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Tata Steel का बड़ा कदम: UK में 1.25 बिलियन पाउंड के ग्रीन स्टील प्लांट की रखी नींव, 90% तक घटेगा कार्बन उत्सर्जन

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टाटा स्टील ने UK के पोर्ट टैलबोट में 1.25 बिलियन पाउंड के ग्रीन स्टील प्रोजेक्ट की शुरुआत की है, जिससे कार्बन उत्सर्जन 90 फीसदी तक घटेगा और हजारों नौकरियां सुरक्षित होंगी।

Last Updated- July 14, 2025 | 8:16 PM IST
Tata Steel
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

टाटा ग्रुप के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने सोमवार को UK के पोर्ट टैलबोट में एक खास समारोह में हिस्सा लिया। इस मौके पर उन्होंने 1.25 बिलियन पाउंड के ग्रीन स्टील प्रोजेक्ट की नींव रखी। यह प्रोजेक्ट टाटा स्टील की उस कोशिश का हिस्सा है, जिसमें कंपनी पुराने ब्लास्ट फर्नेस सिस्टम को छोड़कर कम कार्बन उत्सर्जन वाले इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस (EAF) की ओर बढ़ रही है। इस नए कदम से पोर्ट टैलबोट में कार्बन उत्सर्जन को 90 फीसदी तक कम करने का लक्ष्य है।

इस समारोह में चंद्रशेखरन के साथ टाटा स्टील के CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर टी वी नरेंद्रन और टाटा स्टील UK के CEO राजेश नायर भी मौजूद थे। यह प्रोजेक्ट UK सरकार के 500 मिलियन पाउंड के निवेश से सपोर्ट किया जा रहा है।

टाटा स्टील और UK सरकार की इस साझेदारी को ब्रिटेन में स्टील इंडस्ट्री के लिए सबसे बड़ा निवेश माना जा रहा है। इस प्रोजेक्ट से टाटा स्टील UK में करीब 5,000 नौकरियों को सुरक्षित करने में मदद मिलेगी।

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90 फीसदी कार्बन उत्सर्जन में कटौती का लक्ष्य

टाटा स्टील का यह नया इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस 2027 के अंत तक शुरू होने की उम्मीद है। यह प्लांट स्थानीय स्तर पर उपलब्ध स्क्रैप का इस्तेमाल करेगा, जिससे कार्बन उत्सर्जन में भारी कमी आएगी। कंपनी का दावा है कि यह प्रोजेक्ट पोर्ट टैलबोट में हर साल 50 लाख टन कार्बन डाइऑक्साइड को कम करेगा। अगले दस सालों में यह आंकड़ा 5 करोड़ टन तक पहुंच सकता है।

चंद्रशेखरन ने इस मौके पर कहा, “यह दिन टाटा ग्रुप, टाटा स्टील और UK के लिए बेहद खास है। हम न सिर्फ एक नया प्लांट बना रहे हैं, बल्कि ब्रिटेन में सस्टेनेबल मैन्युफैक्चरिंग का नया दौर शुरू कर रहे हैं। यह प्रोजेक्ट नौकरियों को बचाने, इनोवेशन को बढ़ावा देने और जिम्मेदार उद्योग की मिसाल बनेगा।”

UK के बिजनेस सेक्रेटरी जोनाथन रेनॉल्ड्स ने इसे सरकार की इंडस्ट्रियल स्ट्रैटेजी का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा, “यह प्रोजेक्ट वेल्श स्टील इंडस्ट्री के लिए शानदार खबर है। हमारी सरकार ने 500 मिलियन पाउंड का निवेश कर इस प्रोजेक्ट को मुमकिन बनाया है। यह कदम न सिर्फ नौकरियों को बचाएगा, बल्कि पूरे देश में विकास को गति देगा।”

वेल्स की फर्स्ट मिनिस्टर एलुनेड मॉर्गन ने भी इस प्रोजेक्ट को वेल्स के हेवी इंडस्ट्री के लिए ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा, “यह प्रोजेक्ट पोर्ट टैलबोट में स्टीलमेकिंग को लंबे समय तक जिंदा रखेगा। टाटा का स्थानीय ठेकेदारों और मजदूरों को मौका देने का फैसला भी सराहनीय है।”

टाटा स्टील UK का पोर्ट टैलबोट प्लांट ब्रिटेन का सबसे बड़ा स्टीलवर्क्स है, जिसकी सालाना क्षमता 30 लाख टन है। कंपनी यहां करीब 8,000 लोगों को रोजगार देती है। इस बदलाव के लिए कंपनी ने अपने पुराने ब्लास्ट फर्नेस ऑपरेशंस को चरणबद्ध तरीके से बंद किया, जिसके खिलाफ मजदूरों ने विरोध भी किया। फिलहाल, टाटा स्टील UK अपने ग्राहकों की जरूरतों को पूरा करने के लिए भारत और नीदरलैंड से कच्चा माल मंगा रही है।

यह प्रोजेक्ट टाटा ग्रुप के UK में स्टील, ऑटोमोटिव और टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में बड़े निवेश का हिस्सा है। चंद्रशेखरन ने इसे UK के साथ टाटा की लंबी और मजबूत साझेदारी का प्रतीक बताया। वेल्स की सेक्रेटरी ऑफ स्टेट जो स्टीवंस ने कहा, “हमारी सरकार ने तेजी से कदम उठाए ताकि पोर्ट टैलबोट में स्टीलमेकिंग का भविष्य सुरक्षित रहे। इसके लिए 80 मिलियन पाउंड का सपोर्ट भी मजदूरों और स्थानीय समुदाय के लिए दिया गया है।”

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First Published - July 14, 2025 | 8:12 PM IST

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