facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

Swiggy का अगला लक्ष्य, 300-500 मिलियन उपभोक्ताओं तक पहुंचना

Advertisement

मजेटी के अनुसार, फूड डिलीवरी का कारोबार वर्तमान में अच्छा विस्तार देख रहा है और इसकी विकास दर अगले 10 सालों में लगभग 20 प्रतिशत सालाना रहने की उम्मीद है।

Last Updated- November 04, 2024 | 10:39 PM IST
Sriharsha Majety, Co-Founder & CEO, Swiggy

देश की अग्रणी फूड डिलीवरी कंपनी स्विगी का 11,327 करोड़ रुपये का आईपीओ बुधवार से शुरू हो रहा है। कंपनी के को-फाउंडर और सीईओ श्रीहर्ष मजेटी ने कहा कि आने वाले सालों में स्विगी के 100 मिलियन यूजर्स हर महीने औसतन 15 बार इसका इस्तेमाल करेंगे। उनका मानना है कि अगले एक-दो दशकों में फूड डिलीवरी बिजनेस तेजी से बढ़ेगा और अधिक मुनाफा कमाएगा।

मजेटी के अनुसार, फूड डिलीवरी का कारोबार वर्तमान में अच्छा विस्तार देख रहा है और इसकी विकास दर अगले 10 सालों में लगभग 20 प्रतिशत सालाना रहने की उम्मीद है। बेहतर यूनिट कॉस्ट और ऑपरेटिंग मार्जिन में सुधार के कारण यह एक मजबूत कॉम्पाउंडिंग बिजनेस बनेगा। उन्होंने कहा कि भारत में उपभोक्ता मांग, प्रति व्यक्ति जीडीपी और कामकाजी महिलाओं की बढ़ती संख्या से फूड डिलीवरी का कारोबार और भी बड़ा और मुनाफेदार बनेगा।

स्विगी का अगला लक्ष्य अपनी सेवाओं का विस्तार करते हुए 300-500 मिलियन उपभोक्ताओं तक पहुंचना है। मजेटी ने कहा, “हम वर्तमान में भारत के टॉप 150 मिलियन उपभोक्ताओं को सेवाएं दे रहे हैं। आने वाले 10-20 सालों में देश की जीडीपी में बढ़ोतरी के साथ हम 300-500 मिलियन उपभोक्ताओं को सेवाएं प्रदान करने की स्थिति में होंगे।”

इसके अलावा, स्विगी का मानना है कि क्विक कॉमर्स भविष्य में इसका बड़ा ग्रोथ इंजन बन सकता है। अगले पांच सालों में यह कोर फूड डिलीवरी बिजनेस को पीछे छोड़ने की क्षमता रखता है। इस समय स्विगी का क्विक कॉमर्स बिजनेस उसके कुल फूड डिलीवरी राजस्व का 40 प्रतिशत है, लेकिन इसकी कुल बाजार क्षमता 2028 तक $30-$50 बिलियन तक पहुंच सकती है।

मजेटी ने बताया कि स्विगी की क्विक कॉमर्स सेवाएं वर्तमान में 30 से अधिक नॉन-मेट्रो शहरों में उपलब्ध हैं और कंपनी इसे और अधिक शहरों में विस्तार देगी। प्रत्येक नए शहर से कंपनी को फीडबैक मिलता है, जिससे सेवाओं को और बेहतर बनाने में मदद मिलती है।

स्विगी की स्थापना 2014 में श्रीहर्ष मजेटी, नंदन रेड्डी और राहुल जैमिनी ने की थी।

स्विगी लिमिटेड बुधवार को अपना आईपीओ लॉन्च करने जा रही है, जो शुक्रवार को बंद होगा। इस आईपीओ में 4,499 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी किए जाएंगे और 17.5 करोड़ शेयरों की बिक्री पेशकश शामिल है। प्रति शेयर मूल्य 371 से 390 रुपये के बीच रहने की संभावना है, जिसके ऊपरी बैंड पर कंपनी करीब 11,327 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखती है।

वित्तीय वर्ष 2024 में स्विगी की ऑपरेशन आय में साल-दर-साल 36 प्रतिशत की बढ़त हुई, जो 11,247 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। यह वृद्धि कंपनी की ‘इंस्टामार्ट’ और आउट-ऑफ-होम खपत व्यवसाय के मजबूत प्रदर्शन से संभव हो सकी। कंपनी ने इस दौरान अपने वार्षिक शुद्ध घाटे को घटाकर 2,350 करोड़ रुपये कर लिया, जो पिछले साल की तुलना में 44 प्रतिशत कम है।

स्विगी के अनुसार, “हमारे प्लेटफॉर्म पर 1.4 करोड़ से अधिक यूजर्स हाई फ्रीक्वैंसी के साथ लेन-देन करते हैं। इसका औसत 4.5 बार है। हमारी 3.9 लाख से अधिक डिलीवरी पार्टनर्स के विस्तृत नेटवर्क ने इस बढ़ोतरी को संभव बनाया है।”

Advertisement
First Published - November 4, 2024 | 10:39 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement