स्टैनफर्ड ग्रैजुएट स्कूल ऑफ बिजनेस की वेंचर कैपिटल इनीशिएटिव की रिसर्च के मुताबिक रिलायंस रिटेल दुनिया की 100 सबसे मूल्यवान निजी और वेंचर कैपिटल (वीसी) समर्थित कंपनियों में 7वें स्थान पर है। उसका निवेश बाद मूल्यांकन 100 अरब डॉलर से ज्यादा है। यह रिसर्च जनवरी 2026 तक के डेटा पर आधारित है।
रिलायंस रिटेल के अलावा भारत की दो और कंपनियां टॉप 100 की सूची में शामिल हैं। एक नएसई इंडिया है जो 24 अरब डॉलर के मूल्यांकन के साथ 27वें स्थान पर है और टाटा ईवी मोबिलिटी 9 अरब डॉलर के मूल्यांकन के साथ सूची में 93वें स्थान पर है।
मुकेश अंबानी के स्वामित्व वाली यह कंपनी इस सूची में शामिल सात ‘हेक्टाकॉर्न’ (जिनका मूल्यांकन 100 अरब डॉलर से अधिक है) में से एक है। उसे कतर इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी, अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी, केकेआर, सिल्वरलेक, जीआईसी, टीपीजी और मुबाडाला जैसे कई बड़े वैश्विक निजी इक्विटी निवेशकों का समर्थन मिला हुआ है।
हालांकि रिलायंस रिटेल रिटेल सेक्टर की एकमात्र ऐसी कंपनी है जो शीर्ष सात कंपनियों में शामिल है। लेकिन उसका मूल्यांकन ओपनएआई (500 अरब डॉलर का मूल्यांकन), एलन मस्क की स्पेसएक्स (400 अरब डॉलर), एंथ्रोपिक (350 अरब डॉलर), बाइटडांस (300 अरब डॉलर), डेटाब्रिक्स (134 अरब डॉलर) और एक्सएआई (113 अरब डॉलर) जैसी एआई क्षेत्र की दिग्गज कंपनियों से काफी कम है।