविश्वास से अत्यधिक महंगे आवास का बाजार बहुत तेजी से बढ़ रहा है।

मुंबई में विशेषतौर पर वर्ली, जुहू और मालाबार हिल तथा दिल्ली-एनसीआर (गुरुग्राम सहित) में लोग अल्ट्रा लक्जरी मकान खरीदना चाहते हैं। यहां खास सुविधाओं वाले घरों की मांग लगातार बढ़ रही है। इस मांग को ध्यान में रखते हुए डेवलपर भी बेहतर सुविधाओं के साथ अलग-अलग तरह की पेशकश कर खरीदारों को लुभा रहे हैं।

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First Published - January 2, 2026 | 9:45 PM IST

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