facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

₹305 करोड़ की मेगा डील! क्यों वैश्विक निवेशक टूट पड़े इस भारतीय कंपनी पर?

Advertisement

फूड-न्यूट्रिशन, टॉय-टेक, फोटोनिक्स और एयरोस्पेस स्टार्टअप्स में भारी निवेश; एशिया की पहली एडवांस्ड डेरी न्यूट्रिशन यूनिट से लेकर 45,000 फीट पर उड़ने वाले ड्रोन तक

Last Updated- November 27, 2025 | 8:37 AM IST
Startup Funding

खाद्य और पोषण सामग्री क्षेत्र की कंपनी एस इंटरनैशनल लिमिटेड ने डच उद्यमिता विकास बैंक – एफएमओ, स्विट्जरलैंड की निवेश कंपनी – रिस्पॉन्सएबिलिटी, बेल्जियम की निवेश कंपनी इनकोफिन तथा फिडलिन वेंचर्स से 305 करोड़ रुपये की रकम जुटाई हे। इस पूंजी से आंध्र प्रदेश के कप्पम में नई और पूरी तरह से एकीकृत डेरी सामग्री और पोषण इकाई तथा परिसर बनाने में मदद मिलेगी।

एस इंटरनैशनल के संस्थापक और चेयरमैन संजीव गोयल ने कहा, ‘यह साझेदारी रकम जुटाने की तुलना से कहीं ज्यादा है, यह उद्देश्य को आगे बढ़ाती है।’ उन्होंने कहा, ‘हमने एक विश्वास के साथ ऐस को बनाया है कि खाद्य प्रौद्योगिकी में नवाचार से सभी के लिए बेहतर कारोबारी परिणाम और बेहतर पोषण दोनों को ही बढ़ावा मिल सकता है। इस निवेश के साथ हम इस सपने को वैश्विक स्तर पर ले जाने के लिए तैयार हैं।’

कप्पम की यह इकाई एशिया में पहली बार शुरू की जा रही डेरी पोषण क्षेत्र की अति आधुनिक प्रोसेसिंग तकनीक में सबसे आगे होगी। यह आधुनिक विनिर्माण इकाई दुनिया भर में ऐसी कुछ इकाइयों में से एक होगी। यह विशेष रूप से तैयार, बेहतर प्रदर्शन करने वाली ऐसी पोषण सामग्री बनाने में सक्षम होगी, जो वैश्विक खाद्य और पोषण ब्रांडों की बदलती जरूरतों को पूरा करेगी।

मिराना टॉयज को मिले 57.5 करोड़ रुपये

वर्टिकली इंटीग्रेटेड टॉय-टेक स्टार्टअप कंपनी मिराना टॉयज ने एक्सेल, इन्फो एज और रिवरवॉक होल्डिंग्स की भागीदारी के साथ आर्कम वेंचर्स की अगुआई में 57.5 करोड़ रुपये जुटाए हैं। यह रकम सीरीज ए दौर में जुटाई गई। इस रकम का इस्तेमाल नई फैक्टरी बनाने में किया जाएगा, जिसमें इंजेक्शन-मोल्डिंग और डाई-कास्टिंग मशीनें लगाने के साथ-साथ इन-हाउस पैकेजिंग लाइनों की स्थापना शामिल है।

इन पहल से कंपनी को देसी और निर्यात की बढ़ती मांग पूरी करने के लिए मासिक उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी। मिराना अंतरराष्ट्रीय वृद्धि तेज करने के लिए अपनी डिजाइन और बिक्री टीमों के विस्तार की भी योजना बना रही है। चूंकी वैश्विक ब्रांड चीन-प्लस-वन रणनीति के तहत आपूर्ति श्रृंखला में विविधता ला रहे हैं, इसलिए भारत वैश्विक विनिर्माण केंद्र रूप में तेजी से उभर रहा है।

लाइटस्पीड फोटोनिक ने पाए 65 लाख डॉलर

बिजली खपत कम करने के साथ-साथ डेटा ट्रांसफर की रफ्तार बढ़ाने की तकनीक उपलब्ध कराने वाली कंपनी लाइटस्पीड फोटोनिक्स ने पीआई वेंचर्स की अगुआई में रकम जुटाने के दौर में 65 लाख डॉलर जुटाए हैं। प्री-सीरीज ए के दौर में जिन भगीदारों ने हिस्सा लिया, उनमें 500 ग्लोबल, इंडियन एक्सीलेरेटर और 8एक्स वेंचर्स ऐंड जावा कैपिटल तथा अमेरिका के कैलिफोर्निया के बे एरिया में एंजेल निवेशक शामिल थे।

लाइटस्पीड को साल 2021 में रोहिन वाई और रमना पामिदिगंतम ने शुरू किया था। लाइटस्पीड ने बयान में कहा, ‘उसका मकसद कॉम्पैक्ट, ऊर्जा दक्षता और ऑप्टिकल इंटरकनेक्ट के जरिये एआई संचालित प्रणाली में डेटा मूवमेंट को नए तरीके से परिभाषित करना है।’ कंपनी की शॉर्ट वेवलेंथ लेजर डेटा ट्रांसफर की ऑप्टिकल इंटरकनेक्ट तकनीक चार गुना तेज रफ्तार, बिजली की दो गुना कम खपत और 20 गुना कम कार्बन फुटप्रिंट प्रदान करती है। यह तकनीक एआई और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग, दूरसंचार (5जी सहित), एरोस्पेस, सैटेलाइट, आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण और अन्य क्षेत्रों के लिए है।

आर्कटस एरोस्पेस ने जुटाए 26 लाख डॉलर

डीप-टेक स्टार्टअप कंपनी आर्कटस एरोस्पेस ने आज कहा कि उसने वर्जन वन वेंचर्स, साउथ पार्क कॉमन्स, ग्रैडकैपिटल और कुछ एंजेल निवेशकों से प्री-सीड दौर में 26 लाख डॉलर की रकम जुटाई है। एयरोस्पेस कंपनी बड़े और बिना पायलट वाले ऐसे विमान बना रही है, जो 45,000 फुट की ऊंचाई पर 24 घंटे तक उड़ सकते हैं। कंपनी ने कहा कि इस रकम से बिना पायलट वाले विमानों की विनिर्माण और इंजीनियरिंग क्षमताएं स्थापित करने के उसके प्रयासों को बढ़ावा मिलेगा, जिन्हें पूरी तरह से आंतरिक स्तर पर निर्मित किया गया है। यह विमान रियल-टाइम जियोस्पेशियल इंटेलिजेंस के लिए 250 किलोग्राम का वजन ले जा सकता है।

Advertisement
First Published - November 27, 2025 | 8:37 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement