facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

Adani Group में शेयरधारिता ना बताने पर SEBI सख्त, दो मॉरीशस फंड पर लटकी कार्रवाई की तलवार

Advertisement

सेबी के दस्तावेज के मुताबिक इलारा इंडिया ऑपर्च्युनिटीज फंड और वेस्परा फंड जैसे मॉरीशस के दो फंडों को साल 2023 से बारीक खुलासे मुहैया कराने को कहा गया था।

Last Updated- May 19, 2025 | 10:59 PM IST
Adani
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने अदाणी समूह में निवेश करने वाले मॉरीशस के दो फंडों को कार्रवाई की चेतावनी दी है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने इससे जुड़े दस्तावेज देखे हैं। इनके मुताबिक नियामक ने कहा कि दो साल से लगातार अनुरोध के बावजूद शेयरधारिता का विवरण साझा नहीं करने पर दंड और लाइसेंस रद्द करने जैसी कार्रवाई की जा सकती है। साल 2023 में हिंडनबर्ग रिसर्च ने अदाणी समूह पर कर के अनुकूल देशों के बेजा इस्तेमाल का आरोप लगाया था, जिसके बाद कंपनी के शेयरों में बिकवाली शुरू हो गई थी। सेबी अदाणी समूह और उसके 13 विदेशी निवेशकों की जांच कर रहा है। समूह ने किसी भी गलत काम से इनकार किया है और उसके शेयरों में तब से सुधार भी हो गया है।

भारतीय नियमों के मुताबिक सूचीबद्ध कंपनियों के कम से कम 25 फीसदी शेयर सार्वजनिक शेयरधारकों के पास होने चाहिए मगर हिंडनबर्ग ने आरोप लगाया था कि अदाणी समूह ने उन नियमों का उल्लंघन किया है क्योंकि अदाणी कंपनी में होल्डिंग रखने वाले कुछ विदेशी फंड समूह से जुड़े थे।

इस साल 28 मार्च के सेबी के दस्तावेज के मुताबिक इलारा इंडिया ऑपर्च्युनिटीज फंड और वेस्परा फंड जैसे मॉरीशस के दो फंडों को साल 2023 से बारीक खुलासे मुहैया कराने को कहा गया था क्योंकि अदाणी समूह में उनकी अच्छी-खासी पोजीशन थीं। दस्तावेज में कहा गया है, ‘आज तक इन विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने सेबी को यह विवरण नहीं दिया है और न ही इसका कोई कारण बताया है।’

हालांकि, इलारा कैपिटल और सेबी ने रॉयटर्स के सवालों का कोई जवाब नहीं दिया है। अदाणी समूह ने भी कोई उत्तर नहीं दिया है।

सेबी के दस्तावेज में बताया गया है कि इलारा फंड ने 5 फीसदी से अधिक वाले अदाणी के शेयरों की खरीद के बारे में भी कुछ नहीं बताया है जबकि नियमों के मुताबिक यह जरूरी है। उसने सटीक शेयरधारिता के बारे में भी कोई जानकारी नहीं दी है।

Advertisement
First Published - May 19, 2025 | 10:15 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement