facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

नकदी संकट से जूझ रही Spicejet जुटाएगी 2,250 करोड़ रुपये, 64 निवेशकों में कौन-कौन शामिल?

Advertisement

Spicejet ने चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 449.04 करोड़ रुपये का समेकित शुद्ध घाटा दर्ज किया जो एक साल पहले की समान तिमाही में दर्ज शुद्ध घाटे के मुकाबले 46 फीसदी कम है।

Last Updated- December 12, 2023 | 10:53 PM IST
SpiceJet

नकदी संकट से जूझ रही विमानन कंपनी स्पाइसजेट के बोर्ड ने 64 निवेशकों से 2,250 करोड़ रुपये की ताजा पूंजी जुटाने की योजना को आज मंजूरी दी। इन निवेशकों में वित्तीय संस्थानों के अलावा विदेशी संस्थागत निवेशक, धनाढ्य व्य​क्ति और निजी निवेशक शामिल हैं। विमानन कंपनी शेयर और वारंट जारी करते हुए यह रकम जुटाएगी।

विमानन कंपनी पिछली कई तिमाहियों से नकदी किल्लत का सामना कर रही है। इसके अलावा पूर्व मालिक कलानिधिमारन, वित्तीय सेवा फर्म क्रेडिट सुइस और विमान एवं इंजन पट्टादाताओं के बकाये के मामले में उसे वि​भिन्न अदालतों में मुकदमों से भी जूझना पड़ रहा है।

स्पाइसजेट ने चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 449.04 करोड़ रुपये का समेकित शुद्ध घाटा दर्ज किया जो एक साल पहले की समान तिमाही में दर्ज शुद्ध घाटे के मुकाबले 46 फीसदी कम है।

स्पाइसजेट के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक अजय सिंह ने कहा, ‘जुलाई से सितंबर तिमाही विमानन उद्योग के लिए ऐतिहासिक तौर पर चुनौतीपूर्ण रही है। इस साल ईंधन कीमतों में तेजी के कारण चुनौतियां बढ़ गईं जिससे परिचालन लागत प्रभावित हुई।’

स्टॉक एक्सचेंज को दी जानकारी में विमानन कंपनी ने कहा है कि वह 2,250 करोड़ रुपये जुटाने के लिए 64 निवेशकों को 32 करोड़ शेयर और 13 करोड़ वारंट जारी करेगी। निर्गम मूल्य 50 रुपये प्रति शेयर/वारंट होगा। इन निवेशकों में इलारा इंडिया अपरच्युनिटीज फंड, एरीज अपरच्युनिटीज फंड, महापात्र यूनिवर्सल लिमिटेड, नेक्सस ग्लोबल फंड, प्रभुदास लीलाधर और रेजोनेंस अपरच्युनिटीज फंड शामिल हैं।

सिंह ने कहा कि इस रकम से विमानन कंपनी की वित्तीय ​स्थिति मजबूत होगी, ऋण बोझ घटाने में मदद मिलेगी और परिचालन क्षमता में सुधार होगा। आज बाजार बंद होने पर स्पाइसजेट का बाजार पूंजीकरण 3,917 करोड़ रुपये था।

सिंह और उनसे संबं​धित इकाइयों की इस विमानन कंपनी में 56.53 फीसदी हिस्सेदारी है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि नए निवेशकों को शेयर/ वारंट जारी किए जाने के बाद उनकी शेयर हिस्सेदारी में क्या बदलाव होगा। स्पाइसजेट वि​भिन्न तरीकों से रकम जुटाती रही है।

साल 2022-23 में उसने केंद्र सरकार की आपाकालीन उधारी योजना ईसीएलजीएस के तहत 449.8 करोड़ रुपये जुटाए थे। उसके बाद साल 2023-24 में भी उसने ईसीएलजीएस के जरिये 541.3 करोड़ रुपये की अतिरिक्त पूंजी जुटाई।

विमानन कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज को जानकारी दी है कि उसे एक संभावित निवेशक से गैर-बाध्यकारी टर्म-शीट प्राप्त हुई है। विमानन कंपनी उसके जरिये भी रकम जुटाने पर विचार कर रही है।

विमानन विश्लेषण फर्म सिरियम के अनुसार, स्पाइसजेट फिलहाल हर सप्ताह करीब 1,430 उड़ानों का संचालन करती है जो एक साल पहले के मुकाबले 23 फीसदी कम है। विमानन कंपनी 2018-19 से ही घाटा दर्ज कर रही है। पिछले साल उसने 1,513 करोड़ रुपये का समेकित शुद्ध घाटा दर्ज किया था।

अगस्त में खुद सिंह ने स्पाइसजेट में 494.1 करोड़ रुपये झोंके थे और उसके बदले उनकी कंपनियों को ताजा इक्विटी एवं वारंट जारी किए गए थे। उसके कुछ ही दिनों बाद पट्टादाता कार्लाइल एविएशन पार्टनर्स ने 48 रुपये प्रति शेयर भाव पर 5.91 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी थी।

विमान एवं इंजन पट्टे पर देने वाली तमाम कंपनियों ने अपने बकाये के भुगतान के लिए राष्ट्रीय कंपनी विधिक पंचाट में स्पाइसजेट के खिलाफ शिकायत की है। क्रेडिट सुइस और स्पाइसजेट के बीच कानूनी लड़ाई 2015 से ही चल रही थी। सितंबर में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश के बाद विमानन कंपनी ने उसे 15 लाख डॉलर का भुगतान किया।

मारन के साथ सिंह का विवाद 2015 में उस दौरान शुरू हुआ जब मारन ने स्पाइसजेट में अपनी 58.46 फीसदी हिस्सेदारी महज 2 रुपये में बेच दी थी। इसी साल 29 मई को दिल्ली उच्च न्यायालय ने स्पाइसजेट को आदेश दिया कि वह मारन को 380 करोड़ रुपये का भुगतान करे।

7 जुलाई को सर्वोच्च न्यायालय ने भुगतान के लिए अवधि बढ़ाने संबंधी स्पाइसजेट की याचिका को खारिज कर दिया। अंतत: विमानन कंपनी ने मारन को 100 करोड़ रुपये बकाये का भुगतान किया।

Advertisement
First Published - December 12, 2023 | 10:53 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement