भारती एंटरप्राइजेज के चेयरमैन सुनील भारती मित्तल अब अगले 10 साल की बड़ी तैयारी में जुट गए हैं। देश की दूसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी भारती एयरटेल में प्रमोटर ग्रुप की हिस्सेदारी बढ़ाकर 51 प्रतिशत से ऊपर ले जाना उनका बड़ा लक्ष्य है। मित्तल का कहना है कि जब वह अगले दशक में धीरे-धीरे कंपनी की कमान नई पीढ़ी को सौंपेंगे, तब तक एयरटेल में प्रमोटर ग्रुप की हिस्सेदारी फिर से कंट्रोलिंग लेवल पर पहुंच जानी चाहिए। इसी योजना के तहत कंपनी डिविडेंड और शेयर बायबैक जैसे कदमों का इस्तेमाल करेगी। इस खबर के बाद गुरुवार को एयरटेल के शेयर में भी जोरदार तेजी देखने को मिली और शेयर 5 प्रतिशत से ज्यादा चढ़ गया।
मार्च 2026 तिमाही के नतीजों के बाद निवेशकों से बातचीत में सुनील मित्तल ने कहा कि उनकी इच्छा है कि अगले 10 साल में Bharti Telecom की हिस्सेदारी एयरटेल में 51 प्रतिशत या उससे ज्यादा हो जाए। उन्होंने कहा कि अभी इस लक्ष्य तक पहुंचने के लिए करीब 10 प्रतिशत हिस्सेदारी और बढ़ानी होगी, जो इतनी बड़ी कंपनी के लिए आसान काम नहीं है। मित्तल चाहते हैं कि प्रमोटर ग्रुप की ज्यादातर हिस्सेदारी Bharti Telecom के तहत आ जाए, क्योंकि यही कंपनी एयरटेल की मूल प्रमोटर कंपनी है।
बुधवार को एयरटेल के बोर्ड ने 28,200 करोड़ रुपये के शेयर-स्वैप सौदे को मंजूरी दी थी। इसके तहत कंपनी Airtel Africa में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाएगी। इस डील में प्रमोटर ग्रुप की कंपनी Indian Continent Investment Limited यानी ICIL को एयरटेल के नए शेयर दिए जाएंगे। इसके बदले ICIL Airtel Africa में 16.3 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदेगी। इस सौदे के बाद Airtel Africa में Bharti Airtel की अप्रत्यक्ष हिस्सेदारी बढ़कर 79.04 प्रतिशत हो जाएगी। वहीं ICIL की हिस्सेदारी भी एयरटेल में बढ़ सकती है।
सुनील मित्तल ने बताया कि सिंगापुर की कंपनी SingTel के पास अभी एयरटेल में करीब 7 प्रतिशत सीधी हिस्सेदारी है। आने वाले कुछ सालों में SingTel अपनी हिस्सेदारी धीरे-धीरे कम कर सकती है। मित्तल के मुताबिक अगले 3 से 4 साल में हर साल 1 प्रतिशत से कम हिस्सेदारी बेचकर SingTel अपनी हिस्सेदारी Bharti Telecom के बराबर ला सकती है।
मित्तल ने कहा कि कंपनी का प्लान सिर्फ हिस्सेदारी बढ़ाना नहीं है, बल्कि इसके लिए मजबूत कैश फ्लो तैयार करना भी है। इसके लिए एयरटेल लगातार ज्यादा डिविडेंड देने और समय-समय पर शेयर बायबैक करने की योजना पर काम करेगी। इससे Bharti Telecom के पास ज्यादा शेयर खरीदने की ताकत आएगी। उन्होंने कहा कि उनका सबसे बड़ा सपना यही है कि एयरटेल की हिस्सेदारी वापस Bharti Telecom के पास मजबूत तरीके से पहुंचे।
सुनील मित्तल ने यह भी साफ किया कि आने वाले 7 से 8 साल में एयरटेल Africa में भी अपनी हिस्सेदारी और बढ़ाएगी। ब्रिटेन के नियमों के मुताबिक कंपनी वहां 90 प्रतिशत तक हिस्सेदारी रख सकती है और मित्तल चाहते हैं कि एयरटेल धीरे-धीरे उस स्तर तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि Airtel Africa का बायबैक प्रोग्राम भी इसमें मदद करेगा। अगर भविष्य में किसी निवेशक की हिस्सेदारी खरीदने का मौका मिलता है, तो एयरटेल उसे भी देखेगी। मित्तल का मानना है कि Africa बिजनेस से ज्यादा कमाई भारत की मूल कंपनी Bharti Airtel तक पहुंचेगी, जिससे शेयरधारकों को और फायदा मिलेगा।
सुनील मित्तल ने भारतीय IT कंपनियों पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि कई IT कंपनियां सिर्फ डिविडेंड और बायबैक तक सीमित रह गईं और अपने कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए बड़े अधिग्रहण नहीं किए। उन्होंने साफ कहा कि एयरटेल उस रास्ते पर नहीं चलेगी। कंपनी डिविडेंड और बायबैक तो करेगी, लेकिन साथ में नए बिजनेस अवसरों और विस्तार पर भी ध्यान देगी।
मित्तल ने कहा कि अभी कोई अंतरराष्ट्रीय अधिग्रहण की योजना नहीं है, लेकिन एयरटेल का कुल ग्राहक आधार 80 करोड़ यानी 800 मिलियन तक पहुंचना अब ज्यादा दूर नहीं है।