मुंबई के कफ परेड पर टाटा ट्रस्ट्स के कार्यालय में 26वीं मंजिल के बोर्डरूम में शुक्रवार सुबह एक अहम बैठक रखी गई थी। लेकिन सुबह 9 बजे जब निदेशक मंडल की बैठक शुरू होनी थी, तब वह कमरा खाली था। कुछ ट्रस्टी, जो वर्चुअल माध्यम से जुड़ना चाहते थे, बैठक शुरू होने का इंतजार करते रहे। कुछ मिनटों बाद टाटा ट्रस्ट्स के एक अधिकारी ने ईमेल भेजा। इसमें कहा गया कि बैठक को 16 मई तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। दिलचस्प है कि एक दिन पहले बंबई उच्च न्यायालय ने इस बैठक पर रोक लगाने की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया।
जानकार सूत्रों के अनुसार टाटा ट्रस्ट्स के लिए इस तरह की बैठक के कार्यक्रम में अंतिम समय में फेरबदल करना असामान्य बात है। टाटा ट्रस्ट्स के पास टाटा संस में लगभग 66 प्रतिशत हिस्सेदारी है। टाटा संस नमक से लेकर सॉफ्टवेयर क्षेत्र तक में कारोबार करने वाले इस समूह की होल्डिंग कंपनी है। एक सूत्र ने निदेशक मंडल की बैठक के ‘संवेदनशील एजेंडे’ को इसका संभावित कारण बताया जिसकी वजह से इसे फिलहाल रद्द करना पड़ा।
सूत्र ने बताया कि इस पूरे मामले के केंद्र में ‘वीटो पावर’ संबंधी चिंता है, जिसका इस्तेमाल टाटा संस के निदेशक मंडल में टाटा ट्रस्ट्स के नामित निदेशक द्वारा किया जा सकता है। यह चिंता 8 मई की बैठक के एजेंडे से जुड़ी है। टाटा संस के आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन के अनुच्छेद 121ए के अनुसार टाटा ट्रस्ट्स द्वारा नामित निदेशकों को निदेशक मंडल के अहम फैसलों के संबंध में वीटो पावर मिलती है, जिसमें निवेश और नेतृत्व में बदलाव भी शामिल हैं।
शुक्रवार की बैठक का मुख्य एजेंडा टाटा संस के निदेशक मंडल में नामित निदेशकों के लिए टाटा ट्रस्ट्स के प्रतिनिधित्व की समीक्षा करना था। फिलहाल टाटा संस के निदेशक मंडल में टाटा ट्रस्ट्स के दो नामित निदेशक हैं – टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा और टाटा ट्रस्ट्स के वाइस-चेयरमैन वेणु श्रीनिवासन। टाटा ट्रस्ट्स के दूसरे वाइस-चेयरमैन विजय सिंह सितंबर 2025 तक टाटा संस के निदेशक मंडल में तीसरे नामित निदेशक थे, जब टाटा ट्रस्ट्स के भीतर दो गुटों के बीच टकराव के कारण उन्हें पद छोड़ना पड़ा था।
अगर एजेंडे में बताई गई समीक्षा की वजह से श्रीनिवासन को टाटा संस के निदेशक मंडल से हटना पड़ता है, तो नोएल टाटा उसमें अकेले नामित निदेशक रह जाएंगे। फरवरी 2026 में हुई टाटा संस के निदेशक मंडल की पिछली बैठक में नोएल टाटा ने फरवरी 2027 से शुरू होने वाले तीसरे कार्यकाल के लिए एन चंद्रशेखरन को टाटा संस का चेयरमैन दोबारा नियुक्त किए जाने पर सवाल उठाए थे। टाटा संस के निदेशक मंडल की अगली बैठक जून में होने की उम्मीद है।
टाटा ट्रस्ट्स की बैठक में जिस अन्य अहम मसले पर चर्चा होने की उम्मीद है, वह है शेयर बाजार में टाटा संस की सूचीबद्धता। टाटा ट्रस्ट्स के दो वाइस-चेयरमैन – उद्योगपति वेणु श्रीनिवासन और पूर्व अफसरशाह विजय सिंह ने हाल में टाटा संस की इस सूचीबद्धता के पक्ष में अपनी राय जताई थी। उन्होंने इसकी वजह यह बताई कि समूह ने जिन नए कारोबारों में कदम रखा है, उनमें ज्यादा पूंजी की जरूरत है। जबकि नोएल टाटा इस सूचीबद्धता के खिलाफ हैं और टाटा ट्रस्ट्स ने कुछ महीने पहले ही इस बारे में एक प्रस्ताव पारित किया था।