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IPO से पहले सिंपल एनर्जी का बड़ा कदम, बना रही बिना रेअर-अर्थ वाली ईवी मोटर; चीन पर घटेगी निर्भरता

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ये धातुएं चीन द्वारा इस साल प्रतिबंध लगाए जाने के बाद पिछले कुछ महीनों से उद्योग के लिए परेशानी का सबब बनी हुई हैं।

Last Updated- September 16, 2025 | 10:58 PM IST
Suhas Rajkumar
सिंपल एनर्जी के मुख्य कार्या​धिकारी एवं सह-संस्थापक सुहास राजकुमार

वित्त वर्ष 2027 में आईपीओ लाने की योजना बना रही इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन निर्माता सिंपल एनर्जी भारत की पहली ऐसी ओईएम कंपनी बन गई है जो हेवी-रेअर-अर्थ (एचआरई) के बिना व्यावसायिक मोटरों का निर्माण कर रही है। इससे कंपनी को इस तरह की मोटरों के लिए दुर्लभ धातुओं के चीनी आयात पर निर्भरता घटाने में मदद मिलेगी। ये धातुएं चीन द्वारा इस साल प्रतिबंध लगाए जाने के बाद पिछले कुछ महीनों से उद्योग के लिए परेशानी का सबब बनी हुई हैं।

इस नवाचार के केंद्र में सिंपल एनर्जी की आंतरिक अनुसंधान एवं विकास टीम द्वारा विकसित पेटेंट प्राप्त मोटर आर्किटेक्चर है। कई वर्षों से हाई टॉर्क डेंसिटी और कॉम्पैक्ट आकार के कारण इलेक्ट्रिक वाहनों की मोटरों में दुर्लभ मैग्नेट का उपयोग स्वाभाविक रूप से चलन बन गया है। इसलिए इस संकट ने स्थानीयकरण प्रयासों की सख्त जरूरत बढ़ाई। सिंपल एनर्जी ने अपने विनिर्माण और आपूर्ति श्रृंखला संचालन में 95 प्रतिशत स्थानीयकरण हासिल कर लिया है।

सिंपल एनर्जी के मुख्य कार्या​धिकारी एवं सह-संस्थापक सुहास राजकुमार ने कहा, ‘वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान और भौतिक निर्भरता ने स्पष्ट कर दिया है कि इलेक्ट्रिक मोबिलिटी का भविष्य आत्मनिर्भरता पर आधारित होना चाहिए। व्यापक स्थानीयकरण और ‘मेक इन इंडिया’ दृष्टिकोण अब आकांक्षाएं नहीं बल्कि अनिवार्यताएं हैं।’

कंपनी का तमिलनाडु के होसुर में 2,00,000 वर्ग फुट में निर्माण संयंत्र है। नई मोटर श्रृंखला दुर्लभ मैग्नेट पर निर्भरता के बगैर ठीक उसी तरह का ‘बेजोड़ प्रदर्शन’ और टॉर्क-चालित विशेषता मुहैया कराती है।

बाहरी आपूर्तिकर्ताओं पर ​निर्भर रहने वाली कई अन्य ईवी कंपनियों के विपरीत सिंपल एनर्जी अपनी मोटरें डिजाइन एवं तैयार करती है। इससे उसको पुनरावृत्तियों, परीक्षण और इस्तेमाल पर पूर्ण नियंत्रण मिलता है, जिसके बारे में कंपनी का दावा है कि इससे उसे प्रतिस्पर्धियों से बेहतर आंतरिक समाधान तैयार करने में मदद मिली है।

इस महत्वपूर्ण कच्चे माल की कमी ने बजाज ऑटो जैसी कंपनियों को परेशान कर दिया था और उन्हें जुलाई-अगस्त में आपूर्ति संबंधी दबाव से जूझना पड़ा था। अगस्त के तीसरे सप्ताह में कंपनी ने कहा कि उसने आगामी त्योहारी सीजन के दौरान उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए दुर्लभ मैग्नेट और अन्य प्रमुख सामग्रियों की आपूर्ति सुनिश्चित कर ली है।

सुहास राजकुमार और श्रेष्ठ मिश्र द्वारा वर्ष 2019 में स्थापित सिंपल एनर्जी ने बालमुरुगन अरुमुगम, विपुल खन्ना, देसाई फैमिली ऑफिस (अपार इंडस्ट्रीज के प्रमोटर), हरन फैमिली ऑफिस, डॉ. ए वेलुमणि के फैमिली ऑफिस और वासावी ग्रुप सहित प्रमुख निवेशकों से प्री-सीरीज ए और सीरीज ए फंडिंग में 4.1 करोड़ डॉलर से अधिक की राशि हासिल की है। कंपनी दो वाहन बेचती है – सिंपल वन जेन 1.5 (248 किमी) और सिंपल वनएस (181 किमी)।

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First Published - September 16, 2025 | 10:52 PM IST

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