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रिलायंस पर ₹56.44 करोड़ का GST जुर्माना, कंपनी करेगी आदेश के खिलाफ अपील

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इन्पुट टैक्स क्रेडिट को ‘ब्लॉक्ड क्रेडिट’ मानते हुए विभाग ने पेनल्टी लगाई; रिलायंस का कहना- सेवा वर्गीकरण पर ध्यान दिए बिना फैसला किया गया।

Last Updated- November 28, 2025 | 3:36 PM IST
Reliance Industries

रिलायंस इंडस्ट्रीज पर जीएसटी विभाग ने ₹56.44 करोड़ का पेनल्टी ऑर्डर जारी किया है। यह आदेश 25 नवंबर को अहमदाबाद के सीजीएसटी जॉइंट कमिश्नर ने जारी किया। यह मामला इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) की व्याख्या को लेकर है।

ITC को ‘ब्लॉक्ड क्रेडिट’ बताया गया

ऑर्डर के अनुसार, कंपनी द्वारा लिया गया ITC “ब्लॉक्ड क्रेडिट” की श्रेणी में आता है। इसलिए उस पर पेनल्टी लगाई गई है। यह कार्रवाई सेंट्रल GST एक्ट 2017, गुजरात GST एक्ट और IGST एक्ट की धाराओं के तहत की गई है।

रिलायंस इंडस्ट्रीज का कहना है कि यह फैसला सर्विस प्रोवाइडर द्वारा दी गई सेवाओं की सही क्लासिफिकेशन को ध्यान में रखे बिना दिया गया है, और इसी क्लासिफिकेशन से तय होता है कि ITC मिलने का हक है या नहीं।

कंपनी ने यह जानकारी एक रेगुलेटरी फाइलिंग में दी। उनके मुताबिक, यह आदेश 27 नवंबर को सुबह 11:04 बजे ईमेल से मिला। रिलायंस ने साफ कहा है कि वह इस आदेश के खिलाफ अपील दायर करेगी, यानी मामला अभी खत्म नहीं हुआ है।

फिलहाल इस मामले का असर सिर्फ जुर्माने की रकम तक ही है। कंपनी के रोजमर्रा के काम या उसके बड़े बिज़नेस पर कोई असर नहीं पड़ा है।

शेयर बाजार पर हल्का असर, लेकिन तेजी बरकरार

रिलायंस का शेयर, जो हाल ही में अपने 52-वीक हाई पर पहुंचा था, शुक्रवार को हल्की गिरावट के साथ खुला, लेकिन जल्दी ही संभल गया। बीएसई पर शेयर 0.20% बढ़कर ₹1566 पर पहुंच ट्रेड कर रहा था। इससे पता चलता है कि निवेशकों का भरोसा कंपनी पर बना हुआ है।

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कंपनी के टैक्स मामलों पर हमेशा रहती है नजर

रिलायंस कई बड़े कारोबार जैसे ऊर्जा, रिटेल, टेलीकॉम और टेक्नोलॉजी में काम करती है, इसलिए उसके टैक्स मामलों पर हमेशा लोगों की नजर रहती है। बड़े उद्योग समूहों के लिए जीएसटी से जुड़े विवाद होना आम बात है। अब यह देखना होगा कि रिलायंस जब अपील करेगी तो यह मामला आगे कैसे बढ़ेगा।

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First Published - November 28, 2025 | 3:36 PM IST

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