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SIAM ने सरकार से की मांग: N1 सीरीज के वाणिज्यिक वाहनों को PM e-Drive योजना में शामिल किया जाए

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सायम ने सरकार से आग्रह किया कि 3.5 टन तक के हल्के वाणिज्यिक वाहनों को पीएम ई-ड्राइव योजना में शामिल किया जाए ताकि कार्बन उत्सर्जन घटे और शहरी लॉजिस्टिक्स मजबूत हो।

Last Updated- August 17, 2025 | 9:36 PM IST
hydrogen trucks India
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सायम) ने भारी उद्योग मंत्रालय से एन1 श्रेणी- 3.5 टन से कम वजन वाले वाणिज्यिक वाहन- को इलेक्ट्रिक ट्रकों के लिए पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत लाने का आग्रह किया है।

बिजनेस स्टैंडर्ड को जानकारी मिली है कि देश में सभी प्रमुख वाहन विनिर्माताओं का प्रतिनिधित्व करने वाले इस शीर्ष संगठन ने 17 अप्रैल, 2025 को लिखे पत्र में मंत्रालय को बताया कि कार्बन उत्सर्जन कम करने, ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने, परिचालन लागत की व्यवस्था में सुधार लाने और छोटे कारोबारों को समर्थन देने के लिए इन वाहनों को यह श्रेणी में लाना महत्त्वपूर्ण है। सायम ने लिखा, ‘हम एन1 श्रेणी के वाहनों (3.5 टन तक के कुल वजन वाले हल्के वाणिज्यिक वाहन) को पीएम ई-ड्राइव योजना के दायरे में शामिल करने का अनुरोध कर रहे हैं। इसमें इस बात पर जोर दिया गया है कि वाणिज्यिक वाहन उद्योग के वॉल्यूम में 60 प्रतिशत हिस्सा इसी श्रेणी का है और यह देश के शहरी इलाकों में इसकी महत्त्वपूर्ण भूमिका होती है जिसमें अंतिम छोर तक का संपर्क भी शामिल है।

संगठन ने बताया कि इनमें से ज्यादातर वाहन हर रोज 60 से 120 किलोमीटर की दूरी तय करते हैं। कुछ की दूरी तो 150 से 200 किलोमीटर तक होती है। इससे वे इलेक्ट्रिक वाहनों में तब्दील किए जाने के लिए उपयुक्त हो जाते हैं। सायम ने कहा, ‘ये वाहन शहरी लॉजिस्टिक और अंतिम ग्राहक तक की डिलिवरी का अभिन्न अंग हैं तथा इनका रोजाना ज्यादा उपयोग इलेक्ट्रिफिकेशन के पर्यावरण और आर्थिक दोनों ही फायदों में इजाफा करेगा।’

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First Published - August 17, 2025 | 9:36 PM IST

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