facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

33,350 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड इक्विटी डिविडेंड हासिल करेगी टाटा संस

Advertisement
Last Updated- May 17, 2023 | 10:39 PM IST
Tata Sons IPO a moral and social imperative, says Shapoorji Pallonji group

टाटा संस वित्त वर्ष 23 के लिए समूह की सूचीबद्ध कंपनियों से लगभग 33,350 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड शीर्ष स्तर का इक्विटी लाभांश (डिविडेंड) अर्जित करने वाला है, जो वित्त वर्ष 22 के 14,529 के मुकाबले में 130 प्रतिशत अधिक है। इसका श्रेय समूह की अच्छी कमाई करने वाली कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) द्वारा किए जाने वाले बड़े भुगतान को जाता है। इसमें से करीब 90 प्रतिशत या करीब 30,500 करोड़ रुपये टाटा संस को मिलने का अनुमान है, जबकि शेष राशि वित्त वर्ष 24 के लाभ और हानि खाते में आएगी।

ऐसा इसलिए है क्योंकि वित्त वर्ष 2023 के लिए टीसीएस द्वारा लाभांश भुगतान का लगभग 80 प्रतिशत वित्त वर्ष खत्म होने से पहले तीन तिमाहियों की अंतरिम किस्तों के जरिये किया गया था और इस साल जनवरी में विशेष किस्त थी। इसकी तुलना में टाटा स्टील, टाटा मोटर्स, टाइटन, टाटा कंज्यूमर और टाटा पावर जैसी समूह की अन्य कंपनियां वित्त वर्ष की समाप्ति के बाद लाभांश का भुगतान करती हैं।

टाटा संस को वित्त वर्ष 23 में टीसीएस से 30,418 करोड़ रुपये की लाभांश आय अर्जित करने की उम्मीद है, जो वित्त वर्ष 22 की 11,374 करोड़ रुपये से अधिक है। यह टाटा संस को वित्त वर्ष 23 में आईसीआईसीआई बैंक के बाद देश की सातवीं सबसे अधिक लाभ वाली कंपनी बना देगा। आईसीआईसीआई बैंक ने हाल ही में समाप्त होने वाले वित्त वर्ष में Rs 34,036 करोड़ का शुद्ध लाभ दर्ज किया है।

इस विश्लेषण में माना जा रहा है कि टाटा संस की लाभांश आय उसका शुद्ध लाभ है। लाभांश के अलावा टाटा संस अपने ट्रेजरी परिचालनों से ब्याज, समूह की कंपनियों से ब्रांड शुल्क और निवेश की बिक्री पर लाभ अर्जित करता है। पिछले पांच साल में टीसीएस द्वारा शेयर पुनर्खरीद और लाभांश से प्राप्त आय की हिस्सेदारी टाटा संस के राजस्व में औसतन 96 प्रतिशत रही है।

इसके परिणामस्वरूप विश्लेषकों को उम्मीद है कि टाटा संस वित्त वर्ष 23 में सर्वाधिक राजस्व और लाभ दर्ज करेगी। इसने वित्त वर्ष 22 में 24,177 करोड़ रुपये का राजस्व और 17,171 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया था। वित्त वर्ष 22 में मूल कंपनी द्वारा लाभांश (कुल घोषित लाभांश) और समूह की सूचीबद्ध फर्मों से शेयर पुनर्खरीद के जरिये लगभग 27,500 करोड़ रुपये अर्जित किए जाने का अनुमान हैं।

टीसीएस ने मार्च 2022 में शेयर पुनर्खरीद पर 18,000 करोड़ रुपये खर्च किए थे। इसमें से 13,000 करोड़ रुपये टाटा संस को प्राप्त हुए थे। टीसीएस ने वित्त वर्ष 23 में 42,090 करोड़ रुपये का सर्वाधिक इक्विटी लाभांश घोषित किया है, जो वित्त वर्ष 22 के 15,738 करोड़ से 167 प्रतिशत अधिक है। वित्त वर्ष 23 में टाटा संस के लाभांश में टाटा स्टील 1,427 करोड़ रुपये के साथ दूसरी सबसे बड़ी योगदानकर्ता है। इसके बाद करीब 298 करोड़ रुपये के साथ टाटा मोटर्स का स्थान है।

Advertisement
First Published - May 17, 2023 | 10:39 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement