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फ्यूचर ग्रुप डील में Amazon को बड़ी राहत, सुप्रीम कोर्ट ने रद्द किया ₹202 करोड़ का जुर्माना

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सुप्रीम कोर्ट ने CCI और NCLAT के आदेशों को खारिज करते हुए अमेजन-फ्यूचर ग्रुप निवेश समझौते पर लगी रोक हटाई।

Last Updated- May 27, 2026 | 1:19 PM IST
Supreme Court
Representational Image

फ्यूचर ग्रुप (Future Group) से डील के मामले में सुप्रीम कोर्ट से अमेरिकी ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन (Amazon) को बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) के जून 2022 के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें अमेजन की फ्यूचर ग्रुप के साथ निवेश समझौते पर लगी एंटी-ट्रस्ट रोक के खिलाफ दायर अपील खारिज कर दी गई थी।

जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) के 17 दिसंबर 2021 के उस आदेश को भी रद्द कर दिया, जिसमें अमेजन पर 202 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया था और फ्यूचर ग्रुप के साथ उसकी डील को निलंबित कर दिया गया था।

‘आठ सप्ताह के भीतर वापस हो रकम’

फैसला सुनाते हुए जस्टिस नाथ ने कहा, “ऊपर दर्ज निष्कर्षों के मद्देनजर अपील स्वीकार की जाती है। NCLAT द्वारा 13 जून 2022 को दिया गया फैसला और CCI का 17 दिसंबर 2021 का आदेश रद्द किया जाता है।”

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर इन आदेशों के तहत अमेजन से कोई राशि जमा कराई गई थी या वसूली गई थी, तो उसे आठ सप्ताह के भीतर वापस किया जाए। पीठ ने यह फैसला अमेजन की ओर से दायर उस याचिका पर सुनाया, जिसमें NCLAT के जून 2022 के आदेश को चुनौती दी गई थी।

अमेजन क्यों पहुंचा सुप्रीम कोर्ट?

  • अमेजन ने सुप्रीम कोर्ट में NCLAT के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) के फैसले को बरकरार रखा गया था। CCI ने फ्यूचर ग्रुप में अमेजन के 2019 के निवेश को दी गई मंजूरी को निलंबित कर दिया था।
  • 13 जून 2022 के अपने फैसले में NCLAT ने CCI के 17 दिसंबर 2021 के आदेश को सही ठहराया था। इस आदेश में फ्यूचर रिटेल लिमिटेड की प्रमोटर कंपनी फ्यूचर कूपंस प्राइवेट लिमिटेड (FCPL) में अमेजन की 49 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने की मंजूरी रद्द कर दी गई थी।
  • अपीलीय ट्रिब्यूनल ने प्रतिस्पर्धा अ​धि​नियम, 2002 के तहत डील से जुड़ी जानकारी छिपाने के आरोप में अमेजन पर लगाए गए 200 करोड़ रुपये के जुर्माने को भी बरकरार रखा था।
  • NCLAT के सामने CCI ने दलील दी थी कि अमेजन के लिए निवेश के पीछे के आर्थिक और रणनीतिक उद्देश्यों का पूरी तरह खुलासा करना जरूरी था।
  • नियामक ने आरोप लगाया था कि अमेजन ने इस डील के दायरे और उद्देश्य को गलत तरीके से पेश किया और फ्यूचर रिटेल में अपनी रणनीतिक रुचि की जानकारी नहीं दी।
  • वहीं, अमेजन का कहना था कि निवेश से जुड़े सभी जरूरी दस्तावेज प्रतिस्पर्धा आयोग के सामने पेश किए गए थे।
  • CCI के निष्कर्षों से सहमत होते हुए NCLAT ने कहा था कि अमेजन ने फ्यूचर रिटेल से जुड़ी अपनी रणनीतिक योजनाओं का पूरा खुलासा नहीं किया।
  • फ्यूचर ग्रुप ने भी नियामक के सामने कहा था कि इस डील के अहम उद्देश्यों और इसके पीछे की वजहों की पूरी जानकारी साझा नहीं की गई थी।

PTI इनपुट के साथ

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First Published - May 27, 2026 | 1:19 PM IST

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